हमारे समाज में अक्सर यह देखा जाता है कि डिलीवरी के कुछ ही दिनों बाद महिला से उम्मीद की जाती है कि वह पहले की तरह घर संभालने लगे। मां बनना हर महिला के जीवन का एक यादगार अनुभव होता है लेकिन जब डिलीवरी सी-सेक्शन यानी ऑपरेशन से होती है, तो खुशियों के साथ-साथ कई सावधानियों भी रखनी पड़ती हैं। कई महिलाएं खुद को मजबूत साबित करने या परिवार की जिम्मेदारियों के चलते जल्दी भारी काम शुरू कर देती हैं। बाहर का घाव भले ही कुछ हफ्तों में ठीक दिखने लगे, लेकिन अंदरूनी रिकवरी में कई हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है। इस लेख में आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन से जानिए, सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद कितने महीने तक भारी काम नहीं करना चाहिए?
सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद कितने महीने तक भारी काम नहीं करना चाहिए?
डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, सी-सेक्शन के बाद शुरुआती 6 हफ्ते रिकवरी का सबसे अहम समय होता है और इस दौरान शरीर के बाहरी और अंदरूनी टांके भरते हैं। हालांकि, महिला सामान्य रूप से चल-फिर सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह पूरी तरह ठीक हो चुकी है। डॉ. सरीन के मुताबिक, पूरी तरह से अंदरूनी घाव भरने में 2 से 3 महीने तक लग सकते हैं। इसलिए कम से कम 8-12 हफ्तों तक भारी काम से बचना बेहतर होता है।
अक्सर महिलाओं को यह स्पष्ट नहीं होता कि भारी काम किसे कहते हैं। भारी सामान उठाना यानी 10 किलो या उससे ज्यादा की बाल्टी भरकर पानी उठाना, सीढ़ियों पर बार-बार चढ़ना-उतरना, फर्श पोंछना, झाड़ू लगाना या छोटे बच्चे को लंबे समय तक गोद में उठाए रखना, ये सभी भारी काम की कैटेगरी में आते हैं। खासकर अगर दर्द, खिंचाव या थकान महसूस हो तो तुरंत आराम करना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: क्या सी-सेक्शन के बाद महिलाओं का पेल्विक फ्लोर कमजोर हो सकता है? डॉक्टर से जानें
रिकवरी के लिए क्या करें?
- डॉ. सरीन सलाह देती हैं कि नई मां को कम से कम 2-3 महीने तक घरेलू जिम्मेदारियों से राहत दी जानी चाहिए, ताकि वह पूरी तरह रिकवर हो सके।
- सी-सेक्शन के बाद पेट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इसलिए किसी भी तरह की एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
- आमतौर पर 6 हफ्तों के बाद हल्की पोस्टनैटल एक्सरसाइज शुरू की जा सकती है।
- बेली बाइंडर से कुछ महिलाओं को सपोर्ट मिलता है, लेकिन इसे बहुत ज्यादा टाइट नहीं बांधना चाहिए। गलत तरीके से बांधने पर दर्द और असुविधा हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: सिजेरियन डिलीवरी का महिलाओं के हार्ट पर क्या असर पड़ता है ? जानें डॉक्टर से

डॉक्टर की सलाह
सी-सेक्शन के बाद नियमित फॉलो-अप बेहद जरूरी है। आमतौर पर 6 हफ्ते बाद एक पोस्टनैटल चेकअप किया जाता है, जिसमें टांकों की स्थिति, गर्भाशय की रिकवरी और महिला की सेहत को चेक किया जाता है। अगर किसी भी तरह की असामान्य समस्या, जैसे तेज दर्द, बुखार, घाव से पस दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
निष्कर्ष
सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद कम से कम 2-3 महीने तक भारी काम से बचना समझदारी भरा कदम है। हर महिला की रिकवरी अलग होती है, इसलिए अपने शरीर के संकेतों को समझना और डॉक्टर की सलाह मानना बेहद जरूरी है।
All Images Credit- Freepik
FAQ
सिजेरियन के कितने महीने बाद एक्सरसाइज कर सकते हैं?
हल्की वॉक डिलीवरी के कुछ दिनों बाद शुरू की जा सकती है, लेकिन पेट की एक्सरसाइज या भारी वर्कआउट 6 हफ्ते बाद और डॉक्टर की सलाह से ही शुरू करना चाहिए।क्या सी-सेक्शन के टांकों में दर्द सामान्य है?
हल्का दर्द, खिंचाव या सुन्नपन शुरुआती हफ्तों में सामान्य है लेकिन अगर तेज दर्द, सूजन या बुखार हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।सी-सेक्शन के लिए किन स्थितियों की आवश्यकता होती है?
अगर बच्चा उल्टी पोजिशन में हो, प्लेसेंटा नीचे हो, बच्चे की धड़कन में समस्या आए या मां को हाई बीपी जैसी जटिलताएं हों, तो डॉक्टर सी-सेक्शन की सलाह दे सकते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Feb 22, 2026 19:12 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Feb 22, 2026 19:12 IST
Modified By : Akanksha TiwariFeb 22, 2026 19:12 IST
Modified By : Akanksha TiwariFeb 22, 2026 19:12 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gunjan Sarin