Wed Oct 14, 2026 | 05:15 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

बैठे-बैठे अचानक पैर सुन्न क्यों हो जाते हैं? जानिए ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ा कनेक्शन

लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से पैरों का सुन्न होना या झुनझुनी महसूस होना आम है, जो नसों पर दबाव और रक्त संचार में रुकावट के कारण होता है। अगर यह समस्या बार-बार या लंबे समय तक बनी रहे, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। 
बैठे-बैठे अचानक पैर सुन्न क्यों हो जाते हैं? जानिए ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ा कनेक्शनबैठे-बैठे अचानक पैर सुन्न क्यों हो जाते हैं? जानिए ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ा कनेक्शन

देर तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने पर अचानक पैर का सुन्न हो जाना या उसमें झुनझुनी महसूस होना एक बहुत ही आम समस्या है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इस स्थिति के पीछे मुख्य रूप से हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन और नसों पर पड़ने वाला दबाव जिम्मेदार होता है। जब हम लंबे समय तक पैर मोड़कर या एक ही स्थिति में बैठते हैं तो उस हिस्से की ब्लड वेसल्स और नसों पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है। इससे उस स्थान पर ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का फ्लो कुछ समय के लिए रुक जाता है, जिससे शरीर का वह हिस्सा सुन्न हो जाता है। आइए इस लेख में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानते हैं कि अचानक पैरों में सुन्नपन क्यों होता है और इसका ब्लड सर्कुलेशन से क्या कनेक्शन है।

अचानक पैर सुन्न होने के कारण और ब्लड सर्कुलेशन से कनेक्शन

Cleveland Clinic के अनुसार, पैरों में सुन्नता मुख्य रूप से नर्व में डैमेज या उन पर दबाव के कारण होती है, जो शरीर के सामान्य संवेदी संकेतों के ट्रांसमिशन में बाधा डालता है। इसके प्रमुख कारणों में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी स्थितियां जैसे हर्निएटेड डिस्क, दबी हुई नसें, या रीढ़ की हड्डी में चोट शामिल हैं। इसके अलावा, न्यूरोलॉजिकल व अन्य गंभीर बीमारियां जैसे स्ट्रोक, मल्टीपल स्केलेरोसिस, या ब्लड की कमी भी शामिल हैं।

Dr. Akshay Chugh के अनुसार जब आपके पैर में सुन्नपन या पिन चुभने जैसा एहसास होता है तो इसके मुख्य रूप से दो बड़े कारण होते हैं, जिनमें शामिल हैं-

1. नसों पर दबाव

हमारे शरीर में रीढ़ की हड्डी से लेकर पैरों के पंजों तक नसों का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है, जो दिमाग तक सिग्नल पहुंचाता है। जब आप एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठे रहते हैं, खासकर पैर पर पैर चढ़ाकर या किसी नस पर लगातार वजन डालकर तो वह नस कुछ समय के लिए दब जाती है। इस प्रेशर के कारण नसें दिमाग तक सही तरीके से संकेत नहीं पहुंचा पाती हैं। इसके कारण उस प्रभावित हिस्से की संसेशन कुछ समय के लिए सुस्त हो जाती है और सुन्नपन महसूस होने लगता है।

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2. ब्लड सर्कुलेशन में अस्थायी रुकावट

नसों के साथ-साथ हमारी ब्लड वेसल्स भी पैरों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाती हैं। जब आप गलत पोश्चर में बैठते हैं तो पैरों की ओर जाने वाली ब्लड वेसल्स पर प्रेशर पड़ता है, जिससे उस हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन थोड़ा धीमा हो जाता है। ऑक्सीजन और ब्लड की सप्लाई कुछ समय के लिए कम हो जाती है और पैर के सेल्स को प्रभावित करती है। ऐसे में जैसे ही आप अपनी स्थिति को बदलते हैं और खड़े होते हैं, ब्लड का फ्लो तेजी से दोबारा शुरू होता है, जिससे अचानक तेजी से झुनझुनी होने लगती है।

क्या यह सामान्य है या किसी बीमारी का संकेत?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि पैरों में सुन्नपन की समस्या सामान्य है या किसी बीमारी का संकेत है यह व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।

सामान्य स्थिति- अगर पैर थोड़ी देर हिलाने-डुलाने या खड़े होने के बाद ठीक हो जाता है, तो यह पूरी तरह नॉर्मल है और इसका कारण सिर्फ गलत पोश्चर या थोड़ी देर के लिए नस का दबना है।

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कब चिंता का कारण है?

अगर आपको बिना किसी खास कारण के बार-बार पैर सुन्न होने की समस्या होती है या सुन्नपन लंबे समय तक बना रहता है तो यह इन मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • डायबिटिक न्यूरोपैथी- शुगर लेवल अनियंत्रित होने पर पैरों की नसें कमजोर हो जाती हैं।
  • विटामिन बी12 की कमी- शरीर में इस विटामिन की कमी होने पर नसों की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।
  • साइटिका- रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली नस पर दबाव पड़ने से पैर में सुन्नपन और तेज दर्द हो सकता है।

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पैरों के सुन्नपन से बचने के आसान उपाय

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आपको बैठे-बैठे अक्सर पैर में सुन्नपन की समस्या होती है तो इन बातों का ध्यान रखें-

  • लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न बैठें- अगर आपकी डेस्क जॉब है तो हर 45 से 50 मिनट के बाद अपनी सीट से उठकर 2 से 3 मिनट की हल्की वॉक जरूर करें।
  • बैठने का सही तरीका अपनाएं- कुर्सी पर बैठते समय पैरों को क्रॉस करके बैठने से बचना चाहिए। दोनों पैरों को जमीन पर सपाट रखें और घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर रखने की कोशिश करें।
  • संतुलित डाइट लें- अपने खान-पान में विटामिन बी12 से भरपूर फूड्स दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां और पर्याप्त पोषक तत्व शामिल करें।
  • हाइड्रेटेड रहें- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहे।

निष्कर्ष

बैठते समय कभी-कभार पैर सुन्न होना एक आम शारीरिक प्रतिक्रिया है, जो नस पर थोड़े समय के दबाव के कारण होती है। लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें और अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • हाथ पैर सुन्न होना कौन सी बीमारी के लक्षण हैं?

    हाथ और पैरों में सुन्नपन होना मुख्य रूप से नसों पर प्रेशर, नसों का डैमेज होना या ब्लड फ्लो की कमी का संकेत होता है।
  • कौन सा विटामिन सुन्नता का कारण बनता है?

    हाथ-पैरों में सुन्नता और शरीर के अन्य हिस्सों में सुन्नपन मुख्य रूप से विटामिन बी12 की कमी के कारण होती है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 14, 2026 15:48 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh