Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Rajeev Chowdry , General Physician & Internal Medicine Specialist, Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad | 23 Years of Clinical Experience

क्या पानी पीने से ब्लड शुगर लेवल घटता है? डॉक्‍टर से जानें

पानी पीकर केवल प्‍यास नहीं बुझती, बल्‍क‍ि इससे शरीर का तापमान भी कंट्रोल होता है, पाचन भी बेहतर होता है, शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट की कमी भी दूर होती है। जानें क्‍या पानी पीकर शुगर लेवल भी घटता है?

डायब‍िटीज में शरीर पर्याप्‍त इंसुल‍िन नहीं बना पाता है और इंसुलि‍न का सही ढंग से इस्‍तेमाल नहीं कर पाता है। इस स्‍थ‍ित‍ि में ब्‍लड शुगर लेवल असामान्‍य हो जाता है और उसे कंट्रोल करना मुश्‍क‍िल लगता है। लोग डायब‍िटीज को कंट्रोल करने के ल‍िए तरह-तरह के उपाय खोजते हैं ज‍िनमें से एक उपाय लोगों के बीच काफी पॉपुलर है- पानी का सेवन। कई लोग यह मानते हैं क‍ि पानी का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। इसके पीछे तर्क द‍िया जाता है क‍ि पानी पीकर ब्‍लड में से अत‍िर‍िक्‍त शुगर न‍िकल जाती है। क्‍या यह वाकई सच है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Rajeev Chowdry, Internal Medicine Specialist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

पानी इंसुलि‍न और दवाओं की जगह नहीं ले सकता

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Dr. Rajeev Chowdry ने बताया क‍ि पानी का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल को दवाओं और इंसुल‍िन की तरह कंट्रोल करने में मदद नहीं म‍िलती, बल्‍क‍ि यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और ब्‍लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद कर सकता है। साल 2017 में Nutrition Research में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में प्रत‍िभाग‍ियों का ओरल ग्‍लूकोज टॉलरेंस टेस्‍ट क‍िया गया। एक बार हाइड्रेट रहने के बाद और दूसरी बाद पानी का सेवन 3 द‍िनों तक कम करने के बाद। अध्ययन से यह पता चला क‍ि कम पानी पीने और ड‍िहाइड्रेशन की स्‍थि‍त‍ि में ग्‍लूकोज टॉलरेंस टेस्‍ट के दौरान ब्‍लड ग्‍लूकोज अध‍िक बढ़ा।

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इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस, अध‍िक वजन, खराब ब्‍लड सर्कुलेशन से बचाव

डायब‍िटीज में पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करने से ब्‍लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। डायबि‍ट‍िक रोग‍ियों में खराब ब्‍लड सर्कुलेशन के कारण न्‍यूरोपैथी और घाव भरने में देरी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। साथ ही वेट मैनेजमेंट, डायब‍िटीज का अहम ह‍िस्‍सा है। ज्‍यादा वजन, इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस को बढ़ा सकता है। पर्याप्‍त पानी का सेवन करने से पेट भरता है, क्रेव‍िंग्‍स कंट्रोल होती हैं और वजन को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है।

पानी पीने से ब्‍लड शुगर लेवल में सुधार हुआ: स्‍टडी

साल 2024 में Scientific African में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में 20 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को शाम‍िल क‍िया गया। इन्‍हें नॉर्मल और डायब‍िट‍िक लोगों में बांटकर चार हफ्तों तक न‍ियम‍ित रूप से 2.5 लीटर पानी पीने के ल‍िए कहा गया। डायब‍िट‍िक वाले ग्रुप में पानी का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल में कमी आई, लेक‍िन कुछ खास अंतर नजर नहीं आया। वहीं जि‍न लोगों को डायब‍िटीज नहीं थी, उनके ब्‍लड शुगर लेवल में अध‍िक सुधार देखा गया। स्‍टडी के माध्‍यम से यह कहा जा सकता है क‍ि पानी का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल नहीं घटता, बल्‍क‍ि उसमें सुधार हो सकता है।

पानी के सेवन से HbA1c लेवल में सुधार

साल 2016 में British Journal Of Nutrition में प्रकाश‍ित एक विश्लेषण में पुरुष और मह‍िलाओं को शाम‍िल क‍िया गया। दोनों ग्रुप्‍स ने सादे पानी का सेवन क‍िया और जांच में HbA1c लेवल 5.5 न‍िकला। सामान्‍य HbA1c लेवल 5.7 के नीचे माना जाता है। यानी दोनों समूह का ब्‍लड शुगर लेवल सामान्‍य रहा। रोजाना एक एक्‍सट्रा कप (240 ml) पानी पीने वाले पुरुषों में HbA1c लगभग 0.04 प्रतिशत कम पाया गया।

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मानसून में रखें हाइड्रेशन का खास ख्‍याल

  • कई लोग मानसून या सर्दि‍यों में पानी का सेवन कम कर देते हैं, लेक‍िन इस मौसम में भी खुद को हाइड्रेट रखना जरूरी है क्‍योंक‍ि उमस और नमी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। हर द‍िन सुबह उठकर पानी प‍िएं और क‍िसी भी मील से आधे घंटे पहले पानी का सेवन करें।
  • ड‍िहाइड्रेशन से बचने के ल‍िए यूर‍िन का रंग चेक करें। अगर यूर‍िन का रंग ज्‍यादा गहरा है, तो इसका मतलब आप पानी का कम सेवन कर रहे हैं।
  • पर्याप्‍त मात्रा में पानी के सेवन के साथ नींबू पानी, हर्बल वॉटर जैसे खीरे या म‍िंट युक्‍त पानी भी पी सकते हैं। फ्र‍िज ड्र‍िंक्‍स या फ्लेवर्ड ड्र‍िंक्‍स के सेवन से बचें।

निष्‍कर्ष:

पानी का सेवन करने से ब्‍लड शुगर लेवल में सुधार हो सकता है। हालांक‍ि यह शुगर लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए दवाएं या इंसुल‍िन की तरह काम नहीं करता है। पानी का सेवन करने से शरीर हाइड्रेट रहता है और ब्‍लड शुगर लेवल को मैनेज रखने में मदद म‍िलती है। सुबह उठकर पानी का सेवन करना चाह‍िए। साथ ही हर मील से आधे घंटे पहले पानी पीना फायदेमंद माना जाता है। डि‍हाइड्रेशन से बचने के ल‍िए यूर‍िन का रंग चेक करें। अगर यूर‍िन का रंग ज्‍यादा गहरा है, तो समझ जाएं क‍ि शरीर में पानी की कमी है।

image source: magnific

FAQ

  • द‍िन में क‍ितना पानी पीना चाह‍िए?

    पानी की जरूरत हर व्‍यक्‍त‍ि में अलग हो सकती है इसल‍िए कोई तय मात्रा नहीं है। एक साथ अध‍िक मात्रा में पानी पीने के बजाय दि‍नभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीना चाह‍िए।
  • क्‍या पानी पीने से वजन घटता है?

    पानी पीकर चर्बी नहीं कम होती। हालांकि‍, पानी पीने से पेट भरा रहता है और भूख कंट्रोल होती है। इससे कैलोरी इंटेक कम करने में मदद म‍िलती है ज‍िससे वजन घटता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 20, 2026 13:55 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Rajeev Chowdry

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