कई लोगों को आमतौर पर पसीना नहीं आता है। इस समस्या को कई लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन पसीना ना आना किसी स्वास्थ्य समस्या का कारण हो सकता है। डॉक्टर इसको एनहाइड्रोसिस की स्थिति बताते हैं, लेकिन यह स्थिति है क्या? और इसके क्या कारण हो सकते हैं? इस बारे में हमने Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bengaluru से बात की।
एनहाइड्रोसिस क्या है?
डॉ. पूजा के अनुसार, "एनहाइड्रोसिस (anhidrosis) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को नॉर्मली पसीना नहीं आता या बिल्कुल भी पसीना नहीं आता है। पसीना आना शरीर को ठंडा रखने का एक नेचुरल तरीका है, खासकर गर्म मौसम या फिजिकल एक्टिविटीज के दौरान। जब शरीर पर्याप्त पसीना नहीं बना पाता है, तो शरीर के तापमान को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।"
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एनहाइड्रोसिस के लक्षण
डॉ. पूजा आगे कहती हैं, "एनहाइड्रोसिस वाले लोगों को तब भी बहुत गर्मी लग सकती है, जब दूसरे लोग कंफर्टेबल महसूस कर रहे हों। गर्म मौसम में उन्हें ड्राई स्किन, स्किन के लाल होने, चक्कर आने, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन या दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में, शरीर के सिर्फ कुछ हिस्सों में पसीना नहीं आता, जबकि अन्य मामलों में पूरा शरीर प्रभावित हो सकता है।"
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एनहाइड्रोसिस के कारण और रिस्क फैक्टर्स
डॉ. पूजा के अनुसार, "एनहाइड्रोसिस कई कारणों से हो सकता है, जैसे - पसीने की ग्रंथियों (sweat glands) को नुकसान, स्किन की कुछ समस्याएं, नसों से जुड़ी बीमारियां, डायबिटीज, ऑटोइम्यून बीमारियां, जेनेटिक स्थितियां और कुछ दवाएं शरीर की पसीना बनाने की क्षमता में बाधा डाल सकती हैं। डिहाइड्रेशन और स्किन की गंभीर चोटें भी पसीने के उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं।"
शरीर में बढ़ती है गर्मी
डॉ. पूजा बताती हैं, "एनहाइड्रोसिस का सबसे बड़ा खतरा शरीर का बहुत ज्यादा गर्म होना (overheating) है, क्योंकि शरीर खुद को ठीक से ठंडा नहीं कर पाता, इसलिए शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। इससे हीट एग्जॉशन यानी गर्मी से अत्यधिक थकान हो सकती है, जिसके कारण बहुत ज्यादा थकान, जी मिचलाना, सिरदर्द, चक्कर आना और कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर इसका तुरंत इलाज न किया जाए, तो यह हीटस्ट्रोक में बदल सकता है, जो जानलेवा हो सकता है। हीटस्ट्रोक के कारण भ्रम, बेहोशी, दौरे पड़ना, अंगों को नुकसान और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।"
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एनहाइड्रोसिस से राहत के लिए क्या करें?
डॉ. पूजा के अनुसार, "एनहाइड्रोसिस वाले लोगों को गर्म मौसम में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके। जैसे -
- ठंडी जगहों पर रहना चाहिए
- पर्याप्त पानी पीना चाहिए
- हल्के और ढीले कपड़े पहनने चाहिए
- दिन के सबसे गर्म समय में बाहर की जोरदार एक्टिविटीज से बचना चाहिए
- जब भी पॉसिबल हो पंखे या एयर कंडीशनिंग का इस्तेमाल करना चाहिए
- शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए कूलिंग टॉवल और ठंडे पानी से नहाना भी मददगार हो सकता है।"
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. पूजा के अनुसार, "अगर किसी को पसीना न आने के साथ-साथ शरीर के बहुत ज्यादा गर्म होने के लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। शुरुआती पहचान और सही देखभाल से गंभीर कॉम्प्लीकेशन्स को रोका जा सकता है और गर्मी में ज्यादा देर रहने के दौरान शरीर को सेफ रखा जा सकता है।"
निष्कर्ष
कई लोगों को बिल्कुल पसीना न आने की समस्या होती है, जिसको एनहाइड्रोसिस कहा जाता है। इसके कारण व्यक्ति के शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, जिसके कारण व्यक्ति को हीट एग्जॉशन की समस्या होती है, जो स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है। ऐसे में स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर इसको नजरअंदाज न करें, खासकर गर्मियों और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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Jun 06, 2026 16:47 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jun 06, 2026 16:47 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Pooja Pillai