मानसून, गर्मी से भले ही राहत देता है, लेकिन इस दौरान कई इंफेक्शन और बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है जिसमें से एक है यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)। वैमसे तो यह इंफेक्शन पुरुष और महिलाएं दोनों को ही प्रभावित कर सकता है, लेकिन महिलाओं में यूटीआई होने का खतरा ज्यादा रहता है। यूटीआई एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन है। इसका खतरा मानसून सीजन में ज्यादा बढ़ जाता है। यूटीआई को नजरअंदाज करने से किडनी इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। मानसून के दौरान महिलाओं में यूटीआई का खतरा बढ़ने के पीछे कई गलत आदतें हो सकती हैं जिनके बारे में आगे बात करेंगे। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Rajasekara Chakravarthi Madarasu, Senior Consultant Nephrologist, Clinical director & HOD Of Nephrology And Transplant services at Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।
1. पीरियड्स में गीले पैड का इस्तेमाल करना
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Nephrologist Dr. Rajasekara Chakravarthi Madarasu ने बताया कि मानसून के दौरान महिलाएं अगर लंबे समय तक गीले पैड का इस्तेमाल करेंगी, तो बैक्टीरियल ग्रोथ का खतरा बढ़ सकता है। पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड, कप या टैम्पोन का सही ढंग से इस्तेमाल करना जरूरी है। पैड को हर 4 से 5 घंटे में कम से कम एक बार जरूर बदलें। साल 2021 में Menopause Review में प्रकाशित एक रिव्यू आर्टिकल के मुताबिक, महिलाओं में यूटीआई का खतरा प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के बाद ज्यादा हो सकता है। इसमें यूटीआई के ज्यादातर मामलों के पीछे बैक्टीरिया और कुछ में वजाइनल इंफेक्शन को जिम्मेदार बताया गया है।
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2. योनि की सफाई में लापरवाही करना
जब महिलाएं योनि की सफाई के दौरान लापरवाई करती हैं, तो बैक्टीरिया और फंगस दोनों के पनपने का खतरा बढ़ सकता है। योनि की सफाई के लिए हार्श केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचें। इससे पीएच बैलेंस बिगड़ सकता है और इंफेक्शन का खतरा हो सकता है।
3. वजाइना को ड्राई न रखना
जब वजाइना में नमी रहती है, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अगर ज्यादा पसीना आता है, तो समय-समय पर अंडरगारमेंट्स को बदलें। साथ ही, कॉटन अंडरगारमेंट्स का इस्तेमाल करें। बिना धोए या पूरी तरह ड्राई न किए हुए अंडरगारमेंट्स पहनने से भी बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।वजाइना में नमी ज्यादा रहती है और बदबू आती है, तो यह इंफेक्शन का लक्षण हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें।
4. मेंस्ट्रुअल कप के इस्तेमाल में लापरवाही
अगर मेंस्ट्रुअल कप को साफ हाथों से न लगाया या ठीक से साफ न किया जाए, तो संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। इसका खतरा मानसून में ज्यादा होता है क्योंकि यह नमी वाली मौसम है और बैक्टीरिया तेजी से ग्रो करते हैं। हालांकि, इससे सीधे तौर पर यूटीआई नहीं बल्कि वजाइनल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। वजाइनल इंफेक्शन होने पर यूटीआई की संभावना बढ़ सकती है इसलिए सावधानी बरतें।
5. प्रेग्नेंसी में भी हो सकता है यूटीआई
प्रेग्नेंसी में भी महिलाओं को यूटीआई की समस्या हो सकती है। प्रेग्नेंसी में बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना आम बात है, ऐसे में अगर जरा भी लापरवाही बरती, तो यूटीआई हो सकता है। यह समस्या मानसून में ज्यादा बढ़ सकती है। कई बार महिलाएं असुविधा से बचने के लिए यूरिन को होल्ड करती हैं। इससे इंफेक्शन का खतरा रहता है। जब आप टॉयलेट के इस्तेमाल करें, तो ध्यान रखें कि वह ड्राई और साफ हो।
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यूरिन पास करने की तीव्र इच्छा या जलन होने पर गौर करें
