Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vidya Tickoo , Consultant Endocrinologist & Diabetologist

क्या डायब‍िटीज न होने के बावजूद हाई शुगर लेवल खतरनाक है? डॉक्‍टर से जानें छिपे खतरों के बारे में

केवल डायब‍िटि‍क मरीजों का शुगर लेवल ज्‍यादा नहीं होता, बल्‍क‍ि डायब‍िटीज के बगैर भी व्‍यक्‍त‍ि हाई शुगर लेवल का श‍िकार हो सकता है। डॉक्‍टर से जानें कारण और उपाय।

शुगर लेवल संतुल‍ित रखना जरूरी है, ताक‍ि डायब‍िटीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव हो, लेक‍िन आजकल हाई शुगर ले वल की समस्‍या कॉमन होती जा रही है। डायब‍िटीज के बगैर भी लोगों का शुगर लेवल ज्‍यादा रहता है। कई लोगों का शुगर लेवल जेनेट‍िक कारणों से भी ज्‍यादा रहता है। अगर घर में क‍िसी को इंसुल‍िन सेंस‍िट‍िव‍िटी है, तो आपको भी हाई शुगर लेवल या डायब‍िटीज जैसी बीमार‍ियों का खतरा हो सकता है। आगे जानते हैं क‍ि डायबि‍टीज के बगैर हाई शुगर लेवल कब खतरनाक हो सकता है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Vidya Tickoo, Consultant Endocrinologist & Diabetologist At Yashoda Hospitals, Hitech City, Hyderabad से बात की।

डायब‍िटीज के बगैर शुगर लेवल ज्‍यादा क्‍यों होता है?

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डायब‍िटीज के बगैर भी कुछ लोगों का शुगर लेवल ज्‍यादा हो सकता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे हैवी मील्‍स का सेवन, ज्‍यादा स्‍ट्रेस लेना, कुछ खास दवाओं के सेवन से भी शुगर लेवल असंतुल‍ित हो सकता है। हालांक‍ि, अगर जांच में शुगर लेवल लगातार ज्‍यादा द‍िख रहा है, या बार-बार पेशाब, बार-बार प्‍यास लगना, थकान, आंखों में धुंधलापन या अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण नजर आते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाह‍िए।

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डायब‍िटीज के बगैर हाई शुगर लेवल क‍ितना खतरनाक है?

कभी-कभी हाई शुगर लेवल सामान्‍य है, लेक‍िन बार-बार शुगर लेवल हाई रहना सामान्‍य नहीं है और इसके पीछे डायब‍िटीज के अलावा कई गंभीर कारण हाे सकते हैं जैसे-

  • हाई शुगर लेवल पीएमओएस (पूर्व नाम PCOS) का संकेत हो सकता है। पीएमओएस में कई मह‍िलाओं को इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस का सामना करना पड़ता है ज‍िस कारण ग्‍लूकोज ब्‍लड में ही मौजूद रहता है।
  • न‍िमोन‍िया और यूटीआई जैसे इंफेक्‍शन में ग्‍लूकोज का लेवल असामान्‍य हो सकता है।
  • मोटापे से पीड़ि‍त लोगों में भी हाई शुगर लेवल जैसी समस्‍या हो सकती है ज‍िसमें ग्‍लूकोज और इंसुल‍िन का संतुलन ब‍िगड़ जाता है।

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प्री-डायब‍िटीज का संकेत तो नहीं?

अगर ब्‍लड टेस्‍ट र‍िपोर्ट में शुगर लेवल लगातार ज्‍यादा द‍िख रहा है, तो यह प्री-डायब‍िटीज का लक्षण हो सकता है। ऐसी स्‍थि‍त‍ि से बचने के ल‍िए फास्‍ट‍िंग ब्‍लड शुगर टेस्‍ट और HbA1c टेस्‍ट कराएं।

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क्‍या कहती है स्‍टडी?

साल 2023 में Diabetes Care नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, ज‍िन लोगों को डायब‍िटीज के बगैर हाई शुगर लेवल की समस्‍या है, उन्‍हें जल्‍द से जल्‍द वेट और बीपी मैनेजमेंट पर गौर करना चाह‍िए ताक‍ि प्रीडायब‍िटीज के खतरे से बचा जा सके। दस हजार से ज्‍यादा लोगों पर हुई स्‍टडी में पता चला क‍ि लाइफस्‍टाइल में बदलाव करने से शुगर लेवल नॉर्मल होने की संभावना 46 प्रत‍िशत बढ़ जाती है और टाइप 2 डायब‍िटीज का खतरा 38 प्रत‍िशत कम हो जाता है।

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हाई शुगर लेवल को कंट्रोल करने के ट‍िप्‍स

  • कई मामलों में शुगर लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए डाइट की अहम भूम‍िका होती है।
  • शुगर लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए रोजाना एक्‍सरसाइज करना भी जरूरी है।
  • हाई शुगर लेवल को कंट्रोल करना है और डायब‍िटीज से बचना है, तो पर्याप्‍त नींद लें और अन‍िद्रा से बचें।
  • हाई शुगर लेवल से बचने के ल‍िए हाइड्रेशन का ख्‍याल रखना भी जरूरी है।

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क्‍या पानी पीकर अत‍िर‍िक्‍त शुगर को ब्‍लड से न‍िकाल सकते हैं?

नहीं यह पूरी तरह से संभव नहीं है। पानी पीने से शुगर लेवल कंंट्रोल करने में मदद म‍िलती है, लेक‍िन इसका पर‍िणाम तुरंत देखने को नहीं म‍िलता है। पानी पीने से क‍िडनी से अत‍िर‍िक्‍त शुगर यूर‍िन के जर‍िए बाहर जरूर न‍िकलती है, लेक‍िन शुगर लेवल कंट्रोल करने के ल‍िए सही लाइफस्‍टाइल को फॉलो करना भी जरूरी है।

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डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

बुखार, ज्‍यादा पेशाब, ड्राई त्‍वचा या मुंह, तेज सिर दर्द, मसल स्‍ट‍िफनेस, थकान, जी म‍िचलाना, उल्‍टी या पेट में दर्द होने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें।

न‍िष्‍कर्ष:

डायब‍िटीज के बगैर अगर शुगर लेवल हाई होता है, तो इसे सामान्‍य न समझें, इसके पीछे प्री-डायब‍िटीज, मोटापा, पीएमओएस, न‍िमोन‍िया, यूटीआई जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। कभी-कभार शुगर लेवल हाई हो सकता है, लेक‍िन बार-बार टेस्‍ट र‍िपोर्ट में शुगर लेवल ज्‍यादा द‍िखे, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें और हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल ट‍िप्‍स को अपनाएं।

FAQ

  • शुगर लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए क्‍या खाएं?

    लो फैट डेयरी उत्‍पाद जैसे बीन्‍स, अंडे, टोफू, फाइबर जैसे ब्राउन राइस, पालक, टमाटर, बेरीज, च‍िया सीड्स और बादाम वगैरह का सेवन भी कर सकते हैं।
  • हाई शुगर लेवल में क्‍या न खाएं?

    मीठी ड्र‍िंक्‍स, केक, कुकीज जैसी मीठी चीजें न खाएं, ज‍िन चीजों में ज्‍यादा स्‍टार्च होता है जैसे सफेद चावल या ब्रेड का सेवन भी न करें। पि‍ज्‍जा, बर्गर जैसी प्रोसेस्‍ड चीजों से भी परहेज करें। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 06, 2026 15:12 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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