Fri Sep 11, 2026 | 09:06 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

लौंग की भाप के क्या फायदे हैं? जानें सर्दी-जुकाम में ये कैसे काम करता है

laung ki bhap lene ke fayde: सर्दियों में लोग सर्दी-जुकाम से बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं। ऐसे में लौंग को उबालकर इस पानी से भाप लेना आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। कैसे, आइए जानते हैं इस बारे में। 

laung ki bhap lene ke fayde: सर्दियों में लोगों को सर्दी-जुकाम की समस्या रह-रहकर परेशान करती है और ऐसे में समझ नहीं आता कि क्या करें? रेगुलर दवा लेना भी सेहत से जुड़ी कई दिक्कतों की वजह बन सकता है जैसे गैस की समस्या हो सकती है या कब्ज की दिक्कत परेशान कर सकती है। ऐसे में कुछ घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है जैसे कि लौंग की भाप लेना। दरअसल, लौंग एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि नेसल पैसेज में सूजन को कम करने के साथ बलगम को तोड़ने में मददगार है। इसके अलावा जब आप लौंग के पानी का भाप लेते हैं तो इससे फेफड़ों को बहुत आराम मिलका है। साथ ही सर्दी-जुकाम में इसके कई अन्य फायदे भी हैं जानते हैं इस बारे में Dr. Shrey Sharma से।

लौंग की भाप के क्या फायदे हैं-benefits of clove steam in cough cold

आयुर्वेदिक Dr. Shrey Sharma बताते हैं कि लौंग की भाप खांसी और जुकाम के लिए एक नेचुरल, गर्म और सूजनरोधी यानी एंटी इंफ्लेमेटरी उपाय के रूप में काम करती है। दरअसल, लौंग में मौजूद यूजेनॉल (eugenol) कई प्रकार से फायदेमंद है।

laung ki bhap

यूजेनॉल, शरीर में सूजन कम करने में मदद करता है और ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने के लिए फ्री रेडिकल्स को बेअसर करता है। इसका एंटीमाइक्रोबियल और एंटीफंगल गुण शरीर के बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। इसलिए जब आप लौंग की भाप लेते हैं तो

  • जकड़न से राहत मिलती है। ये भाप नाक और फेफड़ों में जमे गाढ़े बलगम को तोड़ देती है, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है।
  • गले और खांसी को आराम मिलता है। लौंग का रोगाणुरोधी गुण बैक्टीरियल इंफेक्शन को कम करने में मदद करते हैं, जिससे गले की जलन कम होती है और खांसी कम होती है।
  • इस भाप को लेने से सर्दी-जुकाम में होने वाली सिर दर्द और बदन दर्द में कमी आती है। इसके सुन्न करने वाले गुण मांसपेशियों में दर्द और संक्रमण सहित विभिन्न प्रकार के दर्द से राहत प्रदान करते हैं।
  • साइनस के दबाव को कम करता है जिससे आप बेहतर महसूस करते हैं।

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लौंग की भाप लेने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और श्वसन तंत्र का कामकाज बेहतर होता है। सीने और नाक की जकड़न दूर होती है और नेसल पैसेज कम हो जाका है। इससे गले की जलन कम होती है और ये कफ को साफ करने का काम करता है जिससे श्वसन मार्ग से बलगम को साफ करने में मदद मिलती है।

लौंग की भाप कैसे लें-How to take clove steam in cough cold

  • लौंग की भाप लेने के लिए 2-3 कप पानी उबालें और उसमें 4-5 साबुत लौंग कूटकर डाल लें।
  • अगर पिपरमिंट का तेल है तो वो भी इस पानी में डाल लें।
  • अपने सिर को तौलिये से ढक लें और आंखें बंद करके 5 मिनट तक भाप लें।
  • दिनभर में 2 से 3 बार भाप लें या रात में सोने से पहले तो जरूर भाप लें।

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इस प्रकार से आप लौंग की भाप सर्दी-जुकाम में ले सकते हैं। कुछ लोग इस भाप को पानी की जगह तेल में भी लेते हैं। दरअसल, सरसों के तेल में लौंग पकाकर इस तेल के धुएं का भाप लेना आपकी नाक को खोल सकता है और नेसल पैसेज को साफ कर सकता है। ये काफी कारगर घरेलू नुस्खा है, जिसे आपको जरूर ट्राई करना चाहिए।

FAQ

  • सर्दी जुकाम को तुरंत कैसे ठीक करें?

    सर्दी जुकाम को तुरंत ठीक नहीं किया जा सकता लेकिन अगर आप भाप लें तो इससे आप तुरंत बेहतर महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा आप ये कर सकते हैं कि पिपली, लौंग, अदरक और हल्दी का काढ़ा पी सकते हैं।
  • बार-बार छींक आना, नाक से पानी गिरना क्या होता है?

    बार-बार छींक आना, नाक से पानी गिरना सर्दी जुकाम के अलावा एलर्जिक राइनाइटिस और साइनस की समस्या का कारण हो सकता है। इसलिए आपको इन तीनों से बचना चाहिए।
  • सर्दी जुकाम किसकी कमी से होता है?

    अगर आपके शरीर में विटामिन सी और विटामिन डी की कमी होती है तो आपको बार-बार सर्दी-जुकाम की समस्या परेशान कर सकती है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Feb 10, 2026 18:53 IST

    Modified By : Anurag Gupta
  • Feb 10, 2026 18:53 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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