Nilgiri benefits: बदलते मौसम में अक्सर लोग सर्दी-जुकाम के शिकार हो जाते हैं। हर बार सर्दी-जुकाम में दवा लेने के साथ अगर आप कुछ परहेज करें तो इस समस्या से बच सकते हैं जैसे कि कुछ घरेलू उपायों की मदद लेना। नीलगिरी का तेल इस स्थिति में मददगार साबित हो सकता है। नीलगिरी का तेल एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि जो कि जुकाम में कई प्रकार से काम आ सकता है। इसके इस्तेमाल से नेसल पैसेज साफ हो सकता है और सांस लेने में आसानी हो सकती है और कुछ ही देर में आप बेहतर महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा इस तेल के कई फायदे हैं लेकिन सबसे पहले मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जान लेते हैं जुकाम में नीलगिरी का तेल कैसे इस्तेमाल करें?
जुकाम में नीलगिरी का तेल कैसे इस्तेमाल करें?
डॉ. किरण गुप्ता बताती हैं कि नीलगिरी के तेल का एंटी इंफ्लेमेटरी गुण काफी मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, जब किसी को भी जुकाम होता है तो सबसे ज्यादा नेसल पैसेज प्रभावित रहता है और इसी की वजह से बंद नाक, सिर दर्द और आंखों से पानी आने जैसे लक्षण महसूस होते हैं। ऐसे में आप इन 3 तरीकों से नीलगिरी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
1. जुकाम में नीलगिरी के तेल का भाप लें
सर्दी-जुकाम में नीलगिरी के तेल का इस्तेमाल भाप लेने के लिए कर सकते हैं। इसके लिए आपको बहुत कुछ करने की भी जरूरत नहीं है। बस गर्म पानी के एक कटोरे में 2-3 बूंदें नीलगिरी डालें, तौलिए से अपना सिर ढकें और 5-10 मिनट तक भाप लें। इससे आपको बंद नाक और सिर दर्द में आराम मिलेगा और नेसल पैसेज की भी सफाई होगी।
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2. मालिश करें
सर्दी-जुकाम में आप नीलगिरी के तेल से मालिश कर सकते हैं। आपको करना ये है कि इस तेल को सीने में, गले के पास, पीठ में और तलवों में लगाकार मालिश करें। इसे ऐसे करें कि गर्माहट पैदा हो। ये तरीका सर्दी-जुकाम में बेहद कारगर तरीके से काम करता है। इससे जो गर्माहट पैदा होती है उससे आप बेहतर महसूस कर सकते हैं। इससे नेसल पैसेज को आराम मिलता है,सांस लेने में आसानी होती है और सर्दी-जुकाम के बाकी लक्षणों में भी कमी आती है जैसे सिर दर्द और नाक बंद होने की वजह से दिक्कत महसूस करना।
nilgiri
3. डिफ्यूजर में डालकर इस्तेमाल करें
कमरे में फैलाने या कहें कि डिफ्यूजर में इस तेल को डालकर इस्तेमाल करने से आप बेहतर महसूस कर सकते हैं। इसके लिए इलेक्ट्रिक डिफ्यूजर या वॉटर बर्नर में तेल की 5-6 बूंदें डालें और इसे पूरे कमरे में अच्छी तरह से फैलने दे। लगभग आधे घंटे के बाद आपको महसूस होगा कि आपकी बंद नाक खुल गई है, सांस लेने में तकलीफ नहीं हो रही है और सिर दर्द व बाकी लक्षणों में भी कमी आ रही है।
जुकाम में नीलगिरी का तेल के क्या फायदे हैं?
Pharmaceuticals रिसर्च जर्नल में प्रकाशित शोध की मानें तो सामान्य सर्दी (cold) और श्वसन संबंधी समस्याओं के इलाज में यूकेलिप्टस तेल (Eucalyptus essential oil) के लाभ कई हैं। इसका मुख्य एक्टिव इंग्रीडिएंट सिनेओल और या युकलिप्टोल होता है। ये सर्दी और बंद नाक से राहत दिलाने में मददगार है। यूकेलिप्टस तेल का उपयोग पारंपरिक रूप से सामान्य सर्दी (common cold), बंद नाक (nasal congestion), साइनसाइटिस (sinusitis), ब्रोन्कियल बीमारी और अस्थमा जैसे श्वसन तंत्र के संक्रमणों के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है।
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स्टडी में बताया गया है कि यूकेलिप्टस तेल की भाप (steam inhalation) लेने से सर्दी, ब्रोंकियोलाइटिस (bronchiolitis), राइनोसाइनसाइटिस और अस्थमा जैसी वायरल संक्रमण से होने वाली सांस की दिक्कतों के इलाज में सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। यूकेलिप्टस का तेल फेफड़ों को साफ करने में मददगार है।
एंटी इंफ्लेमेटरी और बलगम को पतला करने वाला गुण
नीलगिरी में मिलने वाला सिनेओल एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। इसका बलगम को पतला करने वाला गुण फेफड़ों की सूजन और अस्थमा या सीओपीडी (COPD) के लक्षणों को कम करने में मददगार है। यह एक्यूट राइनोसाइनसाइटिस के मरीजों में सिरदर्द, बंद नाक और नाक से पानी आने की समस्या कम करने में भी मदद करता है
निष्कर्ष:
डॉ. किरण गुप्ता बताती हैं कि नीलगिरी का तेल इस्तेमाल करें पर इस बात का ध्यान रखें कि कटी-फटी त्वचा, नाक के ठीक नीचे के हिस्से और छोटे बच्चों के चेहरे से दूर रखें। इसके अलावा अगर आपको ज्यादा समस्या है तो डॉक्टर को दिखाकर दवा लें और फिर उसी के साथ ये हर्बल उपाय आजमाएं।
FAQ
जोड़ों के दर्द के लिए नीलगिरी के तेल का उपयोग कैसे करें?
जोड़ों के दर्द के लिए नीलगिरी का तेल बेहद उपयोगी है। ये एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में मददगार है। आप नीलगिरी के तेल को गर्म करके जोड़ों पर लगा सकते हैं जिससे दर्द से राहत मिलती है।बालों में नीलगिरी का तेल लगाने से क्या होता है?
बालों में नीलगिरी का तेल लगाने से इसका एंटीबैक्टीरियल गुण स्कैल्प की सफाई में मदद करता है और स्कैल्प इंफेक्शन के खतरे को कम करता है। इससे डैंड्रफ और खुजली में कमी आती है। इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है।
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Aug 20, 2026 20:07 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta
