Thu Oct 15, 2026 | 01:44 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

बार-बार पैर सुन्न क्यों पड़ते हैं? डॉक्टर से जानें

पैरों के बार-बार सुन्न पड़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें लंबे समय तक बैठना, विटामिन की कमी, डायबिटीज और नस दबना शामिल हैं। इससे बचाव के लिए सही पोस्चर, नियमित एक्सरसाइज और बैलेंस डाइट लेना जरूरी हैं।
बार-बार पैर सुन्न क्यों पड़ते हैं? डॉक्टर से जानेंबार-बार पैर सुन्न क्यों पड़ते हैं? डॉक्टर से जानें

कई बार लोगों को पैरों के सुन्न पड़ने की समस्या होती है। जिसके कारण कई बार व्यक्ति को पैरों में चुभन महसूस होने और बैलेंस बिगड़ने जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि पैरों में सुन्नपन होने की समस्या क्यों होती है? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

पैरों में सुन्नपन होने के कारण

डॉ. अरविंद के अनुसार, पैरों में बार-बार सुन्नपन तब हो सकता है, जब नसें दब जाती हैं, उनमें जलन या चोट लगती है या कोई अंदरूनी पोषण या मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्या होती है। इसे झुनझुनी, सुई चुभने जैसा एहसास, सेंसेशन कम होना या ऐसा महसूस होना कि पैर कुछ समय के लिए सो गया है जैसा महसूस किया जा सकता है।

1. लंबे समय तक बैठे रहना

पैरों में सुन्नपन का एक आम कारण है लंबे समय तक बैठे रहना, पैर क्रॉस करके बैठना या लंबे समय तक गलत पोस्चर में रहना। इन स्थितियों में नसें कुछ समय के लिए दब सकती हैं, जिससे सुन्नपन हो सकता है। आमतौर पर स्थिति बदलने या चलने-फिरने पर यह समस्या ठीक हो जाती है।

इसे भी पढ़ें: बैठे-बैठे अचानक पैर सुन्न क्यों हो जाते हैं? जानिए ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ा कनेक्शन

2. विटामिन्स की कमी

शरीर में विटामिन की कमी, खासकर विटामिन B12 की कमी, नसों के काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है और लगातार सुन्नपन या झुनझुनी का कारण बन सकती है।

why do your feet go numb again and again 1why do your feet go numb again and again 1

3. ब्लड शुगर के कारण

पैरों में सुन्नपन की समस्या का डायबिटीज (ब्लड शुगर) एक और अहम कारण है, क्योंकि लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर ज्यादा रहने से पेरिफेरल नसें (खासकर पैरों और तलवों की नसें) डैमेज हो सकती हैं।

4. स्लिप्ड डिस्क या नस दबने

पीठ के निचले हिस्से में स्लिप्ड डिस्क या नस दबने (पिंच्ड नर्व) से भी सुन्नपन, दर्द या कमजोरी हो सकती है, जो एक पैर में नीचे की ओर फैलती है।

5. दवाइयों या अल्कोहल के कारण

पैरों में सुन्नपन की समस्या के अन्य संभावित कारणों में कुछ दवाएं, अल्कोहल से नसों को नुकसान और ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करने वाली स्थितियां शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: बार-बार हाथ सुन्न होने को कब नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? डॉक्टर से जानें

क्या कहती है स्टडी?

Cleveland Clinic के अनुसार, सुन्नपन की समस्या कई कारणों से हो सकती है। जैसे -रीढ़ की हड्डी, ब्रेन या नसों में चोट, न्यूरोपैथिक दर्द, नसों पर दबाव पड़ने से जुड़ी समस्याएं, हर्नियेटेड डिस्क, आर्थराइटिस, डायबिटीज, किडनी की बीमारी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, माइग्रेन, दौरे पड़ना, हाइपोथायरायडिज्म, लंबे समय तक एक ही स्थिति में खड़े रहना या बैठे रहना, विटामिन B की कमी, दवाओं का सेवन, ब्लड सर्कुलेशन की कमी, शरीर में पोटेशियम, कैल्शियम या सोडियम का असामान्य स्तर, अल्कोहल या तंबाकू के सेवन से नसों को नुकसान होने के कारण।

पैरों के सुन्नपन से बचाव के लिए क्या करें?

डॉ. अरविंद का कहना है, पैरों की सुन्नपन की समस्या से बचाव के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है।

  • लंबे समय तक बैठने के दौरान नियमित ब्रेक लें।
  • सही पोस्चर बनाए रखें।
  • नियमित एक्सरसाइज करें।
  • पर्याप्त विटामिन व अन्य जरूरी पोषक तत्वों वाली बैलेंस्ड डाइट लें।
  • डायबिटीज वाले लोगों को अपने ब्लड शुगर की मॉनिटरिंग करनी चाहिए।
  • नियमित रूप से अपने पैरों की जांच कराएं।

हालांकि, बार-बार होने वाले या लगातार बने रहने वाले सुन्नपन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षणों के आधार पर डॉक्टर ब्लड टेस्ट, न्यूरोलॉजिकल जांच या अन्य टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. अरविंद बताती हैं, अगर सुन्नपन अचानक शुरू हो, खासकर कमजोरी, चेहरे का एक तरफ झुकना, बोलने में परेशानी या चलने में परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। अगर नया सुन्नपन ब्लैडर या बाउल पर कंट्रोल खोने के साथ हो, तो भी तुरंत जांच की जरूरत होती है।

निष्कर्ष

लंबे समय तक बैठे रहने, विटामिन्स की कमी, ब्लड शुगर, स्लिप्ड डिस्क या नस दबने, दवाइयों या अल्कोहल का सेवन करने जैसे कई कारणों से व्यक्ति को पैरों में सुन्नपन की समस्या हो सकती है। ऐसे में इससे राहत के लिए लंबे समय तक बैठे रहने से बचें, सही पोस्चर में बैठें, नियमित एक्सरसाइज करें, पोषक तत्वों से युक्त बैलेंस डाइट लें, ब्लड शुगर मॉनिटर करें और नियमित रूप से पैरों की जांच कराएं।

ध्यान रहे, अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या इसके अलावा अन्य परेशानियां होती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर समस्या से बचा जा सके।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • सुन्नपन की समस्या किसकी कमी से होती है?

    शरीर में विटामिन बी12, विटामिन बी6, विटामिन बी1, विटामिन ई, मैग्नीशियम, कैल्शियम और कॉपर जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण ये समस्या हो सकती है।
  • सुन्नपन होने पर क्या परेशानी होती है?

    सुन्नपन होने पर व्यक्ति को चुभन, झुनझुनी, छूने पर पता न चलना, मांसपेशियों का कमजोर पड़ने और बैलेंस बिगड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

Read Next

→ ऑक्युलर हाइपरटेंशन क्या है और हाई बीपी से कितना अलग है? डॉक्टर से जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 15, 2026 12:38 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr. Aravinda S N