Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

UTI और पीरियड्स एक साथ होने पर क्या करें? अपनाएं डॉक्टर के बताएं ये मैनेजमेंट टिप्स

यूटीआई और पीरियड एक साथ होने पर महिलाओं की शारीरिक समस्याएं दुगनी हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप यूटीआई और पीरियड से हो रही तकलीफों को मैनेज करने की कोशिश करें।

जब पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ध्यान न रखा जाए और लगातार कई दिनों गंदे वाॅशरूम का यूज किया जाए, तो ऐसे में यूटीआई होने का जोखिम बढ़ जाता है। जाहिर है, पीरियड्स और यूटीआई एक साथ होने पर महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसकी वजह से मेंटल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह जान लेना बहुत जरूरी है कि अगर यूटीआई और पीरियड साथ हो जाएं, तो इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है? यहां हम Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता द्वारा बतए गए मैनेजमेंट टिप्स के बारे में बता रहे हैं। जरूरी होने पर इन्हें फाॅलो करें।

यूटीआई और पीरियड्स एक साथ होने पर क्या करें?

tips to manage uti during periods 01 (18)

हाइजीन का ध्यान रखें

पीरियड में यूटीआई होने पर महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि वे हाइजीन का ध्यान रखें। अगर आप पैड यूज करती है, तो हर 4-4 घंटे में चेंज करें। समय पर पैड चेंज करने से बैक्टीरिया के पनपने का जोखिम कम हो जाता है। हां, सफाई के लिए आप माइल्ड वजाइनल क्लींजर का यूज करें। किसी भी केमिकल युक्त प्रोडक्ट को यूज करने से बचें। इससे इंफेक्शन और बढ़ सकता है।

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सूती अंडरवियर पहनें

जब पीरियड में यूटीआई हो जाता है, तो जरूरी है कि आप ऐसे अंडरवियर पहनें, जिससे उस हिस्से में हवा का आना-जाना बना रहे। वैसे भी गर्मियों में काफी ज्यादा पसीना आता है। इसे कंट्रोल करने के लिए आप सूती के अंडरवियर पहन सकते हैं। इससे प्रभावित हिस्सा ड्राई रहता है और इंफेक्शन के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

हाइड्रेट रहें

यूटीआई होने पर अक्सर डाॅक्टर खुद को हाइड्रेट रहने की सलाह देते हैं। आप जितना ज्यादा पानी पिएंगी, बाॅडी के टाॅक्सिंस उतने ज्यादा शरीर से बाहर निकल जाएंगे। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पीरियड में यूटीआई होने पर आप एक दिन में 2-3 लीटर पानी पी सकती हैं। इससे बैक्टीरिया भी पेशाब के जरिए यूरिन ट्रैक्ट से बाहर निकल जाते हैं।

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हीटिंग पैड का यूज करें

कई महिलाओं को पीरियड में क्रैंपिंग और कमर में दर्द होता है। यह स्थिति यूटीआई होने पर और भी बिगड़ सकती है। इससे बचने के लिए बेहतर होगा कि आप हीटिंग पैड का यूज करें। इससे क्रैंपिंग कम होगी। साथ ही, ब्लैडर पेन से भी राहत मिलेगी।

बार-बार पेशाब करें

पीरियड में यूटीआई होने पर पेशाब को रोक नहीं। यह सही नहीं होगा। डाॅक्टर बताते हैं कि बार-बार पेशाब करने से बैक्टीरिया और टाॅक्सिंस बाहर चले जाते हैं, जिससे संक्रमण की समस्या से राहत मिलने लगती है।

निष्कर्ष

यूटीआई और पीरियड्स एक साथ होने पर कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं, जैसे क्रैंपिंग बढ़ जाती है, पेशाब करने के दौरान जलन होने लगती है। अगर संक्रमण ज्यादा फैल जाए, तो बुखार भी हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। इसके अलावा, घर में कुछ मैनेजिंग टिप्स को फाॅलो कर सकती हैं। इससे यूटीआई की समस्या से राहत मिलने में मदद मिलेगी।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या पीरियड्स के दौरान यूटीआई होने पर मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करना सुरक्षित है?

    नहीं, यूटीआई के दौरान मेंस्ट्रुअल कप या टैम्पोन के बजाय सैनिटरी पैड का उपयोग करें।
  • पीरियड्स के दौरान यूटीआई और सामान्य क्रैम्प्स के दर्द में अंतर कैसे करें?

    पीरियड का दर्द आमतौर पर पेट के निचले हिस्से या कमर में होता है। वहीं, यूटीआई के संकेत में पेशाब करते समय जलन होना, बार-बार पेशाब आने की समस्या होना, शामिल हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 08, 2026 15:21 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 08, 2026 15:21 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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