प्रेग्नेंसी में महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के बदलाव आते हैं और हर बदलाव असहज करने वाला हो सकता है। दरअसल, इस दौरान इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से महिलाएं बार-बार सेहत से जुड़ी कई समस्याओं की शिकार हो सकती हैं जैसे कि सर्दी-जुकाम और खांसी। मौसम बदलने के साथ ये दिक्कत और बार-बार परेशान करती है। ऐसे में बार-बार एंटीबायोटिक्स दवाओं की मदद लेना गैस और बदहजमी की समस्या दे सकता है। ऐसी स्थिति में कई बार कुछ पुराने दादी-नानी के नुस्खे काम कर सकते हैं जैसे कि नाभि में सरसों तेल डालना लेकिन सवाल ये है कि क्या ऐसा करना प्रेग्नेंसी के दौरान भी सही है? क्या इस घरेलू उपचार की मदद आप प्रेग्नेंसी के दौरान सर्दी-जुाकाम होने भी आप ले सकते हैं? इस बारे में हमने आयुर्वेदिक एक्सपर्ट Dr. Shrey Sharma से बात की।
क्या प्रेग्नेंसी में जुकाम होने पर नाभि में सरसों तेल लगा सकते हैं?
Dr. Shrey Sharma बताते हैं कि हां प्रेग्नेंसी में आप नाभि में सरसों का तेल लगा सकते हैं। इस तेल को लगाने से शरीर की गर्मी बढ़ती है जिससे सर्दी-जुकाम में व्यक्ति आराम महसूस करता है। इतना ही नहीं, ये नेशल पैसेज को साफ करने में मददगार है। जब आप सर्दी-जुकाम में इस तेल को लगाते हैं तो आपके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है, शरीर की गर्मी बढ़ती है और आप राहत महसूस करते हैं। इसके अलावा भी प्रेग्नेंसी में नाभि में सरसों का तेल लगाने के कई फायदे हैं। जैसे
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शरीर को गर्म रखने में मददगार है सरसों का तेल
सरसों का तेल गर्म और तीखा स्वभाव का होता है। जब आप इसे नाभि पर लगाते हैं को सरसों का तेल त्वचा में गहराई तक अवशोषित हो जाता है जिसे आयुर्वेद में पित्त दोष बढ़ाने वाला माना जाता है। इस तरह से शरीर की गर्मी बढ़ने से सर्दी-जुकाम में कमी आती है और धीमे-धीमे आप बेहतर महसूस करते हैं।

इम्यूनिटी बढ़ाता है
नाभि पर सरसों का तेल लगाना नियमित प्रयोग लसीका वाहिका प्रणाली (lymphatic drainage) को सुचारू बनाता है, शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। अगर आपको जुकाम की वजह से सुस्ती और सिर दर्द की समस्या हो रही है तब भी इस तेल का इस्तेमाल बेहद मददगार है। ये एंटी इंफ्लेमेटरी है जो कि दर्द को कम करने में मददगार है।
तनाव कम करता है और नींद में सहायक
पेट का ऊपरी भाग (सोलर प्लेक्सस) भावनाओं और तंत्रिका तंत्र के संतुलन का ऊर्जा केंद्र है। सोने से पहले इस भाग पर सरसों के तेल से मालिश करने से चिंता कम होती है और गहरी शांति मिलती है। इससे आप बेहतर महसूस कर सकते हैं और नींद अच्छी आती है जो कि सर्दी-जुकाम को कम करने में मददगार है।
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घर पर नाभि में तेल कैसे लगाएं?
नाभि में तेल लगाना सबसे सरल स्वास्थ्यवर्धक तरीकों में से एक है। इसके लिए पहले आपको देखना ये है कि सरसों के तेल से कहीं आपको कोई एलर्जी तो नहीं। उसके बाद आप इसे अपने नाभि पर लगा सकते हैं। जैसे
- अपनी नाभि को रुई के फाहे और गर्म पानी से अच्छी तरह साफ कर लें ताकि कोई गंदगी न रहे।
- तेल को हल्का गर्म कर लें ताकि वह आसानी से अवशोषित हो जाए।
- आराम से पीठ के बल लेट जाएं और आराम करें।
- तेल की 3-5 बूंदें सीधे अपनी नाभि में लगाएं।
- नाभि के चारों ओर घड़ी की दिशा में गोलाकार गति में 5-10 मिनट तक धीरे-धीरे मालिश करें।
- तेल को रात भर या कम से कम 30-60 मिनट तक लगा रहने दें, फिर पोंछकर साफ कर लें।
इस प्रक्रिया को लगातार कम से कम कुछ दिनों तक फॉलो करते रहें जो कि आपको बेहतर महसूस कराएगा और शरीर को गर्मी प्रदान करेगा। तो सर्दी-जुकाम होने पर अपनी नाभि में तेल जरूर लगाएं अगर आपको कोई दिक्कत होती है या जलन महसूस होती है तो इसके इस्तेमाल से बचें।
FAQ
तुलसी का तेल नाभि में लगाने से क्या फायदा होता है?
तुलसी का तेल नाभि में लगाने से एक्ने कम करने में मदद मिलती है। ये एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है जो कि स्किन की कई समस्याओं को दूर कर सकता है और एक साफ व सुंदर स्किन दिलाने में मददगार है।रात को सोते समय नाभि में कौन सा तेल लगाना चाहिए?
रात को सोते समय नाभि में आपको नारियल डालना चाहिए जो कि स्किन को नमी पहुंचाने के साथ त्वचा की बनावट को बेहतर बनाने में मददगार है।रात को अच्छी नींद आने के लिए क्या करना चाहिए?
रात को अच्छी नींद के लिए पैरों में तेल से मालिश करें और फिर सो जाएं। इससे आपको गहरी और अच्छी नींद आएगी।
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Feb 02, 2026 17:14 IST
Modified By : Pallavi Kumari Feb 02, 2026 17:14 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma