Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में दूध पीना चाहिए या नहीं? डॉक्टर से जानें फायदेमंद है या नुकसानदायक

प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में दूध पीना फायदेमंद होता है। दूध में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। जानें, प्रेग्नेंट महिलाओं को एक दिन में कितनी मात्रा में दूध पीना चाहिए।

प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला को अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्हें जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और प्रीसर्व्ड फूड से पूरी तरह दूरी बनाए रखनी चाहिए। इनमें पोषक तत्वों की कमी होती है और अनहेल्दी फैट पाए जाते हैं, जो कि बच्चों की ग्रोथ पर नकारात्मक असर डालते हैं। बहरहाल, प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में महिलाओं को हेल्दी चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए, जैसे मौसमी सब्जियां और फल खाएं। यहां एक सवाल मन में उठता है कि क्या प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में महिलाओं को दूध पीना चाहिए? आइए, Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में दूध पीना चाहिए या नहीं?

प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में दूध पिएं या नहीं?

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एनएचएस में प्रकाशित एक लेख पर यकीन करें, तो प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं दूध और दूध से बने प्रोडक्ट का सेवन कर सकती हैं। इसमें दही, क्रीम, छाछ, चीज, कॉटेज चीज, पनीर आदि शामिल हैं। वहीं, डॉ. शोभा गुप्ता इस संबंध में राय देती हैं, "प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में महिलाओं को दूध जरूर पीना चाहिए। यह कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन बी12 का बेहतरीन स्रोत है। इसका सेवन करने से गर्भ में पल रहे शिशु का विकास बेहतर तरीके से होता है।" NCBI की एक रिपोर्ट भी यह साबित करती है कि प्रेग्नेंसी में दूध का सेवन करने से गर्भ में पल रहे शिशु का विकास बेहतर तरीके से होता है।

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प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में महिलाएं कितनी मात्रा में दूध पिएं?

डॉ. शोभा गुप्ता की मानें, तो प्रेग्नेंसी महिलाओं को लगभग 400 से 500 मिलीलीटर (ML) दूध पीना चाहिए। वे पाश्चराइज्ड, लो फैट और फैट फ्री मिल्क का सेवन रोजाना कर सकती हैं। इसका सेवन करने से न सिर्फ वजन संतुलित रहता है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु का शारीरिक-मानसिक विकास भी अच्छी तरह से होता है।

प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में दूध पीने के फायदे

प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में दूध पीने से गर्भस्थ शिशु को कई लाभ मिलते हैं, जैसे-

  1. दूध में कैल्शियम कंटेंट काफी ज्यादा होता है। इससे हड्डियां और दांतों के विकास पर अच्छा असर पड़ता है।
  2. दूध प्रोटीन का भी बेहतर स्रोत है। इसका सेवन करने से गर्भ में पल रहे शिशु के ऑर्गन का विकास अच्छी तरह होता है।
  3. दूध में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे आयोडीन, विटामिन बी12 और रिबोफ्लेबिन। यह बच्चे के नर्वस सिस्टम को विकसित करने के लिए आवश्यक हैं।
  4. नियमित रूप से दूध पीने के कारण प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं का जोखिम भी कम होता है।

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निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान दूध पी सकती हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व प्रेग्नेंट महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए फायदेमंद होते हैं। हालांकि, इस बात को इग्नोर नहीं करना चाहिए कि अगर महिला को दूध सूट नहीं करता है या वह लैक्टॉस इंटॉलरेंस हैं, तो उन्हें दूध या दूध से बने किसी भी तरह के प्रोडक्ट का सेवन करने से बचना चाहि। दूध के क्या विकल्प हो सकते हैं, इस संबंध में डॉक्टर की राय ले सकते हैं।

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FAQ

  • क्या कच्चा दूध पीना प्रेग्नेंसी में सुरक्षित है?

    प्रेग्नेंसी में कच्चा दूध पीना सही सही नहीं है। हमेशा पाश्चराइज्ड (उबला हुआ) दूध ही पिएं। कच्चे दूध में बैक्टीरिया हो सकता है, जिससे संक्रमध का खतरा बढ़ जाता है।
  • अगर दूध से एलर्जी हो, तो क्या करें?

    अगर दूध से एलर्जी है, तो आप दूध और इससे बनने वाले प्रोडक्ट न पिएं। दूध के बजाय आप सोया मिल्क, बादाम मिल्क जैसे विकल्पों को चुन सकते हैं।
  • क्या रात में दूध पीना ज्यादा फायदेमंद है?

    हां, आप रात को सोने से पहले गुनगुना दूध पी सकते हैं। इससे नींद अच्छी आती है और पाचन क्षमता भी सुधरती है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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