Fri Oct 23, 2026 | 05:17 AM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

चेहरे की मांसपेशियों का फड़कना हो सकता है Hemifacial Spasm का संकेत? डॉक्टर से जानें कारण और लक्षण

चेहरे की मांसपेशियों का बार-बार फड़कना थकान या तनाव के बजाय हेमीफेशियल स्पाज्म का संकेत हो सकता है, जो एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है। इसके कारणों में नस पर दबाव और लक्षण में आंख फड़कना शामिल है। 
चेहरे की मांसपेशियों का फड़कना हो सकता है Hemifacial Spasm का संकेत? डॉक्टर से जानें कारण और लक्षणचेहरे की मांसपेशियों का फड़कना हो सकता है Hemifacial Spasm का संकेत? डॉक्टर से जानें कारण और लक्षण

चेहरे की एक तरफ की मांसपेशियों का बार-बार और बिना कारण फड़कने की समस्या को आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लोगों को लगता है कि यह समस्या उन्हें सिर्फ थकान या तनाव के कारण महसूस होती है, लेकिन इसे आम समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। मेडिकल की भाषा में इस समस्या को हेमीफेशियल स्पाज्म कहा जाता है, जो एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति का संकेत हो सकता है। इस समस्या में चेहरे की नस पर ज्यादा प्रेशर पड़ने के कारण पलकों से लेकर जबड़े तक की मांसपेशियां काबू में रहे बिना सिकुड़ने लगती हैं। शुरुआत में यह बहुत मामूली लग सकता है, लेकिन समय के साथ इसका असर बढ़ सकता है। ऐसे में आइए Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि हेमीफेशियल स्पाज्म के क्या संकेत हैं?

हेमीफेशियल स्पाज्म क्या है?

Dr. Akshay Chugh ने बताया कि हेमी (Hemi) का मतलब होता है आधा और 'फेशियल' (Facial) का मतलब होता है चेहरा। हेमीफेशियल स्पाज्म एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें चेहरे के एक तरफ की मांसपेशियां अपने आप सिकुड़ने या फड़कने लगती हैं। शुरुआत में यह तकलीफ बहुत मामूली लगती है, जैसे आंख का बार-बार फड़कना। हालांकि, धीरे-धीर यह ऐंठन चेहरे के निचले हिस्से, जैसे गाल, होंठ और गर्दन तक फैल सकती है। इस ऐंठन के कारण कभी-कभी चेहरे का एक हिस्सा खिंचा हुआ या हल्का लटका हुआ लग सकता है।

StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, हेमीफेशियल स्पास्म, चेहरे की सातवीं नस में गड़बड़ी के कारण होती है। इस नस से गलत तरीके से सिग्नल मिलने के कारण चेहरे की मांसपेशियां या तो थोड़े समय के लिए या देर तक सिकुड़ने लगती हैं। यह समस्या ज्यादातर हमेशा चेहरे के सिर्फ एक ही हिस्से को प्रभावित करती है। यह स्थिति आमतौर पर शरीर को कोई गंभीर शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाती है।

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हेमीफेशियल स्पाज्म की समस्या क्यों होती है?

StatPearls मेडिकल रिसोर्स के मुताबिक, हेमिफेशियल स्पाज्म के मुख्य कारण कई हिस्सों में बंटे हैं। प्राथमिक कारण सबसे आम है, जिसमें दिमाग से बाहर निकलने वाली चेहरे की नस पर किसी असामान्य धमनी का प्रेशर पड़ता है। सेकेंडरी कारणों में चेहरे की चोट, ट्यूमर, इंफेक्शन या मल्टीपल स्क्लेरोसिस शामिल हैं। इसके अलावा, बेल पाल्सी के बाद नसों का गलत तरीके से जुड़ना भी ऐंठन पैदा कर सकता है। Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि हमारे चेहरे की मांसपेशियों की हर हलचल को 7वीं क्रेनियल नर्व कंट्रोल करती है। यह नर्व दिमाग के पिछले हिस्से से निकलकर चेहरे की ओर आती है।

