बहुत से लोग यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी यूटीआई और किडनी इंफेक्शन को एक ही समझते हैं, लेकिन यह एक बीमारी नहीं है। जब बैक्टीरिया यूरिनरी ब्लैडर में प्रवेश करता है, तो उसे यूटीआई माना जाता है। जब यही बैक्टीरिया यूरिनरी ब्लैडर से होकर किडनी तक पहुंच जाता है, तो इसे किडनी इंफेक्शन कहा जाता है। जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है उनमें यह इंफेक्शन होने की आशंका ज्यादा होती है। इस लेख में जानेंगे यूटीआई और किडनी इंफेक्शन में आखिर क्या अंतर होता है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Rajasekara Chakravarthi Madarasu, Senior Consultant Nephrologist, Clinical Director & HOD Of Nephrology And Transplant Services At Yashoda Hospitals, Hitec City, Hyderabad से बात की।
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन

यूरिनरी ट्रैक्ट में होने वाले इंफेक्शन को यूटीआई (Urinary Tract Infection) कहते हैं। यह ज्यादातर पेशाब की नली या ब्लैडर (मूत्राशय) में होता है।
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किन लोगों में यूटीआई का खतरा ज्यादा होता है?
- National Kidney Foundation के मुताबिक, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होता है क्योंकि महिलाओं में यूरेथ्रा छाेटा होता है जिससे बैक्टीरिया के लिए ब्लैडर तक पहुंचना आसान हो जाता है। पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने से भी यूटीआई का खतरा ज्यादा होता है।
- डायबिटिक मरीजों में यूटीआई का खतरा ज्यादा होता है।
- जिनमें किडनी स्टोन होते हैं, उनमें भी यूटीआई का खतरा ज्यादा हो सकता है।
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किडनी इंफेक्शन
जब UTI का इंफेक्शन ऊपर की ओर बढ़कर किडनी तक पहुंच जाता है, तो इसे किडनी इंफेक्शन (Kidney Infection) कहते हैं। यह UTI से ज्यादा गंभीर स्थिति हो सकती है।
किन लोगों में किडनी इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है?
National Institute Of Diabetes And Digestive And Kidney Diseases के मुताबिक, महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान इसका खतरा ज्यादा होता है, ब्लैडर में इंफेक्शन हुआ हो, यूटीआई हुआ हो, डायबिटीज या इम्यून सिस्टम से जुड़ी समस्या हो, रीढ़ की हड्डी में चोट लगी हो, तो भी किडनी इंफेक्शन हो सकता है।
यूटीआई और किडनी इंफेक्शन में अंतर
| UTI | Kidney Infection | |
| प्रभावित अंंग | ब्लैडर, यूरेथ्रा | किडनी |
| गंभीरता | कम गंभीर | ज्यादा गंभीर |
| लक्षण | जलन, बार-बार पेशाब, हल्का दर्द | तेज बुखार, ठंड लगना, पीठ या कमर दर्द |
| बुखार | कम या नहीं | अक्सर तेज बुखार |
| दर्द का स्थान | पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द | ज्यादातर पीठ के निचले हिस्से में |
अगर इंफेक्शन केवल यूरिनरी ब्लैडर और यूरेथ्रा में है, तो उसे यूटीआई माना जाता है। जब यूटीआई का कारण बनने वाला बैक्टीरिया किडनी तक पहुंच जाता है, तो इसे किडनी इंफेक्शन माना जाता है।
दर्द की जगह
अगर पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द हो रहा है, तो यह यूटीआई है। अगर दर्द पेट के निचले हिस्से से पीठ के निचले हिस्से तक जा रहा है, तो यह किडनी इंफेक्शन हो सकता है।
लक्षणों में अंतर
- यूटीआई
- पेशाब में तेज जलन
- बार-बार वॉशरूम जाना
- यूरिन के दौरान तेज दर्द होना
- यूरिन का रंग धुंधला होना
किडनी इंफेक्शन
यूटीआई के लक्षणों के साथ पेशाब में ब्लड आना शुरू हो जाता है, तो यह किडनी इंफेक्शन हो सकता है।
बुखार
यूटीआई में हल्का बुखार होता है या बुखार नहीं होता है, लेकिन जब यही इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है, तो बुखार तेज आता है, उल्टी भी आ सकती है, कंपकंपी होती है, चक्कर आते हैं। गंभीर मामलों में मरीज को हॉस्पिटल में भी भर्ती होना पड़ सकता है।
प्रभावित अंग
यूटीआई में ब्लैडर या पेशाब की नली प्रभावित होती है, जबकि किडनी इंफेक्शन में किडनी प्रभावित होती है।
गंभीरता
सामान्य यूटीआई अक्सर कम गंभीर होता है, लेकिन किडनी इंफेक्शन ज्यादा गंभीर हो सकता है और इसमें जल्दी इलाज जरूरी होता है।
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इंफेक्शन की जांच कैसे होती है?
- डॉक्टर की सलाह से यूरिन का रूटीन एग्जामिनेशन कराएं।
- साथ ही यूरिन का कल्चर टेस्ट कराएं। इस रिपोर्ट से पता चलेगा कि किस बैक्टीरिया के कारण इंफेक्शन हो रहा है।
- लक्षणों और रिपोर्ट के आधार पर दवाएं दी जाती हैं।
यूटीआई और किडनी इंफेक्शन का इलाज क्या है?
- यूटीआई और किडनी इंफेक्शन दोनों ही स्थितियों में डॉक्टर एंटीबायोटिक का कोर्स करने की सलाह देते हैं। अगर यूटीआई के दौरान दवा को बीच में ही छोड़ देंगे, तो बैक्टीरिया किडनी तक पहुंचकर किडनी इंफेक्शन का कारण बन सकता है।
- यूटीआई के लक्षण नजर आने पर हर एक घंटे पर एक गिलास पानी का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए। इससे यूरिन ज्यादा बनेगा और बैक्टीरिया यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकल जाएंगे।
- अगर किडनी इंफेक्शन हो जाए, तो घर पर इलाज न करें। अगर मरीज को लगातार उल्टी हो रही हो, तो उसे हॉस्पिटल लेकर जाना चाहिए। इस केस में आईवी की मदद ली जा सकती है।
यूटीआई और किडनी इंफेक्शन से कैसे बचें?
- जब पानी कम पीते हैं, तो पेशाब कम आता है और किडनी बैक्टीरिया को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती है जिसके कारण यूटीआई या किडनी इंफेक्शन हो जाता है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- वॉशरूम यूज करने के बाद जब प्राइवेट पार्ट को साफ करने की बारी आती है, तो लोग आगे से पीछे साफ करने के बजाय पीछे से आगे की ओर सफाई करते हैं जिससे ई.कोली बैक्टीरिया यूरेथ्रा के पास आ जाता है और यूरिनरी ट्रैक्ट में प्रवेश कर जाता है जिससे इंफेक्शन हो सकता है।
- जब भी यूरिन आए, तो तुरंत टॉयलेट जाएं। काम के कारण यूरिन को होल्ड करने की गलती न करें। इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- पेशाब में जलन हो।
- पेशाब में जलन के साथ बुखार हो।
- पेशाब पास करने में दिक्कत हो।
- ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द यूरोलॉजिस्ट या नेफ्रोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
निष्कर्ष:
यूरिनरी ब्लैडर और यूरेथ्रा में होने वाले इंफेक्शन को यूटीआई कहते हैं। जब इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाए, तो उसे किडनी इंफेक्शन कहा जाता है। दोनों ही इंफेक्शन ई.कोली बैक्टीरिया के कारण होते हैं और दोनों ही समस्याओं में डॉक्टर एंटीबायोटिक का कोर्स करने की सलाह देते हैं। जब यूटीआई होता है, तो पेल्विक एरिया या लोअर एब्डॉमिन में दर्द हो सकता है, जब किडनी इंफेक्शन होता है, तो लोअर एब्डॉमिन पेन पीठ के निचले हिस्से तक होने लगता है। बचाव के लिए डॉक्टर दोनों ही समस्याओं में टॉयलेट हाइजीन बनाए रखने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हैं।
FAQ
क्या किडनी इंफेक्शन गंभीर बीमारी में बदल सकती है?
अगर समय पर इलाज न मिले, तो इंफेक्शन ब्लड में फैलकर सेप्सिस जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।किडनी इंफेक्शन और किडनी स्टोन का क्या संबंध है?
किडनी स्टोन पेशाब के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकते हैं, जिससे बैक्टीरिया बढ़ने और किडनी इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है।
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Current Version
Jul 31, 2026 19:44 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jul 31, 2026 19:44 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Rajasekara C Madarasu