कई बार ऐसा होता है कि पेट साफ होने के बावजूद भारीपन का एहसास रहता है। इसकी वजह से पूरा दिन असहजता बनी रहती है और दिन भी गैर-प्रोडक्टिव हो जाता है। किसी काम में मन भी नहीं लगता है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो पेट साफ न होने पर पूरा दिन ब्लोटिंग, पेट दर्द और गैस जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। इसलिए, यह जान लेना बहुत जरूरी है आखिर पेट साफ होन के बाद भी भारीपन का एहसास क्यों होता है? इस बारे में जानने के लिए हमने नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक, लेजर और जनरल सर्जरी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नीरज धमीजा से बात की।
पेट साफ होने के बाद भी भारीपन क्यों महसूस होता है?
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आमतौर पर पेट साफ होने के बाद भी भारीपन होने को हम कोई गंभीर समस्या नहीं मानते हैं। हालांकि, यह असहजता का बड़ा कारण हो सकता है। 2013 में Journal of Neurogastroenterology and Motility में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, पेट फूलने की समस्या बेहद आम होने के बावजूद इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वैसे तो इस समस्या को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी आंतों की गड़बड़ियों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन कुछ मामलों में पेट साफ होने के बावजूद ऐसा हो जाता है। शोध में आगे बताया गया है कि पेट फूलने के संभावित कारणों में आंतों का सेंसिटिव होना, सही तरह से गैस का पास न होना और आंतों के बैक्टीरिया में असंतुलन होना। इसके अलावा, कुछ दवाओं के साथ-साथ खानपान में बदलाव के कारण भी पेट फूलने की समस्या हो जाती है, जो कि पेट साफ होने के बाद भी बनी रहती है।
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पेट में भारीपन का एहसास कराने वाली स्वास्थ्य समस्याएं
इरिटेबल बाउल सिंड्रोमः डॉ. नीरज धमीजा का कहना है कि जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्या होती है, उनका पेट बहुत ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है। ऐसे में पेट में भारीपन, ब्लोटिंग और गैस बनने जैसी समस्याएं लगातार होती रहती हैं।
कब्जः डॉ. नीरज धमीजा स्पष्ट करते हैं जब मलाशय में लंबे समय तक मल रुका रहता है, तो यह भी पेट में भारीपन का एहसास कराता है। इस प्रक्रिया को समझाते हुए डॉक्टर कहते हैं, मलाशय में मल का रुके रहना और पेल्विक फ्लोर डिसिनर्जिया (यानी मलद्वार की मांसपेशियों को सिकोड़ने और ढीला छोड़ने में दिक्कत आना) आंतों की काम करने की गति को प्रभावित करती है। ऐसे में पेट के अंदर की गैस बाहर नहीं निकल पाती, जिससे पेट में भारीपन और ब्लोटिंग की दिक्कतें होने लगती हैं।
मल का सख्त होनाः आमतौर पर कब्ज में मल काफी सख्त हो जाता है, लेकिन कुछ गंभीर मामलों में, जब मल सख्त और कड़ा हो जाए, तो वह बड़ी आंत में फंसा रहता है। इससे आंतों की सामान्य हलचल पूरी तरह बाधित हो जाती है। ऐसे में पेट की गैस बाहर नहीं निकल पाती और पेट फूलने की समस्या बेहद गंभीर हो जाती है। इस तरह की स्थिति में डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
पेट में भारीपन होने पर कब जाएं डॉक्टर के पास?
पेट साफ होने के बाद भी भारीपन महसूस होने पर हमेशा इसे हल्के में न लें। यह कई बार किसी अन्य गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे में मामलों में देरी सही नहीं है। भविष्य में इसके गंभीर परिणाम नजर आ सकते हैं। जानें, कब जाएं डॉक्टर के पास-
- अगर कुछ दिनों में पेट में भारीपन, ब्लोटिंग और गैस की समस्या अपने आप कम न हो, तो डॉक्टर के पास जाएं।
- मल में खून आना या मलाशय से ब्लीडिंग होना भी सही संकेत नहीं है।
- अगर पेट साफ होने की समस्या है और भारीपन भी बना रहता है, साथ ही वजन तेजी से बढ़ या घट रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
- पेट के निचले हिस्से या मलाशय में तेज और असहनीय दर्द होने की स्थिति में एक्सपर्ट से मिलें।
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निष्कर्ष
सामान्यतः पेट साफ होने के बावूजद भारीपन महसूस होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। हालांकि, अगर किसी को यह दिक्कत लंबे समय तक बनी रहे, तो उन्हें इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसका मतलब है कि आंत से संबंधित समस्या हो रही है और गैस भी सही तरह से पास नहीं हो रही है। अगर इसका इलाज समय पर न किया जाए, तो पाचन संबंधी कई समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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FAQ
पेल्विक फ्लोर डिसिनर्जिया क्या है?
पेल्विक फ्लोर डिसिनर्जिया एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें मलद्वार की मांसपेशियां मल त्याग के समय ढीली होने के बजाय सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में मल और गैस अंदर ही फंस जाते हैं और पेट में भारीपन का एहसास बना रहता है।पेट साफ होने के बाद भी रहने वाले भारीपन के क्या लक्षण हैं?
भारीपन के साथ-साथ मल से खून आना, बिना कारण वजन तेजी से घटने या बढ़ना, पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होन आदि।
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Jul 03, 2026 19:22 IST
Modified By : Meera Tagore Jul 03, 2026 19:22 IST
Modified By : Meera TagoreJul 03, 2026 19:22 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Neeraj Dhamija