अगर आपको गले में खिच-खिच हो रही है और बार-बार खांसने का मन हो रहा है तो आपको मुलेठी का एक छोटा सा टुकड़ा अपने मुंह में रखना चाहिए। ऐसा करने से कुछ ही देर पाएंगे कि इसके मिठास से आपका गला गीला होना लगेगा, खिच-खिच कम होगी और खांसी से भी राहत मिलेगी। इसके अलावा भी खांसी में मुलेठी के फायदे के बारे में आयुर्वेदा की डायरेक्टर, स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) ने बहुत कुछ बताया है। आइए, सबसे पहले जान लेते हैं खांसी में मुलेठी कैसे खानी चाहिए?
खांसी में मुलेठी कैसे खानी चाहिए?
डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि आयुर्वेद में मुलेठी (Licorice) को गले और श्वसन तंत्र के लिए एक खास औषधि माना गया है। मुलेठी में एंटी इंफ्लेमेटरी और एक्सपेक्टोरेंट गुण होते हैं जो कि पहले तो फेफड़ों में हो रही सूजन को कम करते हैं जिससे आपको खराश और खिचखिच से शांति मिलती है और इसके बाद बलगम को बाहर निकालने में मदद करती है। इसके लिए आपको
1. मुलेठी के टुकड़े को चूसे
डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि आजकल तो बाजार में मुलेठी की गोलियां भी आ गई हैं जिसे लोग गले में रखकर लंबे समय तक चूसते रहते हैं। हालांकि, सही तरीका यह है कि मुलेठी लें और इसके कई टुकड़े कर लें और इसे मुंह में रखकर लंबे समय तक चूसते रहें। ऐसा करने से गले में अचानक उठने वाली सूखी खांसी और खराश से मदद मिलती है।
2. शहद में मिलाकर लें मुलेठी चूर्ण
डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि अगर आपके समय हो तो घर में ही मुलेठी चूर्ण बनाकर रख लें। अब आपको जब भी खांसी और गले में दर्द या खराश महसूस हो रही हो तो
- आधा चम्मच मुलेठी चूर्ण को एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ अच्छी तरह मिलाकर लें।
- ये काम दिन में दो बार करें, एक बार सुबह और दूसरी बार रात में सोने से पहले।
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3. मुलेठी के पानी से गरारे करें
गल में इंफेक्शन और खिचखिच होने पर हमेशा गरारे करना फायदेमंद हो सकता है ऐसे में जब आप मुलेछी के पानी से गरारे करते हैं तो इसका एंटी इंफ्लेमेटरी गुण गले की सूजन कम करने के साथ फेफड़ों तक भी आराम पहुंचाता है। इसके लिए आपको करना यह है कि
- एक गिलास गर्म पानी में मुलेठी के 1 छोटे टूकड़े को या 1 चम्मच पाउडर को डालकर उबाल लें।
- पानी को गाढ़ा होने तक पकाएं।
- फिर इस पानी को गुनगुना होने तक ठंडा करें और दिन में दो बार इससे गरारे करें।
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4. मुलेठी की चाय पिएं
अगर आप सर्दी-जुकाम हुआ है या आपका गला खराब है तो आपको मुलेठी की चाय पीनी चाहिए। मुलेठी इम्यूनिटी बूस्टर भी है क्योंकि इसमें एंटी इंफ्लेनेटरी गुणों के साथ एंटी माइक्रोबियल गुण भी है। मुलेठी की चाय सुबह-सुबह पीने से आपका गल साफ होगा और सर्दी-जुकाम में कमी आ सकती है। मुलेठी की चाय बनाने के लिए
- दो कप पानी में मुलेठी के 2 छोटे टुकड़े कूटकर इसे तब तक उबालें जब तक पानी 1 कप न रह जाए।
- इस पानी को छान लें। अब आधा चम्मत शहद मिलाकर इसे पिएं।
- आप चाहें, तो इसमें तुलसी और अदरक भी मिला सकते हैं।
5. मुलेठी का काढ़ा पिएं
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि अगर आपको कंजेशन की समस्या है और छाती कफ जमा हुआ है तो आपको मुलेठी का काढ़ा पीना चाहिए। यह बलगम तोड़ने के साथ बंद नाक को खोलने में भी मददगार है। तो आपको करना यह है कि
- एक गिलास पानी में आधा चम्मच मुलेठी पाउडर या मुलेठी या मुलेठी की डंडी को डालकर अच्छे से उबालें।
- इसमें तुलसी, हल्दी, अदरक और काली मिर्च कूटकर मिला लें।
- पानी को अच्छी तरह से उबल जाने दें और फिर इस पानी को छान लें।
- अब इसमें थोड़ा सा नमक और नींबू का रस मिलाएं।
- अब आराम से बैठकर इस काढ़े को पिएं।
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खांसी में मुलेठी के फायदे
डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं खांसी में मुलेठी का सेवन कई प्रकार से लाभकारी है। सबसे पहले तो यह श्वसन मार्ग को नमी देने और खांसी से राहत देने में मदद करती है। इसके अलावा ये कंजेशन कम करती। जब आप इसका सेवन करते हैं तो यह कफ को तोड़ने का काम करती है जिससे सीने की जगड़न में कमी आती है। साल 2018 में प्रकाशित Bioorganic Medicianl Chemistry की स्टडी बताती है कि
- मुलेठी (Licorice) खांसी को रोकने (Antitussive) और जमे हुए कफ बलगम को बाहर निकालने (Expectorant) की एक बेहतरीन हर्बल दवा है।
- मुलेठी के दो मुख्य तत्व, लिक्विरिटिन एपियोसाइड (Liquiritin apioside) और लिक्विरिटिन (Liquiritin), खांसी कम करने और बलगम निकालने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।
- इसके अलावा मुलेठी इम्यूनिटी बूस्टर भी है। यह सीधे शरीर की नसों (peripheral) और दिमाग (central) दोनों के सिस्टम पर एक साथ काम करके खांसी को असरदार तरीके से कंट्रोल करता है।
निष्कर्ष:
अंत में चंचल शर्मा कहती हैं कि खांसी में मुलेठी का सेवन करें, लेकिनसीमित मात्रा में। डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक इसका सेवन न करें क्योंकि इससे किडनी और ब्लड प्रेशर पर असर हो सकता है। इसके अलावा लंबे समय से खांसी हो रही है तो डॉक्टर को दिखाएं।
FAQ
खांसी में लौंग का उपयोग कैसे करें?
खांसी में आप लौंग की चाय पी सकते हैं जो कि एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है और फेफड़ों की सूजन कम करने के साथ कंजेशन कम करने में मददगार है।छाती का कफ निकालने के लिए क्या खाएं?
छाती का कफ निकालने के लिए अदरक का रस, शहद में मिलाकर ले सकते हैं। आप पिपली की चाय भी पी ले सकते हैं।
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Sep 30, 2026 12:26 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Chanchal Sharma
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