मौसम बदलते ही सबसे पहले अगर कोई बीमारी दस्तक देती है, तो वह है सर्दी-जुकाम। सुबह उठते ही नाक बहना, लगातार छींक आना, गले में खराश और सिर भारी लगना, ये सभी लक्षण न सिर्फ शरीर को थका देते हैं, बल्कि रोजमर्रा के कामों में भी बाधा बन जाते हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग तुरंत दवा की ओर भागते हैं, लेकिन कई बार बार-बार दवाइयां लेने के बाद भी राहत पूरी तरह नहीं मिल पाती। यही वजह है कि आजकल लोग फिर से पुराने घरेलू और आयुर्वेदिक नुस्खों की ओर लौट रहे हैं। भारतीय रसोई में मौजूद एक आम-सी चीज, सौंठ पाउडर, इन दिनों सर्दी-जुकाम के घरेलू इलाज के तौर पर खूब चर्चा में है। सूखी अदरक से बना यह पाउडर दादी-नानी के नुस्खों का अहम हिस्सा रहा है। किसी को जुकाम हुआ तो सौंठ और शहद, तो किसी को गले में दर्द हुआ तो सौंठ का काढ़ा, ये उपाय पीढ़ियों से अपनाए जाते रहे हैं। लेकिन आज के दौर में सवाल उठता है कि क्या वाकई सौंठ पाउडर सर्दी-जुकाम में असरदार है या यह सिर्फ एक घरेलू मान्यता भर है? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से बात की-
क्या सौंठ पाउडर सर्दी-जुकाम में राहत देता है?
आयुर्वेद में सौंठ को बेहद गुणकारी औषधि माना गया है। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के अनुसार, सौंठ का स्वाद कटु (तीखा) होता है और इसका प्रभाव शरीर में जमा कफ को कम करने वाला होता है। सर्दी-जुकाम की समस्या मुख्य रूप से कफ दोष बढ़ने के कारण होती है, ऐसे में सौंठ कफ को संतुलित कर लक्षणों में राहत देने का काम करती है। यही वजह है कि आयुर्वेद में सौंठ का उपयोग काढ़े, चूर्ण के रूप में किया जाता रहा है।
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- सौंठ पाउडर शरीर में गर्म प्रभाव पैदा करता है।
- आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता बताती हैं कि सर्दी-जुकाम के दौरान शरीर में ठंड बढ़ जाती है, जिससे नाक बंद होना और बलगम जमने जैसी समस्याएं होती हैं।
- सौंठ इस ठंडे प्रभाव को कम कर शरीर को भीतर से गर्म रखती है।
- इससे बलगम पतला होता है और उसे बाहर निकालने में मदद मिलती है, जिससे नाक खुलती है और सांस लेने में राहत मिलती है।
गले की खराश और खांसी में सौंठ के फायदे
- सर्दी-जुकाम के साथ अक्सर गले में खराश और खांसी की शिकायत भी हो जाती है। ऐसे में सौंठ पाउडर काफी फायदेमंद माना जाता है।
- आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के मुताबिक, सौंठ में मौजूद प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
- साथ ही यह गले में जमा कफ को ढीला कर खांसी को शांत करने में सहायक हो सकती है।
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सौंठ पाउडर लेने का सही तरीका क्या है?
अगर आप सर्दी-जुकाम में सौंठ पाउडर का सेवन करना चाहते हैं, तो सही मात्रा और तरीका जानना जरूरी है। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता सलाह देती हैं कि आधा चम्मच सौंठ पाउडर को गुनगुने पानी या शहद के साथ लिया जा सकता है। इसके अलावा सौंठ, तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा भी सर्दी-जुकाम में काफी असरदार माना जाता है। हालांकि बच्चों, प्रेग्नेंट महिलाओं और गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सौंठ पाउडर सर्दी-जुकाम में राहत देने में मदद कर सकता है, खासकर जब समस्या कफ दोष से जुड़ी हो। आयुर्वेदाचार्य किरण गुप्ता के अनुसार, सही मात्रा और सही तरीके से लिया गया सौंठ पाउडर नाक बंद होने, खांसी और गले की खराश जैसे लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है। हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपनी सेहत और शरीर की प्रकृति को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।
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FAQ
सर्दी-जुकाम होने के कारण क्या हैं?
सर्दी-जुकाम आमतौर पर वायरल इंफेक्शन, मौसम में बदलाव, ठंडी हवा, कमजोर इम्यूनिटी और बार-बार ठंडी चीजों के सेवन के कारण होता है।सर्दी-जुकाम कितने दिनों में ठीक हो जाता है?
अधिकतर मामलों में सर्दी-जुकाम 5 से 7 दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी या लापरवाही के कारण यह लंबे समय तक बना रह सकता है।क्या सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक लेना जरूरी है?
नहीं, सर्दी-जुकाम आमतौर पर वायरल होता है, इसलिए एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक लेना नुकसानदायक हो सकता है।
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Jan 31, 2026 12:36 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Jan 31, 2026 12:36 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta