आंखें हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा हैं। आंखों में कुछ सेकेंड के लिए भी कुछ चला जाए तो व्यक्ति तिलमिला उठता है। आंखों से जुड़ी समस्याएं न सिर्फ हमें चीजों को देख पाने में परेशानी का कारण बनती हैं, बल्कि ये हमारे रोजमर्रा के कामकाज को भी प्रभावित करती हैं। आंखों में अचानक तेज चुभन, दर्द या ऐसा महसूस होना कि आंखों में कुछ अटका है, कई बार लोग नॉर्मल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यह आंखों के कॉर्निया में चोट या खरोंच लगने का संकेत हो सकता है। कॉर्निया हमारी आंख का एक बहुत ही सेंसिटिव हिस्सा है। इसमें कोई भी समस्या होने पर न सिर्फ चुभन और दर्द होता है, बल्कि दिखने में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए, आइए Dr. Purendra Bhasin, Ophthalmologist, Ratan Jyoti Netralaya Ophthalmic Institute & Research Centre, Gwalior से जानते हैं कि आंखों के कॉर्निया में चोट लगने के लक्षण और कारण क्या हैं?
क्या आंखों में चुभन कॉर्निया में चोट का संकेत है?
Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि कॉर्निया आंख के सामने मौजूद पारदर्शी (Transparent) परत होती है, जो आंख के अंदर रोशनी पहुंचाने और साफ दिखाई देने में अहम भूमिका निभाती है। कॉर्निया की ऊपरी सतह पर खरोंच, कट, जलन या किसी बाहरी वस्तु से हुआ नुकसान कॉर्नियल इंजरी या चोट के रूप में जाना जाता है। नॉर्मल खरोंच को कॉर्नियल एब्रेशन कहा जाता है। कॉर्निया में ज्यादा सेंसिटिव नसें होती हैं, इसलिए छोटी-सी खरोंच भी तेज दर्द और असुविधा का कारण बन सकती है।
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कॉर्निया में चोट का कारण
Dr. Purendra Bhasin बताते हैं कि पलकों के नीचे फंसा छोटा सा कण हर बार पलक झपकने पर कॉर्निया को खरोंच सकता है। इसके अलावा कॉर्निया में चोट लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें-
- आंख में नाखून लगना
- बच्चे की उंगली लगना
- पेड़ की टहनी लगना
- कागज का किनारा लगना
- मेकअप ब्रश या किसी नुकीली चीज से खरोंच लगना
- धूल, मिट्टी, रेत, लकड़ी आदि का छोटा टुकड़ा आंखों में चले जाने पर आंख रगड़ना
- घरेलू क्लीनर, तेजाब, ब्लीच और अन्य केमिकल के छींटों से कॉर्निया बर्न होना
- तेज यूवी किरणों, वेल्डिंग की रोशनी या बिना सुरक्षा के लंबे समय तक तेज धूप में रहना
StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार कॉर्निया में चोट आमतौर पर बाहरी चीजों, जैसे चूंकि कॉर्निया में नर्व एंडिंग्स बहुत घनी होती हैं, इसलिए इसमें चोट लगने पर बहुत ज्यादा दर्द होता है।
कॉन्टैक्ट लेंस भी बन सकता है कॉर्निया में चोट का कारण
Dr. Purendra Bhasin ने बताया कि जो लोग कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं, उनमें भी कॉर्निया में चोट की समस्या हो सकती है। कॉन्टैक्ट लेंस का गलत तरीके से इस्तेमाल भी कॉर्निया में चोट की संभावना या
- इंफेक्शन की समस्या को बढ़ा सकता है।
- कॉन्टैक्ट लेंस को गलत तरीके से लगाना या निकालना
- बहुत लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहने रखना
- गंदे लेंस इस्तेमाल करना या उन्हें पहनकर सो जाना
कॉर्निया में चोट के लक्षण
Dr. Purendra Bhasin के अनुसार, कॉर्निया में चोट लगने से कई लक्षण नजर आ सकते हैं, जिसमें-
- अचानक आंखों में दर्द होना
- आंख में कुछ फंसा हुआ महसूस होना
- रेडनेस होना
- लगातार आंखों से पानी आना
- रोशनी से परेशानी होना
- पलक खोलने में मुश्किल होना
- धुंधला दिखाई देना
- आंखों की रोशनी कम होना
- आंखों में इंफेक्शन होना
StatPearls मेडिकल रिसोर्स में भी बताया गया है कि कॉर्निया में चोट लगने पर तेज दर्द, रोशनी से परेशानी, बहुत ज्यादा आंसू आना, पलकों का बार-बार झपकना और धुंधला दिखना जैसे लक्षण नजर आते हैं।
कॉर्निया में चोट लगने पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Dr. Purendra Bhasin के मुताबिक कॉर्निया में चोट लगने पर आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-
- आंखों के कॉर्निया में चोट लगने पर आंख को रगड़ने, नुकीली चीजों से आंखों में गई चीज निकालने या बिना डॉक्टर की सलाह के कोई आई ड्रॉप इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
- धूल या नॉर्मल कण जाने पर आंख को साफ पानी या सेलाइन से धीरे-धीरे आंखों को धोना चाहिए।
- अगर आंखों में केमिकल चला जाए तो तुरंत ज्यादा-ज्यादा साफ पानी लेकर आंख धोएं और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- आंख में फंसी धातु, कांच या गहराई तक धंसी चीजों को खुद निकालने से बचना चाहिए।
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
Dr. Purendra Bhasin बताते हैं कि आंखों के कॉर्निया में समस्या होने पर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर, अगर आपकी आंखों में तेज दर्द, रोशनी में बदलाव, केमिकल के कारण आंखों में जलन, आंख में खून उभरना, आंख का आकार बदलना या 24 घंटे में सुधार न होने जैसी स्थिति में तुरंत आई स्पेशलिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए। ज्यादातर आंखों की सतह पर खरोंच सही इलाज से जल्दी ठीक हो जाती है। हालांकि देर करने पर इंफेक्शन, कॉर्नियल अल्सर, आंखों में हमेशा के लिए निशान और आंखों की रोशनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
Dr. Purendra Bhasin कहते हैं कि आंखों में चुभन कॉर्निया में चोट का संकेत हो सकता है। किसी भी व्यक्ति को कॉर्निया की चोट को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह आपकी देखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। अगर आंखों में लगातार चुभन, रेडनेस या पानी आने की समस्या बनी रहे तो तुरंत आई स्पेशलिस्ट से कंसल्ट करें और आंखों को बहुत ज्यादा रगड़ने से बचें।
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FAQ
क्या कॉर्निया की चोट ठीक हो सकती है?
हां, कॉर्निया की चोट ठीक हो सकती है और मामूली खरोंचें आमतौर पर 24 से 72 घंटे में ठीक हो जाती हैं, जबकि गंभीर चोटों के लिए डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।कॉर्निया खराब होने के क्या लक्षण हैं?
कॉर्निया खराब होने या डैमेज होने पर आंखों से धुंधला दिखना, तेज दर्द होना और रोशनी के प्रति ज्यादा सेंसिटिविटी जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
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Jul 31, 2026 19:41 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Purendra Bhasin