मेनोपॉज यानी पीरियड्स का पूरी तरह बंद हो जाना। आमतौर पर मेनोपॉज होने के बाद महिलाओं को कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। इसमें हड्डियों का कमजोर होना, वजाइनल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं आदि शामिल हैं। कई महिलाएं मेनोपॉज के बाद पेशाब के लीक होने की परेशानी का भी जिक्र करती देखी जाती हैं। सवाल है, मेनोपॉज के बाद ऐसी समस्या क्यों होती है? आइए, जानते हैं वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता इस बारे में क्या बताती हैं?
मेनोपॉज के बाद पेशाब लीक होने के कारण?
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एस्ट्रोजन के स्तर में कमी
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से गिर जाता है। इसकी वजह से महिलाओं को योनि में खुजली, ड्राईनेस जैसी कई समस्याएं हो जाती हैं। यहां तक कि एस्ट्रोजन की कमी के कारण महिलाओं को पेशाब को लंबे समय तक होल्ड करने में दिक्कतें आने लगती हैं, जिससे पेशाब लीक होने की परेशानी बढ़ जाती है। Menopause Review रिपोर्ट में बताया गया है कि मेनोपॉज हो चुकीं बुजुर्ग महिलाओं में से करीब 50 फीसदी महिलाएं इससे प्रभावित होती हैं। इस रिव्यू रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इसका इलाज हमेशा गैर-सर्जिकल और पारंपरिक तरीकों जैसे कि फिजियोथेरेपी (पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज) और दवाओं से शुरू किया जाना चाहिए। इस समस्या से पीड़ित महिलाओं के लिए फिजियोथेरेपी काफी फायदेमंद होती है।
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पेल्विक फ्लोर मसल्स में कमजोरी
मेनोपॉज के बाद महिलाओं की हड्डियां ही नहीं, बल्कि मांसपेशियां भी कमजोर हो जाती हैं। विशेषकर, पेल्विक फ्लोर मांसपेशियां अधिक प्रभावित होती हैं। जानकारी के लिए बता दें कि पेशाब को रोकने के लिए यह मांसपेशी बहुत जरूरी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। NCBI में प्रकाशित एक रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि कमजोर हो चुकी पेल्विक फ्लोर मांसपेशियां यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस के लिए जिम्मेदार होती हैं। चूंकि, मेनोपॉज के बाद यह समस्या होने लगती है, इसलिए अक्सर महिलाओं को छींकने, खांसने और भारी सामान उठाने के दौरान पेशाब लीक होने की समस्या देखने को मिलती है।
जेनिटोयूरिनरी सिंड्रोम (Genitourinary Syndrome)
NCBI में प्रकाशित एक शोध से पता चलता है कि मेनोपॉज के दौरान होने वाला जेनिटोयूरिनरी सिंड्रोम महिलाओं में पेशाब लीक होने का मुख्य कारण बनता है। दरअसल, इस स्थिति में महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर अचानक बहुत तेजी से गिर जाता है, जिससे पेशाब की नली तक खून का बहाव, नमी और उसका लचीलापन कम हो जाता है। नतीजतन, पेशाब की नली की अंदरूनी परत पतली हो जाती है, मूत्राशय पर नियंत्रण कम हो जाता है और आसपास की पेल्विक मांसपेशियां भी कमजोर पड़ जाती हैं। ऐसे में मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए पेशाब को लंबे समय तक होल्ड करना काफी मुश्किल हो जाता है।
वजन का बढ़ना
चूंकि, मेनोपॉज के बाद मेटाबॉलिज्म रेट भी धीमा हो जाता है। ऐसे में कई महिलाओं का वजन बढ़ जाता है, जिसे कम करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है। वैसे भी इस उम्र में महिलाएं अधिक वर्कआउट नहीं करती हैं, जिसकी वजह से उनके शरीर में विसरल फैट भी बढ़ने लगता है। PubMed Central में प्रकाशित एक मेडिकल रिव्यू आर्टिकल से भी इस बात का पता चलता है। इस रिव्यू आर्टिकल के अनुसार, मोटापा महिलाओं में पेशाब और मल के को लंबे समय तक होल्ड करने की क्षमता को कमजोर कर देता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि पेट का अतिरिक्त वजन पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर पड़ता है। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "ऐसा नहीं है कि जिन महिलाओं का वजन अधिक है, वे पेशाब पर कंट्रोल करने की अपनी क्षमता को पूरी तरह खो देती हैं। हालांकि, जिन महिलाओं को मेनोपॉज के बाद पेशाब लीक होने की समस्या हो जाती है, पेल्विक फ्लोर से जुड़ी एक्सरसाइज करके इस समस्या से राहत पा सकती हैं।"
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संक्रमण का होना
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने की वजह से वजाइनल ड्राईनेस, रूखापन जैसी समस्या होती है और व्हाइट डिसचार्ज भी कम हो जाता है। ऐसे में उन्हें यूरिन इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है। साल 2011 में Korean Journal Of Urology में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, मेनोपॉज के बाद यूरिन इंफेक्शन बहुत सामान्य हो जाता है, जो कि एस्ट्रोजन के स्तर में आई कमी के कारण होता है। इस तरह की स्थिति में कई बार पेशाब को होल्ड करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में महिलाओं को चाहिए कि वे बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
पेशाब लीक होने की समस्या को कैसे कम करें?
मेनोपॉज के बाद पेशाब लीक होने की समस्या बढ़ रही हो, तो इसे इग्नोर न करें। इस संबंध में डॉक्टर से मिलें और अपना ट्रीटमेंट करवाएं। हालांकि, डॉ. शोभा गुप्ता कुछ टिप्स दे रही हैं, आप उन्हें फॉलो कर सकते हैं-
- कॉफी, चाय या फ्रीजी ड्रिंक न पिएं। इससे ब्लैडर को नुकसान होता है और समस्या बढ़ जाती है।
- दिन भर में 6-8 गिलास पानी पिएं। बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। कम पानी पीने से या बॉडी के डिहाइड्रेट होने से समस्या बिगड़ सकती है।
- अपने वजन को संतुलित रखें। मेनोपॉज के बाद बहुत जरूरी है वेट को कंट्रोल करें।
- पेशाब लीकेज को कम करने के लिए आप पेल्विक फ्लोर से जुड़े एक्सरसाइज कर सकती हैं। इससे मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और समस्या में कमी आती है।
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निष्कर्ष
मेनोपॉज के बाद पेशाब का लीक होना कोई गंभीर समस्या नहीं है। ऐसा पेल्विक फ्लोर के कमजोर होने के कारण होता है और एस्ट्रोजन के स्तर में कमी भी इसके लिए जिम्मेदार है। हालांकि, बेहतर होगा कि आपको यह समस्या क्यों हो रही है, इसका कारण डॉक्टर की जांच से ही जानने की कोशिश करें। मेनोपॉज के बाद हो रही पेशाब लीक की समस्या का इलाज खुद से घर में करने की कोशिश न करें। यह सही नहीं है।
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FAQ
क्या मेनोपॉज के बाद यूरिन लीकेज की समस्या खुद-ब-खुद ठीक हो सकती है?
नहीं, लाइफस्टाइल में बदलाव या पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज किए बिना यूरिन लीकेज की समस्या अपने आप ठीक नहीं होती है।क्या मेनोपॉज के बाद यूरिन इनकॉन्टिनेंस के इलाज के लिए लोकल एस्ट्रोजन क्रीम का इस्तेमाल करना सेफ है?
डॉक्टर की देखरेख में योनि में लगाई जाने वाली लो-डोज एस्ट्रोजन क्रीम सेफ और प्रभावी मानी जाती है।
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Jul 23, 2026 19:29 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta