शिशु के जन्म के बाद महिलाओं का शरीर काफी ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है और उसे रिकवर होने में समय लगता है। अगर महिलाओं की सर्जरी हुई है, तो रिकवरी में ज्यादा समय भी लग सकता है और देखभाल की खास जरूरत होती है। गर्मियों में डिलीवरी होने पर महिलाओं को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। इस बारे में हमने Dr. Archana Dhawan Bajaj, gynaecologist and IVF expert at Nurture IVF Clinic से बात की। उन्होंने बताया कि महिलाओं को अपनी डाइट और साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए।
गर्मी में डिलीवरी होने पर महिलाओं के लिए 5 जरूरी टिप्स
डॉ. अर्चना कहती हैं, “ प्रेग्नेंसी के पहले महीने से लेकर डिलीवरी होने तक महिला के शरीर में हार्मोन्स में लगातार उतार-चढ़ाव रहता है, फिर डिलीवरी चाहे नॉर्मल हो या फिर सी-सेक्शन महिला को आराम के साथ देखभाल की जरूरत होती है। गर्मियों में लगातार पसीना आने के कारण डिहाइड्रेशन और इंफेक्शन की समस्या आम देखने को मिलती है। गर्मी की वजह से महिलाओं को चक्कर आना और कमजोरी महसूस हो सकती है।”
गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना
डॉ. अर्चना ने कहा, “डिलीवरी के बाद महिलाएं शिशु को ब्रेस्टफीडिंग कराना शुरू कर देती हैं। गर्मी के मौसम में अगर महिलाएं स्तनपान करा रही हैं, तो शरीर को दूध बनाने के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत होती है। इसलिए महिलाओं को डिलीवरी के बाद गर्मियों में खासतौर पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इसके अलावा, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी, घर का बना हुआ ताजा जूस और सूप भी ले सकती हैं। महिलाओं को बहुत मीठे, कैफीन से भरपूर पैकेज्ड जूस या ड्रिंक्स लेने से परहेज करना चाहिए।”

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बेबी होने के बाद मां की डाइट
डॉ. अर्चना कहती हैं, “गर्मियों में डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपनी डाइट पर भी ध्यान देना चाहिए। आमतौर पर भारतीय परिवारों में डिलीवरी के बाद महिला को बहुत ज्यादा घी और मीठे ड्राई फ्रूट्स से भरपूर लड्डू खिलाए जाते हैं। गर्मियों में इस तरह का भारी खाना महिला के शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। इसका असर मां के दूध पर भी पड़ता है और शिशु को बदहजमी भी हो सकती है। इसलिए गर्मियों में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और विटामिन्स से भरपूर डाइट देनी चाहिए। इसमें दालें, हरी सब्जियां, फल, दही, पनीर और साबुत अनाज शामिल किया जा सकता है। अगर डॉक्टर ने आयरन या कैल्शियम सप्लीमेंट दिए हैं तो उन्हें रेगुलर लेने चाहिए।”
गर्मियों में साफ-सफाई का ध्यान
डॉ. अर्चना के मुताबिक, “गर्मियों में पसीना बहुत ज्यादा आता है, इसलिए महिलाओं को साफ-सूखे, सूती और लूज कपड़े पहनने चाहिए। अगर महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई है, तो उसे पेरिनियल एरिया की सफाई रखनी चाहिए और सी-सेक्शन हुआ है, तो टांकों की सही देखभाल करनी चाहिए। टांके वाली जगह को सूखा और साफ रखना जरूरी है। अगर उसमें किसी तरह की सूजन, पस या तेज दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। महिलाओं को इस दौरान ब्लीडिंग भी काफी ज्यादा होती है, इसलिए सैनिटरी पैड समय-समय पर बदलना भी जरूरी है, ताकि संक्रमण से बचा जा सके।”
मां की नींद पूरी होना जरूरी
डॉ. अर्चना कहती हैं, “डिलीवरी के बाद मां की नींद पूरी होना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे मां का शरीर जल्दी रिकवर होता है। नवजात शिशु की देखभाल में मां अपनी नींद पूरी नहीं कर पाती, इसलिए उसे थकान फिजिकल थकान के साथ मेंटल थकान भी होने लगती है। गर्मियों में डिलीवरी के बाद महिलाओं को शुरुआती हफ्तों में बहुत ज्यादा फिजिकल मेहनत, सीढ़ियां चढ़ना या भारी सामान उठाने से बचना चाहिए।”
शिशु के जन्म के बाद इन लक्षणों को इग्नोर न करें
डॉ. अर्चना ने कहा, “अगर डिलीवरी के बाद मां को तेज बुखार, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, सांस लेने में दिक्कत, लगातार सिरदर्द, पैरों में सूजन या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो इग्नोर न करें। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।”
निष्कर्ष
गर्मियों में शिशु के जन्म के बाद मां के लिए चुनौती होती है कि वह खुद को इंफेक्शन और डिहाइड्रेशन से बचाए, साथ ही नवजात शिशु को भी गर्मी न लगने दें। इसलिए नई मांओं को डिलीवरी के बाद सही न्यूट्रिशन, पर्याप्त पानी और साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए।
FAQ
क्या डिलीवरी के बाद एसी या कूलर में रहना सुरक्षित है?
ध्यान रखें कि हवा सीधे आपके या बच्चे के शरीर पर न लगे। कमरे का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना सुरक्षित माना जाता है।क्या गर्मी में डिलीवरी के बाद ठंडी चीजें खा सकते हैं?
गर्मी के मौसम में सामान्य या मटके का पानी पीना सही है, लेकिन बहुत ज्यादा ठंडी चीजें खाने से सर्दी-जुकाम या गले में खराश हो सकती है, जिससे बचें।
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May 06, 2026 19:33 IST
Modified By : Aneesh Rawat May 06, 2026 19:33 IST
Published By : Aneesh Rawat