गले में खराश, आवाज बैठना, निगलने में समस्या होना या बार-बार गले में इंफेक्शन जैसी समस्याएं आमतौर पर वायरल इंफेक्शन, एलर्जी, प्रदूषण या मौसम में बदलाव के कारण हो सकती हैं। ज्यादातर मामलों में ये समस्याएं कुछ दिनों या हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाती हैं। हालांकि, अगर गले से जुड़ी समस्याएं लगातार बनी रहें या बार-बार लौटकर आएं, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में यह ओरल कैंसर या मुंह और गले के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। गले के कैंसर को ओरोफेरेंजियल कैंसर कहा जाता है। आइए इस बारे में विस्तार से दिल्ली में स्थिति ऑन्कोलॉजिस्ट और 'आर्ट ऑफ हीलिंग कैंसर' के संस्थापक डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा से जानते हैं।
गले से जुड़ी समस्याएं बार-बार होना ओरल कैंसर का संकेत है?
डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा का कहना है कि ओरल कैंसर मुंह, जीभ, मसूड़ों, गालों की अंदरूनी परत, होंठों और गले के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नॉर्मल समस्याओं जैसे लगते हैं। इसलिए कई बार मरीज समय पर इन्हें पहचान नहीं पाते हैं। अगर गले में दर्द या खराश तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे, आवाज में लगातार बदलाव हो, निगलने में दर्द महसूस हो या गले में कुछ फंसा हुआ महसूस हो तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो जाता है।
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आगे डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा ने बताया कि मुंह में न भरने वाले घाव, सफेद या लाल धब्बे, जीभ या मुंह के किसी हिस्से में गांठ, मुंह खोलने में मुश्किल होना, कान में लगातार दर्द या बिना कारण वजन म होना भी ऐसे संकेत हो सकते हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत होती है। इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता है, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर इनकी जांच करानी चाहिए।

ओरल कैंसर क्यों होता है?
डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा का कहना है तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, स्मोकिंग और ज्यादा शराब का सेवन ओरल कैंसर के जोखिम कारकों में शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ मामलों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस इंफेक्शन भी गले और मुंह के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। जो लोग लंबे समय तक इन जोखिम कारकों के संपर्क में रहते हैं, उन्हें खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत होती है।
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निष्कर्ष
गले से जुड़ी समस्याएं बार-बार होने पर ओरल कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में नियमित ओरल हेल्थ की जांच, तंबाकू और समय पर मेडिकल चेकअप के लिए डॉक्टर से मिलना जरूरू है। शुरुआत में ओरल कैंसर की पहचान करके इसे बढ़ने से रोका जा सकता है।
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FAQ
मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षणों में मुंह या जीभ पर ऐसा घाव या छाला जो ठीक न हो रहा हो और मुंह के अंदर सफेद या लाल रंग के जिद्दी धब्बे दिखाई देना शामिल हैं।मुंह का कैंसर होने का कारण क्या है?
मुंह के कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू और शराब का ज्यादा सेवन हो सकता है। इसके अलावा, मुंह की खराब साफ-सफाई और टूटे हुए डेंचर यानी नकली दांत लगातार रगड़ खाने से भी यह हो सकता है।
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Jun 07, 2026 12:15 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Jun 07, 2026 12:15 IST
Published By : Katyayani Tiwari