Thu Sep 17, 2026 | 09:56 AM IST

Medically Reviewed by Dr Himika Chawla , Senior Consultant – Endocrinology & Diabetology

रोज सुबह से रात तक अपनाएं ये 5 आदतें, तेजी से नीचे आएगा HbA1c लेवल

लगातार HbA1c लेवल बढ़कर आना सेहत के लिए गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। इसिलए, इस लेवल को कम करने के लिए आप अपनी आदतों में कुछ बदलाव कर सकते हैं, जिसमें हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज आदि चीजें शामिल हैं। 

HbA1c टेस्ट की मदद से किसी व्यक्ति के पिछले लगभग दो से तीन महीनों के औसत ब्लड ग्लूकोज लेवल के बारे में पता चलता है। HbA1c को सुरक्षित तरीके से कम करना आमतौर पर किसी एक खाने की चीज, सप्लीमेंट या थोड़े समय की डाइट का पर निर्भर नहीं होता है। यह रोजाना की लगातार आदतों, सही दवा और नियमित मेडिकल टेस्ट पर निर्भर करता है। HbA1c का सही लक्ष्य उम्र, डायबिटीज के प्रकार, प्रेग्नेंसी, दूसरी बीमारियों और लो ब्लड शुगर के जोखिम के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है, इसलिए इलाज के लक्ष्य हमेशा हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग तय किए जाने चाहिए। ऐसे में आइए Dr. Himika Chawla, Senior Consultant, Endocrinology and Diabetology, PSRI Hospital, Delhi से जानते हैं कि HbA1c का लेवल कम करने के लिए आदतों में क्या-क्या बदलाव करना चाहिए

HbA1c का लेवल कम करने के लिए अपनाएं ये 5 आदतें

Dr. Himika Chawla का कहना है कि HbA1c का लेवल कम होना डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो उनके शरीर में ब्लड लेवल के नियमित होने के बारे में जानकारी देता है। इसलिए, अपने HbA1c लेवल को कम रखने के लिए आप आदतों में ये बदलाव कर सकते हैं-

1. दवाइयों का सही और नियमित इस्तेमाल

Dr. Himika Chawla के अनुसार, सबसे जरूरी आदतों में से एक है डायबिटीज की दवा या इंसुलिन को ठीक वैसे ही लेना जैसा बताया गया है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा की खुराक छोड़ना, समय बदलना या दवा कम करने से ग्लूकोज के लेवल में बार-बार उतार-चढ़ाव आ सकता है। अगर नियमित इलाज के बाद भी ब्लड शुगर ज्यादा रहता है तो खुद से खुराक बढ़ाने से बचना चाहिए। बल्कि किसी डॉक्टर से इलाज के प्लान के बारे में चर्चा करनी चाहिए।

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2. खाने का समय और फूड्स का ध्यान रखें

Dr. Himika Chawla का कहना है कि HbA1c कम करने के लिए खाने का तरीका और समय भी मायने रखता है। लोगों को लंबे समय तक भूखे रहने के बाद बहुत ज्यादा खाना खाने से बचना चाहिए। एक सही थाली में बिना स्टार्च वाली ढेर सारी सब्जियां, सही मात्रा में प्रोटीन और सीमित मात्रा में साबुत अनाज या दूसरे कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स शामिल कर सकते हैं।

मीठे ड्रिंक्स, पैक्ड जूस, मिठाइयां और बार-बार रिफाइंड स्नैक्स खाने से ब्लड ग्लूकोज तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए इनका सेवन कम करना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह से डाइट से हटाने की जरूरत नहीं है, लेकिन दिन भर में इनकी मात्रा, क्वालिटी और खाने के समय का सही ध्यान रखना जरूरी है।

साल 2022 में Journal of Family Medicine and Primary Care की एक स्टडी में बताया गया है कि भोजन का समय और उसकी आवृत्ति HbA1c के लेवल को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 2-OMEX लाइफस्टाइल प्लानिंग से इंसुलिन स्पाइक्स कम हो सकता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है।

3. नियमित शारीरिक गतिविधियां करना

Dr. Himika Chawla बताती हैं कि नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करने से शरीर की ग्लूकोज इस्तेमाल करने की क्षमता बेहतर होती है। हफ्ते में कई दिन तेजी से चलना, साइकिल चलाना, तैरना या कोई दूसरी एरोबिक गतिविधि करने के साथ-साथ स्ट्रेंथ एक्सरसाइज भी की जा सकती है।

इसके अलावा, दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर की हलचल भी फायदेमंद होती है।खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं। साथ ही, जो लोग इंसुलिन या ऐसी दवाएं ले रहे हैं, जिनसे हाइपोग्लाइसीमिया (ब्लड शुगर का स्तर बहुत कम होना) हो सकता है, उन्हें एक्सरसाइज़ के दौरान अपना ग्लूकोज लेवल चेक करना पड़ सकता है।

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साल 2014 में Diabetes Research and Clinical Practice के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, टाइप 1 डायबिटीज वाले बच्चों और किशोरों में शारीरिक गतिविधि और HbA1c लेवल के बीच गहरा कनेक्शन है। ज्यादा एक्टिव रहने वाले बच्चों में HbA1c का औसत स्तर 7.7%, कम एक्टिव बच्चों में 8.8% था।

4. ब्लड शुगर की जांच और बेहतर नींद

Dr. Himika Chawla के मुताबिक, नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर लेवल की निगरानी करने से यह समझने में मदद मिल सकती है कि खाना, एक्सरसाइज, तनाव और दवाएं शरीर पर कैसा असर डालते हैं। रीडिंग, खाने-पीने और लक्षणों का एक रिकॉर्ड रखने से डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसके साथ ही, अच्छी नींद और तनाव को मैनेज करना भी जरूरी है क्योंकि खराब नींद और लगातार तनाव से ब्लड शुगर को कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है।

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5. बुरी आदतें छोड़ना

Dr. Himika Chawla ने बताया कि तंबाकू से बचना और शराब का सेवन कम करने के साथ नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल की जांच करवाने से इसे लंबे समय तक कंट्रोल में रखा जा सकता है। HbA1c का टेस्ट कुछ ही दिनों के अंदर बार-बार करने के स्थान पर इलाज करने वाले डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय समय पर करवानी चाहिए।

डॉक्टर से कब मिलें?

डायबिटीज को मैनेज करने के दौरान कुछ खास लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी होता है। अगर बार-बार ब्लड शुगर का लेवल कम हो जाए, चक्कर आएं, बहुत ज्यादा पसीना आए या उलझन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, अगर नियमित इलाज के बाद शुगर का लेवल लगातार बढ़ा रहे, उल्टी होने लगे या बहुत ज्यादा प्यास लगे तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

निष्कर्ष
Dr. Himika Chawla कहती हैं कि बहुत ज्यादा डाइटिंग या बहुत ज्यादा दवाओं के जरिए HbA1c को जल्द से जल्द कम करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। लगातार अपनाई जाने वाली छोटी-छोटी आदतों से ही लंबे समय तक HbA1c लेवल में सुधार होता है। इसके अलावा, HbA1c लेवल में सुधार न होने और लगातार ब्लड शुगर बढ़ने पर डॉक्टर से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • HbA1c का कौन सा स्तर खतरनाक है?

    HbA1c का 9% से ज्यादा लेवल खतरनाक माना जाता है, क्योंकि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और अंगों को नुकसान पहुंचने के खतरे को बढ़ा देता है।
  • HbA1c क्यों बढ़ता है?

    HbA1c बढ़ने का मुख्य कारण शरीर में पिछले 2 से 3 महीनों से ब्लड शुगर का लेवल लगातार ज्यादा रहना टाइप 2 डायबिटीज, खराब लाइफस्टाइल और आयरन की कमी से जुड़ा होता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 02, 2026 20:27 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Himika Chawla

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