Dr. Rajasekara Chakravarthi Madarasu ने कहा ''शुरुआती संकेत जैसे यूरिन पास करते समय जलन या बहुत जल्दी यूरिन पास करने की तीव्र इच्छा को नजरअंदाज न करें। ये यूटीआई के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें। अगर बार-बार यूटीआई हो रहा है, तो अपनी आदतों पर गौर करें और उसे बदलें। बार-बार यूटीआई होने से आगे चलकर इंफेक्शन किडनी तक पहुंचकर गंभीर रूप ले सकता है।''
ई.कोलाई और क्लेबसिएला न्यूमोनिया जैसे बैक्टीरिया हैं जिम्मेदार
साल 2021 में International Journal Of Scientific Research में प्रकाशित एक स्टडी में 500 यूरिन सैंपल की जांच हुई जिसमें 301 यानी 61 % मरीजों में यूटीआई पाया गया। स्टडी में यह भी बताया गया कि यूटीआई वाले सैंपल में ई.कोलाई सबसे प्रमुख बैक्टीरिया पाया गया। इसके बाद क्लेबसिएला न्यूमोनिया (Klebsiella Pneumoniae) और अन्य बैक्टीरिया पाए गए। स्टडी में यूटीआई की दर पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा देखी गई।
मानसून में यूटीआई से बचने के टिप्स
यूटीआई का इलाज करने के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक का सेवन करने की सलाह देते हैं। यूटीआई से बचने के लिए इन उपायों की मदद ले सकते हैं-
- मानसून में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
- अगर पीरियड्स के दौरान पैड ज्यादा गीला हो जाए, तो उसे बदल लें।
- गीले कपड़े पहनने से बचें।
- ह्यूमिडिटी वाले वातावरण में ज्यादा देर तक रहने से बचें।
- पर्सनल हाइजीन पर गौर करें। कई बार मानसून में महिलाएं रोज स्नान नहीं लेती हैं जिससे गंदगी शरीर से लंबे समय तक चिपकी रहती है और इंफेक्शन का कारण बनती है इसलिए रोज स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- लंबे समय तक यूरिन रोकने से बचें।
- गंदे वॉशरूम का इस्तेमाल करने से बचें।
- टाइट और सिंथेटिक मटेरियल के कपड़े पहनने से बचें।
- वॉशरूम के इस्तेमाल के बाद और भोजन से पहले और बाद में हैंड वॉश करना न भूलें।
किन महिलाओं को यूटीआई का खतरा ज्यादा होता है?
- जो महिलाएं गर्भवती हैं।
- जिन महिलाओं को डायबिटीज है।
- जिन महिलाओं की इम्यूनिटी अधिक कमजोर है।
- पीरियड्स के दौरान भी हाइजीन की कमी से महिलाओं में यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।
National Kidney Foundation के मुताबिक, डायबिटिक मरीज, किडनी स्टोन के मरीज या जिन मरीजों के ब्लैडर में लंबे समय से कैथेटर लगा हो, उनमें भी यूटीआई होने का खतरा ज्यादा होता है।
Mayo Clinic के मुताबिक, पेरिमेनोपॉज या मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल कम होता है। एस्ट्रोजन की कमी से यूरिनरी ट्रैक्ट और योनि क्षेत्र में कई बदलाव होते हैं, जो यूटीआई का खतरा बढ़ा सकते हैं।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- यूरिन पास करते समय तेज जलन होना।
- यूरिन में ब्लड आना।
- बुखार होना।
- लोअर एब्डॉमिन एरिया में तेज दर्द होना।
- पीठ के निचले हिस्से में दर्द (किडनी इंफेक्शन के मामलों में)।
- उल्टी आना या जी मिचलाना।
निष्कर्ष:
मानसून में महिलाओं को यूटीआई का खतरा ज्यादा हो सकता है। इस दौरान पीरियड्स में गीले पैड का इस्तेमाल, योनि की सफाई में लापरवाही, वजाइना को ड्राई न रखना, मेंस्ट्रुअल कप के इस्तेमाल में लापरवाही और प्रेग्नेंसी के दौरान हाइजीन न रखने या यूरिन को लंबे समय तक होल्ड करने के कारण यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है। यूरिन पास करने में जलन हो या ब्लड आए, तो डॉक्टर से संपर्क करें। यूटीआई के इलाज के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल करते हैं।
FAQ
यूटीआई से बचने के लिए मानसून में किन चीजों का सेवन करें?
यूटीआई से बचने के लिए विटामिन सी और प्रोटीन रिच फूड्स खाएं, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें, प्रोबायोटिक्स के लिए दही खाएं और ताजा कोकोनट वॉटर पी सकती हैं।यूटीआई के अलावा पेशाब में जलन क्यों होती है?
अगर पेशाब में जलन हो रही है और यूटीआई नहीं है, तो वजाइनल यीस्ट इंफेक्शन, बैक्टीरियल वेजिनोसिस, सुगंधित साबुन या इंटीमेट वॉश से एलर्जी या किडनी में पथरी के कारण भी पेशाब में जलन हो सकती है।
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Aug 04, 2026 16:34 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Rajasekara C Madarasu
