Doctor Verified

फिजिकल एक्टिविटी और एक्सरसाइज में क्या अंतर होता है? जानें शरीर के लिए क्या करना है ज्यादा बेहतर

फिट रहने के लिए एक्टिव रहना जरूरी है। इसके लिए फिजिकल एक्टिविटी भी की जाती है और एक्सरसाइज भी। जानें दोनों में क्या अंतर होता है और कौन है बेस्ट।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Oct 24, 2021 00:00 IST
फिजिकल एक्टिविटी और एक्सरसाइज में क्या अंतर होता है? जानें शरीर के लिए क्या करना है ज्यादा बेहतर

आपने अक्सर डॉक्टर्स को कहते हुए सुना होगा कि फिजिकल एक्टिविटी (शारीरिक गतिविधि) कीजिए। फिजिकल एक्टिविटी का मतलब कुछ लोग एक्सरसाइज समझ लेते हैं। लेकिन दोनों में अंतर होता है। फिजिकल एक्टिविटी का मतलब है कि आप किसी भी तरह का काम कर रहे हैं, जिसमें आपके हाथ-पैर और शरीर गतिशील है, यानी लगातार चल रहा है। जैसे- झाड़ू लगाना, पोंछा लगाना, साइकिल चलाना, सीढ़ियां चढ़ना, कोई सामान उठाना, चलना आदि। वहीं एक्सरसाइज का मतलब यह है कि आप शरीर के अंगों को खास तरीकों से मूव कर रहे हैं या खास यंत्रों की मदद से मांसपेशियों में खिंचाव पैदा कर रहे हैं। दोनों ही मामलों में आपका शरीर एक्टिव है और दोनों ही शरीर और सेहत के लिए फायदेमंद हैं। लेकिन कंफ्यूजन ये है कि आप इन दोनों में कौन ज्यादा बेहतर है।

exercise and fitness

image source-gannett

मैक्स हॉस्पिटल वैशाली के एसोसिएट डायरेक्टर और यूनिट हेड व प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक डॉ. अखिलेश यादव के मुताबिक शारीरिक गतिविधि को हम स्केलेटल मांसपेशियों द्वारा की गई गतिविधि मान सकते हैं। जिनसे ऊर्जा निकलती है और इस ऊर्जा को हम किलो-कैलोरीज में माप सकते हैं। इस शारीरिक गतिविधि को हम स्पोर्ट्स, घर के काम या अन्य कामों के द्वारा दर्शाते हैं। जबकि शारीरिक कसरत फिजिकल एक्टिविटी यानी कि शारीरिक गतिविधि का एक हिस्सा है, जिसके द्वारा शरीर को फिट किया जाता है। आइए जानिए दोनों में अंतर।

फिजिकल एक्टिविटी या शारीरिक गतिविधि क्या है? (What Is Physical Activity)

यह शरीर द्वारा की जाने वाली हर उस गतिविधि को कहते हैं जिसके द्वारा हमारी मसल्स में कॉन्ट्रैक्शन होता है और ऊर्जा की जरूरत होती है। शारीरिक गतिविधि करने से आपका स्वास्थ्य बेहतर बन सकता है और टाइप 2 डायबिटीज, कैंसर और हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है। अकाल मृत्यु होने से भी आपको शारीरिक गतिविधियां बचा सकती हैं। इसके कुछ उदाहरणों में वॉकिंग, जॉगिंग, डांसिंग, स्विमिंग, सीढियां चढ़ना, घर का कोई काम करना आदि होते है। आप अपने आराम और अपनी उम्र के हिसाब से कोई भी एक गतिविधि चुन सकते हैं। जिन भी कामों को करने से आपके शरीर की कैलोरीज़ बर्न होती है, उन्हें शारीरिक गतिविधि के अंतर्गत रखा जाता है। इसे करने से आपकी मानसिक सेहत भी बेहतर बन सकती है और आपका इम्यून सिस्टम भी मजबूत हो सकता है।

इसे भी पढ़ें- रस्सी कूदना या दौड़ना, वजन घटाने के लिए क्या है ज्यादा बेहतर? जानें एक्सपर्ट से

शारीरिक एक्सरसाइज क्या है? (What Is Physical Exercise)

एक्सरसाइज की परिभाषा हम यह कह सकते हैं कि खुद के शरीर को कुछ इस प्रकार ट्रेन करना ताकि हमारे शरीर का फंक्शन और उसकी फिटनेस पहले से बेहतर बन जाए। नतीजे देखने को लिए आपको रोजाना एक्सरसाइज के लिए एक अलग प्लान और समय निश्चित करना होगा। आप एक्सरसाइज की मदद से अपना वजन घटा या बढ़ा सकते हैं। अगर आप प्लान की गई तकनीक से रोजाना कुछ कार्य करते हैं तो उसे भी एक्सरसाइज माना जाता है। एक्सरसाइज करते समय आपके शरीर को पता चलेगा कि आप कोई शारीरिक गतिविधि कर रहे हैं। इससे आपके शरीर पर एक तरह से प्रेशर पड़ता है। इससे आपका शरीर पहले से अधिक मजबूत बन सकता है। इससे आपका शरीर ढंग से काम करता रहेगा और आपकी सेहत भी बढ़िया रहेगी।

फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा बेहतर है या एक्सरसाइज? (Physical Activity vs Exercise, Which is best?)

इस सवाल का जवाब यही है कि अगर आप कर सकते हैं तो आपको दोनों करना चाहिए। लेकिन अगर आप किसी वजह से एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं, तो कम से कम फिजिकल एक्टिविटी तो जरूर करते रहें, ताकि शरीर के फंक्शन्स ठीक से काम करते रहें।

इसे भी पढ़ें- वजन घटाने और एब्स बनाने के लिए रोज करें जापानी टॉवेल एक्सरसाइज, जानें सही तरीका

एक्सरसाइज करने और फिजिकल एक्टिविटी करने से आपको क्या लाभ मिल सकते हैं? (Benefits Of Physical Activity & Exercise)

1. हृदय रोगों का खतरा कम होता है

अगर आप शारीरिक रूप से एक्टिव रहते हैं तो इससे आपका हृदय रोग होने का रिस्क काफी कम हो सकता है। इसका कारण यह है कि अगर आप एक्सरसाइज करते हैं तो आपका वजन नियंत्रित रहता है और साथ ही आप का ब्लड प्रेशर भी। कोलेस्ट्रॉल लेवल भी अधिक नहीं बढ़ता है जोकि सारे एक अच्छे हृदय के लक्षण है।

2. ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है

अगर आप बीपी के मरीज हैं तो फिर आपको शारीरिक गतिविधि किसी न किसी तरह से करना शुरू कर देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि बीपी भी हृदय बीमारियां होने का एक रिस्क फैक्टर होता है। रोजाना थोड़ी देर एक्सरसाइज करने से बीपी संतुलित रह सकता है।

3. डायबिटीज नियंत्रित करने में मददगार

अगर आपको डायबिटीज नियंत्रित करनी है तो आपको हमेशा के लिए ही अपना लाइफस्टाइल अच्छा रखना होगा। इसके लिए आपको खान पान पर ध्यान देने के साथ साथ थोड़ी बहुत एक्सरसाइज भी करनी होगी।

अगर आप भी अब एक्टिव रहने की सोच रहे हैं तो हमेशा आपको धीरे धीरे आगे बढ़ना चाहिए। अर्थात् आपको पहले कम समय के लिए एक्सरसाइज करनी चाहिए फिर उसका समय बढ़ा देना चाहिए। अगर आप डेली लाइफ में भी छोटे छोटे कदम जैसे लिफ्ट की बजाए सीढ़ियों से आना आदि का प्रयोग करते हैं तो भी आपको काफी अच्छे नतीजे दिखने को मिल सकते है।

main image source-helpguide,verv.com 

Disclaimer