आंख फड़कने को अक्सर लोग अंधविश्वास या शकुन-अपशकुन से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी की सीधी आंख फड़के तो कुछ अच्छा होगा और उल्टी फड़के तो कुछ बुरा हो सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह अंधविश्वास होता है। आंख फड़ना पूरी तरह न्यूरो-मस्कुलर यानी नसों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्या है। आमतौर पर आंख फड़ना बहुत नॉर्मल होता है, जिसे मेडिकल की भाषा में मायोकाइमिया (Myokymia) कहते हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में यह गंभीर समस्या भी हो सकती है। बहुत ज्यादा आंख फड़ना या जल्दी ठीक न होना, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किसंस डिजीज और कुछ पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है। इसलिए, आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से विस्तार से जानते हैं कि आंख फड़ना कब नॉर्मल होता है औरकब यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है?
आंख फड़कना कब है एक गंभीर खतरा?
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आंखें फड़कने की समस्या लगातार बनी रहती है या बहुत ज्यादा होती है तो इसके पीछे कुछ गंभीर कारण (eye twitching danger signs) हो सकते हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसलिए, अगर ये गंभीर लक्षण नजर आए तो सीधे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, जैसे -
1. हफ्तों या महीनों तक आंख फड़कना
अगर आपकी आंख लगातार फड़त रही है और इसे 2 से 3 हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है तो यह नॉर्मल मायोकाइमिया नहीं है। इस समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आंख की मांसपेशियों को कंट्रोल करने वाली नस में किसी तरह का खिंचाव या दिक्कत आ रही है।
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2. पूरी आंख का बंद हो जाना
नॉर्मल तरीके से आंख फड़कने के स्थान पर अगर आंख फड़कते-फड़कते पूरी तरह बंद हो जाए तो भी यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। मेडिकल की भाषा में इसे बेनाइन एसेंशियल ब्लेफेरोस्पाज्म (Benign Essential Blepharospasm) कहते हैं। StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, बिनाइन एसेंशियल ब्लेफेरोस्पास्म, एक गंभीर फोकल क्रेनियल डिस्टोनिया है, जिसमें पलकों में बिना इच्छा के और दोनों तरफ ऐंठन होती है। यह सेंट्रल सेंसरीमोटर नेटवर्क में खराबी के कारण होता है। यह दोनों आंखों को प्रभावित कर सकता है और समय के साथ इतना बढ़ सकता है कि मरीज को गाड़ी चलाने या सड़क पार करने में भी समस्या हो सकती है।
3. चेहरे के एक तरफ की मांसपेशियों में खिंचाव खिंचना
आंख फड़कने के साथ अगर चेहरे के एक तरफ की मांसपेशियों में खिंचाव हो तो भी यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इस समस्या को मेडिकल में हेमीफेशियल स्पास्म (Hemifacial Spasm) कहा जाता है। इस स्थिति में आंख फड़कने के साथ-साथ आपके गाल की मांसपेशियां, होंठ का कोना या गर्दन की नसें भी अपने आप खिंचने या फड़कने लगती हैं। StatPearls मेडिकल रिसोर्स के मुताबिक यह स्थिति दिमाग से निकलने वाली सातवीं क्रेनियल नर्व (Facial Nerve) पर किसी तरह का प्रेशर पड़ने के कारण हो रही है, जो व्यक्ति के चेहरे के हाव-भाव को कंट्रोल करती है।
4. आंख में लालपन, सूजन या पानी आना
अगर आंख फड़कने के साथ-साथ आंख ज्यादा लाल हो गई है, पलकों में सूजन है या लगातार पानी आने की समस्या हो रही है तो यह कॉर्निया में चोटे, ड्राईनेस या किसी गंभीर इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।

5. चेहरे का एक तरफ लटक जाना
अगर आंख के फड़कने के साथ आपको ऐसा लगे कि आपके चेहरे का एक हिस्सा सुन्न हो रहा है, आप सही तरह से मुस्कुरा नहीं पा रहे हैं या मुंह से लार टपक रही है तो यह बेल्स पाल्सी (Facial Paralysis) का शुरुआती संकेत हो सकता है। इस स्थिति में आपको बिना देर किए डॉक्टर से जांच करवाने की जरूरत होती है।
आंख फड़कना कब नॉर्मल है?
Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि सबसे पहले हमें यह समझना जरूरी है कि रोजमर्रा की जिंदगी में हमारी कुछ आदतों के कारण आंखें फड़कने की समस्या हो सकती हैं। अगर आपकी आंख कभी-कभार फड़कती है तो इसके पीछे ये कारण हो सकते हैं-
1. नींद की कमी
नींद की कमी के कारण भी आमतौर पर आंख फड़कने की समस्या हो सकती है। अगर आप रात में 7 से 8 घंटे की गहरी नींद नहीं ले रहे हैं तो इससे आपके आंखों की मांसपेशियां थककर फड़कने लगती हैं।
2. ज्यादा स्ट्रेस
जब आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता है, जो नसों के कंट्रोल को बिगाड़कर आंख फड़कने का कारण बन सकता है। American Academy of Ophthalmology के अनुसार, आंख फड़कना तनाव का एक नॉर्मल रिएक्शन है, जो कैफीन और खराब नींद से और बढ़ सकती है।
3. कैफीन और अल्कोहल
बहुत ज्यादा चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक पीने के कारण कैफीन का ज्यादा सेवन करना या बहुत ज्यादा शराब पीने से भी आपके शरीर की नसें हाइपरएक्टिव हो सकती हैं, जो आंखों की नसों को प्रभावित करती हैं।
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4. स्क्रीन टाइम
देर तक लैपटॉप या कंप्यूटर पर ऑफिस का काम करना और समय बिताने या देर रात तक मोबाइल फोन पर घंटों समय गुजारने से भी आंखों की नसों पर प्रेशर पड़ता है, जो आंख फड़कने का कारण बनता है।
5. आंखों का सूखापन
प्रदूषण, एसी की हवा या बढ़ती उम्र जैसे कारणों से आंखों की नेचुरल नमी कम होने पर आंखों में ड्राईनेस की समस्या हो सकती है, जिससे पलकें फड़कने की समस्या हो सकती है।
Dr. Akshay Chugh की मानें तो अगर आपकी आंखें फड़कने का कारण ये आदतें हैं तो सिर्फ लाइफस्टाइल में सुधार करने, पर्याप्त नींद लेने, स्क्रीन टाइम कम करने और कैफीन या शराब का कम सेवन करने से आपको आराम मिल सकता है।
आंख फड़कने की समस्या में क्या करते हैं डॉक्टर?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि जब मरीज लंबे समय से आंख फड़कने और उसके साथ ऊपर बताई गई समस्याओं के साथ हमारे क्लिनिक या अस्पताल आते हैं तो हम सबसे पहले उनकी आंखों का और फिर एक न्यूरोलॉजिकल एग्जामिनेशन करते हैं। अगर इस दौरान किसी गंभीर बीमारी को लेकर शक होता है तो दिमाग का MRI स्कैन या नसों की जांच के लिए Electromyography (EMG) करवाने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टर की सलाह
Dr. Akshay Chugh के अनुसार आम कारणों से आंखों के फड़कने की समस्या को रोकने के लिए आप एक साफ कपड़े को हल्के गुनगुने पानी में भिगोकर अपनी आंखों पर रख सकते हैं। ऐसा करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है। अगर आपको ड्राई आई की समस्या है तो इस स्थिति में आप डॉक्टर द्वारा बताई गई लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, चाय, कॉफी आदि जैसे कैफीन ड्रिंक्स से परहेज करें।
निष्कर्ष
आंख का फड़कना ज्यादातर मामलों में तनाव और थकान से जुड़ा होता है, जो कुछ मिनटों या समय में अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन, अगर आंख फड़कने की समस्या हफ्तों तक चले, चेहरे पर खिंचाव महसूस हो और आंख बंद होने लगे तो इस समस्या को सामान्य समझने की भूल न करें, क्योंकि यह आंख या दिमाग से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में आप तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।
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FAQ
बार-बार आंख फड़कने का मतलब क्या होता है?
बार-बार आंख फड़कना तनाव, थकान, नींद की कमी, कैफीन और ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल करने जैसे कारणों से हो सकती है।कौन सी विटामिन की कमी से आंख फड़कती है?
शरीर में विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी के कारण आंख फड़कने की समस्या हो सकती है।
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Jul 17, 2026 15:52 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jul 17, 2026 15:52 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh