Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

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डायबिटीज में अमरूद के पत्ते: क्या वाकई इनसे ब्लड शुगर घटता है? आयुर्वेद‍िक डॉक्टर से जानें

अमरूद के साथ-साथ इसके पत्तों को भी ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक माना जाता है। क्‍या वाकई इनका सेवन करने से शुगर स्‍पाइक से बचाव होता है? एक्‍सपर्ट से जानें पूरा सच। 

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पि‍छले कुछ समय से इंटरनेट पर अमरूद के पत्तों के फायदों पर काफी चर्चा हाे रही है क्‍योंक‍ि इनमें कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं जो सेहत को बेहतर बनाने का काम करते हैं। खासकर, इसे ब्‍लड शुगर लेवल घटाने के ल‍िए असरदार माना जाता है। कुछ स्‍टडीज में अमरूद के पत्तों के बायोएक्टिव कंपाउंड्स पर संभावित एंटीडायबिटिक प्रभावों का अध्ययन किया गया है। हालांक‍ि, एक सवाल मन में आता है क‍ि क्‍या वाकई अमरूद के पत्ते शुगर लेवल घटा सकते हैं? आइए एक्‍सपर्ट से समझते हैं इस सवाल का सही जवाब। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

अमरूद के पत्ते और ब्‍लड शुगर लेवल का कनेक्‍शन

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Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि अमरूद के पत्ते इंसुलिन को मैनेज करने में सहायक माने जाते हैं क्‍योंक‍ि इनमें फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्‍स और टैन‍िन जैसे तत्‍व पाए जाते हैं जो ब्‍लड शुगर लेवल को सपोर्ट करते हैं। अमरूद के पत्तों में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण मौजूद होते हैं। यह आंतों में कार्ब्स के पाचन और ग्लूकोज के एब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे भोजन के बाद शुगर स्‍पाइक से बचने में मदद म‍िल सकती है।

साल 2010 में Nutrition & Metabolism में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, टाइप-2 डायबिटीज वाले मरीजों में अमरूद के पत्ते की चाय का सेवन करने से पोस्‍ट मील शुगर लेवल में सुधार देखा गया। शुगर लेवल 160 से 143 mg/dL तक घट गया।

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अमरूद के पत्ते की चाय बनाकर पी सकते हैं

अमरूद के पत्ते का सेवन बेहद आसान है। इसका चाय या काढ़ा के रूप में सेवन क‍िया जा सकता है-

  • 4 से 5 अमरूद के पत्ते लें।
  • इसे गर्म पानी में 5 म‍िनट तक उबालें।
  • जब पानी आधा रह जाए, तो पानी को ग‍िलास में न‍िकाल लें।
  • इसे द‍िन में एक से दो बार पी सकते हैं।

डायब‍िटीज में दवा का व‍िकल्‍प नहीं है अमरूद के पत्ते

Dr. Shrey Sharma ने कहा, ''क‍िसी आयुर्वेद‍िक संस्‍था ने अभी तक डायब‍िटीज में ब्‍लड शुगर मैनेजमेंट के ल‍िए अमरूद के पत्तों के इस्‍तेमाल पर मुहर नहीं लगाई है इसल‍िए अगर आप डायब‍िट‍िक मरीज हैं और सोच रहे हैं क‍ि दवा के बगैर, केवल अमरूद के पत्तों के सेवन से शुगर लेवल कंट्रोल होगा, तो इस म‍िथ से बचें।'' अमरूद के पत्तों को डायबिटीज की दवा का विकल्प नहीं समझना चाहिए। अध्ययनों में ब्‍लड शुगर पर संभावित लाभ दिखा है, लेकिन फि‍लहाल सीमि‍त स्‍टडीज मौजूद हैं इसल‍िए इसे दवा के बदले इस्‍तेमााल नहीं क‍िया जा सकता। अगर कोई व्यक्ति इसे शुगर कंट्रोल के लिए ले रहा है, तो ब्लड शुगर की नियमित जांच करें और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं खुद से बंद या कम न करें।

कार्ब्स पचाने वाले एंजाइमों की गतिविधि घटती है

साल 2025 में General Nursing Science Journal में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी र‍िव्‍यू के मुताब‍िक, अमरूद के पत्ते सहायक उपचार के रूप में ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। यह कार्ब्स को पचाने वाले कुछ एंजाइमों की गतिविधि को कम कर सकते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद म‍िल सकती है।

फ्री रेडिकल्स से बचाव

साल 2019 में Molecules में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में बताया गया क‍ि अमरूद के पत्तों से फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद म‍िलती है। साथ ही, इससे लिवर, किडनी और पैंक्रियाज को होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद म‍िली। हालांक‍ि, यह एक पशु आधार‍ित स्‍टडी है।

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सेहत के ल‍िए क्‍यों फायदेमंद हैं अमरूद के पत्ते?

  • जब हम अमरूद के पत्तों का सेवन करते हैं, तो ये पेट में जाकर हान‍िकारक जर्म्स को खत्‍म करने में मदद करते हैं। साथ ही इन पत्तों का सेवन करने से कब्‍ज की समस्‍या भी दूर होती है।
  • हार्ट हेल्‍थ के लि‍ए भी ये फायदेमंद माने जाते हैं। अमरूद के पत्ते बैड कोलेस्‍ट्रॉल को कम करके, गुड कोलेस्‍ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • इन पत्तों का सेवन करने से मेटाबॉल‍िज्‍म को मजबूत बनाने में भी मदद म‍िल सकती है ज‍िससे वेट लॉस करना आसान हो जाता है।
  • त्‍वचा के ल‍िए भी अमरूद के पत्ते फायदेमंद माने जाते हैं। इसे पीसकर त्‍वचा पर लगाने से मुंहासे या स्‍क‍िन इर‍िटेशन से राहत म‍िल सकती है।

क‍िन लोगों को सावधानी बरतनी चाह‍िए?

  • अगर व्‍यक्‍त‍ि को लो शुगर लेवल की समस्‍या है, तो अमरूद के पत्तों का सेवन करने से बचें।
  • गर्भवती मह‍िलाओं को भी अमरूद के पत्तों से परहेज करना चाह‍िए।
  • बच्चों को भी अमरूद के पत्तों की चाय या काढ़ा देने की सलाह नहीं दी जाती है।
  • अगर किसी व्यक्ति को लिवर, किडनी या अन्य गंभीर बीमारी है या वह डॉक्‍टर की सलाह के बगैर इन पत्तों का सेवन न करे।

ज्‍यादा मात्रा लेने से लो ब्‍लड शुगर की समस्‍या

अमरूद के पत्तों के जरूरत से ज्‍यादा सेवन से ब्‍लड शुगर लेवल ग‍िर सकता है, अगर लो शुगर लेवल की श‍िकायत रहती है, तो इससे सेहत बि‍गड़ सकती है इसल‍िए द‍िनभर में 4 से 5 पत्तों से ज्‍यादा सेवन न करें। अध‍िक मात्रा में लेने से पेट दर्द, मतली या अन्‍य पाचन समस्‍याएं भी हो सकती हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

स्‍टडीज में बताया गया है कि ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल में अमरूद के पत्तों का सेवन फायदेमंद होता है। इससे शुगर स्‍पाइक से बचाव होता है और इसमें मौजूद तत्‍व जैसे फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्‍स और टैन‍िन, शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। हालांक‍ि, इसे डायब‍िटीज के इलाज के तौर पर इस्‍तेमाल नहीं क‍िया जा सकता। इसे डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं। अमरूद के पत्तों का काढ़ा या चाय बनाकर सेवन कि‍या जा सकता है। अगर व्‍यक्‍त‍ि पहले से लो ब्‍लड शुगर का मरीज है, तो अमरूद के पत्तों का सेवन करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लें। गर्भवती मह‍िलाओं और बच्‍चों को इसके सेवन से बचना चाह‍िए।

FAQ

  • क्या अमरूद के पत्ते बीपी कम करते हैं?

    कुछ स्‍टडीज में अमरूद के कार्डियोमेटाबोलिक लाभों के संकेत म‍िले हैं, लेकिन अमरूद के पत्तों को हाई बीपी का इलाज नहीं माना जाता है।  
  • अमरूद के पत्तों को इस्‍तेमाल करने का सुरक्षित तरीका क्या है?

    अमरूद के पत्तों का सेवन करने से पहले उन्‍हें अच्‍छी तरह से धो लें। इसके बाद डॉक्टर या डाइट एक्‍सपर्ट की सलाह से सीमि‍त मात्रा में सेवन कर सकते हैं। अक्‍सर लोग इसके पत्तों से चाय या काढ़ा बनाकर पीते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 24, 2026 13:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Aug 24, 2026 13:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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