  • वैस्कुलर कम्प्रेशन: लगभग 85-90% मामलों में, चेहरे की इस नर्व के पास से गुजरने वाली कोई ब्लड वेसल उस पर प्रेशर डालने लगती है। जब यह नस बार-बार दबती है तो इसमें शॉर्ट सर्किट जैसा सिग्नल्स का फ्लो होने लगता है, जिससे मांसपेशियां अपने आप सिकुड़ने लगती हैं।
  • नर्व इंजरी या पुरानी चोट: चेहरे की नस में किसी भी कारण पहले लगी कोई चोट या इंफेक्शन के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
  • दिमाग में ट्यूमर या सिस्ट: कभी-कभी और कुछ गंभीर मामलों में ब्रेनस्टेम के पास कोई छोटा सिस्ट या ट्यूमर भी फेशियल नर्व पर दबाव बना सकता है।
  • ज्यादा तनाव और थकान: तनाव हेमीफेशियल स्पाज्म का मुख्य कारण नहीं है, लेकिन ज्यादा मानसिक तनाव, थकान और कैफीन का सेवन इस ऐंठन को ज्यादा बढ़ा सकता है।

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हेमीफेशियल स्पाज्म के लक्षण क्या हैं?

Dr. Akshay Chugh ने बताया कि हेमीफेशियल स्पाज्म होने पर चेहरे के शुरुआती बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है-

  • आंख का बार-बार फड़कना: ज्यादातर मामलों में इसकी शुरुआत आंख के ऊपरी या निचले हिस्से की मांसपेशियों में ऐंठन से होती है। मरीज को लगता है कि उसकी आंख नॉर्मल से ज्यादा फड़क रही है।
  • चेहरे के निचले हिस्से में खिंचाव: समय के साथ चेहरे पर होने वाली यह ऐंठन गाल, होंठ के कोनों और जबड़े तक पहुंच जाती है।
  • चेहरे का एक तरफ से खिंचा हुआ दिखना: जब चेहरे की ऐंठन तेज होती है, तो चेहरे का एक हिस्सा नॉर्मल नहीं दिखता है। होंठ एक तरफ खिंच सकते हैं, जिससे चेहरा थोड़ा अलग दिखने लगता है।
  • तनाव लेने पर लक्षण बढ़ना: जब मरीज तनाव ज्यादा लेता है, थका हुआ होता है या किसी से बात कर रहा होता है तो यह खिंचाव और ज्यादा नजर आने लगता है।
  • सोते समय भी ऐंठन होना: बेल पाल्सी या अन्य नॉर्मल ऐंठन से अलग, हेमीफेशियल स्पाज्म की समस्या मरीज के सोते समय भी बनी रह सकती है।

डॉक्टर इसका पता कैसे लगाते हैं?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि अगर आप ऊपर बताए गए लक्षणों को महसूस करते हैं तो सबसे पहले किसी न्यूरोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें। आपके लक्षणों को देखते हुए डॉक्टर आपके चेहरे की हलचलों और ऐंठन के पैटर्न को देखकर समस्या का पता लगाते हैं। इसके बाद एक खास हाई-रिजॉल्यूशन MRI (जैसे 3D CISS sequence) की सलाह देते हैं। इससे इस बारे में साफ पता लगाया जा सकता है कि क्या कोई ब्लड वेसल्स फेशियल नर्व को दबा रही है या कोई अन्य कारण है।

निष्कर्ष

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आपके या आपके परिवार में किसी के चेहरे पर इस तरह की ऐंठन या एक तरफ खिंचाव महसूस हो रहा है तो डरें नहीं और न ही इसे सिर्फ आंख का फड़कना मानकर नजरअंदाज करें। इस स्थिति में आपको सही इलाज की जरूरत है।
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FAQ

  • क्या हेमीफेशियल ऐंठन खतरनाक है?

    हेमीफेशियल ऐंठन सीधे तौर पर जानलेवा या शारीरिक रूप से खतरनाक नहीं होता है, लेकिन यह चेहरे के एक तरफ लगातार फड़कने, देखने में परेशानी होने और तनाव का कारण बन सकती है।
  • चेहरे की नस फड़कने का क्या कारण है?

    चेहरे की नस या मांसपेशी फड़कने का कारण तनाव, ज्यादा थकान और फेशियल नर्व पर दबाव हैं। कई बार यह समस्या अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन लगातार बने रहने पर यह किसी न्यूरोलॉजिकल स्थिति का संकेत हो सकती है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 29, 2026 10:22 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh