Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

क्या एक्सरसाइज के दौरान ज्यादा पसीने का मतलब ज्यादा फैट बर्न होना है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

लोगों का मानना है कि वर्कआउट के दौरान ज्यादा पसीना आने से अधिक कैलोरी बर्न होती है, लेकिन यह एक मिथक है। पसीना शरीर को ठंडा रखने का नेचुरल तरीका है, न कि फैट बर्न करने का पैमाना।

अक्सर यह माना जाता है कि वर्कआउट के दौरान जितना ज्यादा पसीना आता है, कैलोरी उतनी ज्यादा बर्न होती है और एक्सरसाइज उतना ही असरदार भी होता है। इसलिए, लोग घंटों वर्कआउट करते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा पसीना बहा सके। लेकिन, लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या सच में पसीने की मात्रा वर्कआउट के नतीजे को तय करती है? Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि यह पूरी तरह से एक मिथक है। अत्यधिक पसीना बहना इस बात की गारंटी बिल्कुल नहीं होती है कि आपका वर्कआउट बहुत असरदार है या आप तेजी से फैट कम कर रहे हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या ज्यादा पसीना आना बेहतर वर्कआउट का संकेत है?

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि पहले आपको यह समझना जरूरी है कि पसीना आना वास्तव में क्या होता है? दरअसल, हमारा शरीर एक मशीन के रूप में काम करता है, जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो मांसपेशियां एनर्जी बनाती हैं, जिससे शरीर का अंदरूनी तापमान बढ़ने लगता है। अगर शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ा जाए तो यह हमारे दिमाग और अंदरूनी अंगों के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में दिमाग का एक हिस्सा, जिसे हाइपोथैलेमस कहते हैं, पसीने की ग्रंथियों को एक्टिव कर देता है। आसान शब्दों में कहें तो पसीना बहना शरीर का थर्मोरेगुलेशन यानी खुद को ठंडा रखने का नेचुरल तरीका है, न कि फैट बर्न होने का पैमाना होता है।

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पसीना आने की मात्रा किन बातों पर निर्भर करती है?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार दो लोग एक जैसा वर्कआउट कर सकते हैं, लेकिन एक व्यक्ति को बहुत ज्यादा पसीना आ सकता है और दूसरे को शायद माथे पर हल्की बूंदे दिखें या फिर वो भी नहीं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि व्यक्ति को पसीना आना कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे-

  1. जेनेटिक्स: आपके शरीर में पसीने की ग्रंथियों की संख्या कितनी है, यह काफी हद तक आपके जीन पर निर्भर करता है।
  2. मौसम और माहौल: अगर आप एसी रूम की जगह किसी गर्म या उमस वाले कमरे या स्थान पर वर्कआउट करते हैं तो शरीर को ठंडा होने के लिए ज्यादा पसीना बहाना पड़ेगा।
  3. फिटनेस लेवल: जो लोग बहुत ज्यादा फिट होते हैं, उनका शरीर वर्कआउट शुरू होते ही तापमान को कंट्रोल करने के लिए जल्दी पसीना निकालने लगता है।
  4. वजन और जेंडर: भारी शरीर वाले लोगों को अपने शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्यादा एनर्जी लगती है, इसलिए उन्हें पसीना ज्यादा आता है। आमतौर पर पुरुषों को महिलाओं की तुलना में ज्यादा पसीना आता है।
  5. चाय, कॉफी या मसालेदार खाना: वर्कआउट से पहले कैफीन लेना या बहुत ज्यादा तीखा खाना खाने से भी पसीने की ग्रंथियां ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं।

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साल 2021 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार पसीने की दर एक्सरसाइज की तीव्रता के साथ बढ़ती है यानी हैवी वर्कआउट से ज्यादा पसीना आ सकता है। हालांकि, पसीना आपके आस-पास के वातावरण और आपके कपड़ों पर भी निर्भर करता है।

वर्कआउट के बाद अचानक वजन कम होना: फैट लॉस या वॉटर लॉस?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि बहुत से लोग वर्कआउट के तुरंत बंद वेइंग स्केल पर खड़े होते हैं और 500 ग्राम या 1 किलो वजन कम दिखने पर खुश हो जाते हैं। शरीर का कम हुआ ये वजन आपकी चर्बी का नहीं, बल्कि पसीने के रूप में शरीर से निकले पानी का वजन होता है। जैसे ही आप 1 से 2 गिलास पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स पिएंगे, वज वजन वापस बढ़ जाएगा। फैट लॉस एक लंबी प्रक्रिया होती है, जो सही डाइट और लगातार वर्कआउट से हफ्ते और महीनों में होती है, 1 घंटे के वर्कआउट से नहीं।

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ज्यादा पसीना आना किस बात का संकेत है?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि अगर आप जानकर ज्यादा पसीना बहाते हैं कि इससे वेट लॉस में मदद मिलेगी, तो यह आपके शरीर में कुछ समस्याओं को बढ़ा सकता है, जिनमें शामिल हैं-

  • शरीर में ज्यादा पानी की कमी के कारण डिहाइड्रेशन
  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने पर सोडियम और पोटेशियम जैसे मिनरल्स की कमी
  • मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी बढ़ना
  • अचानक शरीर का तापमान बढ़ने से हीट स्ट्रोक या चक्कर आना

निष्कर्ष

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि पसीने को एक्सरसाइज की मेहनत का नतीजा न मानें। पसीना सिर्फ इस बारे में बताता है कि आपका शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए कितना पसीना निकाल रहा है। कम पसीना आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी मेहनत बेकार जा रही है। अपनी इंटेंसिटी, फॉर्म और निरंतरता पर ध्यान दें, न कि सिर्फ पसीना बहाने में। इसके साथ ही, वर्कआउट के दौरान और बाद में सही मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स पीते रहें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
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FAQ

  • चेहरे पर बहुत ज्यादा पसीना आने के क्या कारण हैं?

    चेहरे पर ज्यादा पसीना आना आमतौर पर शरीर के तापमान को कंट्रोल करने की नेचुरल प्रक्रिया है, लेकिन ज्यादा पसीना किसी मेडिकल कंडीशन या अन्य कारणों से भी हो सकता है।
  • ज्यादा पसीना आना कौन सी बीमारी का संकेत है?

    हद से ज्यादा पसीना आना मुख्य रूप से हाइपरहाइड्रोसिस नाम की स्थिति का संकेत हो सकता है, जो कई बार किसी अंदरूनी बीमारी या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होता है।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 13, 2026 16:24 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh

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