Fri Sep 11, 2026 | 07:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या लेट 30s में मेनोपॉज होना नॉर्मल है? डॉक्टर से जानें क्या है सच

Can You Go Through Menopause At Thirties: 35 की उम्र के बाद मेनोपॉज नॉर्मल नहीं होता है, बल्कि इसे प्रीमैच्योर मेनोपॉज कहा जाता है। इस लेख में जानें कि ऐसा क्यों होता है और आपको इसके लिए कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

Can Menopause Start At 30s: मेनोपॉज वह प्रक्रिया है, जब महिलाओं को पीरियड्स होना पूरी तरह बंद हो जाते हैं। यह पूरी तरह नॉर्मल होता है। मेनोपॉज होने का मतलब है कि अब महिलाएं यौन संबंध बनाने के बावजूद कंसीव नहीं कर सकती हैं यानी उनका रिप्रोडक्टिव ऑर्गन पूरी तरह काम करना बंद कर देता है। बहरहाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मेनोपॉज की सही उम्र 45 से 55 के बीच होती है। हालांकि, आपने नोटिस किया होगा कि हाल के सालों में कम उम्र की महिलाओं को भी मेनोपॉज हो रहा है। हद तो तब हो जाती है जब महज 30s की उम्र के अंतिम चरण में महिलाओं को मेनोपॉज हो जाता है। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है कि क्या वाकई लेट 30s में मेनोपॉज होना नॉर्मल होता है? आइए, Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता जानते हैं इसकी सच्चाई क्या है।

क्या 35 की उम्र के बाद मेनोपॉज होना नॉर्मल  है?- Is Menopause Normal At The Late 30s

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हर महिला को एक उम्र के बाद मेनोपॉज हो जाता है। कई महिलाएं इस अवस्था से डरती हैं, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे लेकर ज्यादा घबराना नहीं चाहिए। यह जीवन का सामान्य फेज होता है, इसलिए इसे सहज स्वीकार करना चाहिए। डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "हर चीज की सही उम्र होती है। इसी तरह, मेनोपॉज के साथ भी है। अगर किसी महिला को लेट 30s में मेनोपॉज हो जाता है, तो इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह नॉर्मल नहीं होता है। अगर किसी महिला को लेट 30s में मेनोपॉज जैसे लक्षण नजर आते हैं, तो ऐसा प्रीमैच्यारे मेनोपॉज या प्राइमरी ओवेरियन इंसफिशिएंसी के कारण हो सकता है। आपको बता दें कि प्राइमरी ओवेरियन इंसफिशिएंसी एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें 40 साल की उम्र से पहले ही महिलाओं की ओवरीज सही तरह से काम करना बंद कर देती है।"

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लेट 30s में मेनोपॉज होने के कारण

हार्मोन के स्तर में कमीः जब महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोन के स्तर में कमी आ जाती है, तो ऐसे में महिलाओं के लिए अपने आप कंसीव करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यही नहीं, हार्मोन के स्तर में कमी के कारण धीरे-धीरे पीरियड्स मिस होने लगते हैं और एक अवस्था के बाद प्रीमैच्योर मेनोपॉज हो जाता है।

ओवरी का फेल होनाः जिन महिलाओं को 40 की उम्र से पहले ही ही ओवरियन फेलियर की समस्या हो जाती है, उन्हें मेनोपॉज भी जल्दी हो जाता है। ध्यान रखें कि अगर ओवरीज सही तरह से काम न करे, तो महिलाओं का रिप्रोडक्टिव ऑर्गन भी प्रभावित हो जाता है।

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महिलाएं कब जाएं डॉक्टर के पास

डॉ. शोभा गुप्ता सलाह देती हैं, "महिलाओं को नियमित रूप से पीरियड साइकिल पर ध्यान रखना चाहिए। अगर उन्हें लगातार दो से तीन महीनों तक पीरियड्स नहीं होते हैं, पीरियड्स मिस होने के कारण बार-बार मूड स्विंग होता है, तो इस संबंध में डॉक्टर से मिलना चाहिए। याद रखें कि कम उम्र में मेनोपॉज होने की वजह से महिलाओं को कई तरह की शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।"

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, कहने की बात ये है कि 35 की उम्र के बाद मेनोपॉज होना सामान्य नहीं है। इसलिए, अगर किसी महिला को 30s साल की उम्र के बाद से ही पीरियड्स से जुड़ी समस्या हो रही है, तो उन्हें इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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