गले के सामने की तरफ अगर कोई गांठ महसूस हो, तो अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन यह साधारण सी दिखने वाली समस्या कई बार थायराइड ग्रंथि से जुड़ी हो सकती है। थायराइड नोड्यूल यानी थायराइड में बनने वाली गांठें आमतौर पर बेनाइन यानी सौम्य होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये गंभीर बीमारी या यहां तक कि कैंसर का संकेत भी हो सकती हैं। यही कारण है कि समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना और डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है। यशोदा अस्पताल, हैदराबाद के डॉ. जयादित्य घोष, जो एक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट हैं, बताते हैं कि गले में किसी भी तरह की असामान्य सूजन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर अगर यह गांठ लगातार बनी रहती है या धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
थायराइड नोड्यूल क्या होता है और क्यों बनता है?
थायराइड नोड्यूल एक तरह की गांठ होती है जो थायराइड ग्रंथि में विकसित होती है। थायराइड एक छोटी, तितली के आकार की ग्रंथि है जो गले के सामने स्थित होती है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने वाले हार्मोन बनाती है। डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि थायराइड नोड्यूल बनने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें आयोडीन की कमी, हार्मोनल असंतुलन, थायराइड ग्रंथि का बढ़ना या सिस्ट बनना शामिल है। कुछ मामलों में यह आनुवंशिक कारणों या उम्र बढ़ने के साथ भी विकसित हो सकता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर नोड्यूल खतरनाक हो लेकिन इसकी प्रकृति (बेनाइन या कैंसरस) जानने के लिए जांच कराना बेहद जरूरी होता है।
साल 2020 में Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, थायराइड की गांठ (nodule) का आकार और कैंसर के खतरे के बीच संबंध काफी जटिल है। इस स्टडी के अनुसार, सबसे ज्यादा कैंसर का जोखिम उन गांठों में देखा गया जिनका आकार 2 सेंटीमीटर से कम (विशेषकर 1 से 1.9 सेमी के बीच) था। हैरानी की बात यह है कि गांठ का आकार 2 सेंटीमीटर से ज्यादा बढ़ने पर कैंसर के खतरे में कोई खास बढ़ोतरी नहीं देखी गई, जिससे यह पता चलता है कि केवल गांठ का बड़ा होना ही कैंसर का पक्का संकेत नहीं है। हालांकि, जैसे-जैसे गांठ का आकार बढ़ता है, 'फोलिक्युलर कार्सिनोमा' जैसे कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, पुरुषों और 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों में कैंसर होने की दर ज्यादा पाई गई। यह स्पष्ट होता है कि थायराइड गांठ के इलाज और जांच के लिए केवल उसके आकार पर निर्भर रहना काफी नहीं है, सही निदान के लिए डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी है।
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गले में गांठ दिखे तो कब सतर्क हो जाएं?
अगर आपको गले में कोई नई गांठ दिखाई देती है या छूने पर महसूस होती है, तो यह डॉक्टर से मिलने का पहला संकेत है। भले ही इसमें दर्द न हो, लेकिन इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, किसी भी नई या लगातार बनी रहने वाली गांठ का क्लिनिकल एग्जामिनेशन जरूरी होता है। डॉक्टर आमतौर पर शुरुआती जांच के लिए थायराइड फंक्शन टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इससे यह पता चलता है कि गांठ की प्रकृति क्या है और क्या यह हार्मोन पर असर डाल रही है या नहीं।
1. निगलने या सांस लेने में दिक्कत
अगर गले की गांठ के साथ आपको निगलने में परेशानी, सांस लेने में दिक्कत या गले में कसाव महसूस होता है, तो यह स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, ऐसा तब होता है जब गांठ का आकार बढ़कर आसपास के अंगों जैसे श्वासनली या इसोफेगस यानी भोजन नली पर दबाव डालने लगता है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि समय के साथ यह समस्या बढ़ सकती है और सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।
2. आवाज में बदलाव
आवाज में अचानक बदलाव आना या लंबे समय तक खराश रहना भी एक जरूरी संकेत हो सकता है। डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि अगर आवाज भारी हो जाए या लगातार बैठी रहे, तो यह रिकरेंट लैरिंजियल नर्व (RLN) के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है, जो वोकल कॉर्ड को कंट्रोल करती है। अगर यह लक्षण 2-3 हफ्तों से ज्यादा समय तक बना रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह थायराइड से जुड़ी गंभीर समस्या का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।

3. तेजी से बढ़ती हुई गांठ या सख्त गांठ
अगर गले की गांठ तेजी से बढ़ रही है, सख्त महसूस होती है, या छूने पर हिलती नहीं है, तो यह गंभीर माना जाता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर तुरंत आगे की जांच जैसे बायोप्सी की सलाह देते हैं। इससे यह पता लगाया जाता है कि गांठ कैंसरस है या नहीं। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, समय रहते जांच कराने से अगर कोई गंभीर बीमारी होती भी है, तो उसका इलाज संभव और सफल हो सकता है।
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4. हार्मोनल असंतुलन
थायराइड नोड्यूल केवल गले में गांठ तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह शरीर के हार्मोनल बैलेंस को भी प्रभावित कर सकता है। अगर आपको बिना कारण वजन कम होना, दिल की धड़कन तेज होना, हाथ कांपना या घबराहट महसूस होती है, तो यह हाइपरथायराइडिज्म का संकेत हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ, अगर आपको थकान, वजन बढ़ना, ठंड ज्यादा लगना या सुस्ती महसूस होती है, तो यह हाइपोथायराइडिज्म की ओर इशारा करता है। यह लक्षण बताते हैं कि समस्या केवल गांठ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित कर रही है।
5. बिना लक्षण के भी जांच जरूरी
कई बार थायराइड नोड्यूल में कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह पूरी तरह सुरक्षित है। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, अगर कोई गांठ लंबे समय तक बनी रहती है या अचानक महसूस होती है, तो उसकी जांच जरूर करानी चाहिए। शुरुआती स्टेज में बीमारी का पता चलने पर इलाज आसान और ज्यादा प्रभावी होता है।
क्या गले में हर गांठ थायराइड की होती है?
डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि गले में हर गांठ थायराइड से जुड़ी नहीं होती है। मेडिकल रिसर्च के अनुसार, गले में बनने वाली गांठ (neck lump) के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिनमें से थायराइड केवल एक संभावित कारण है। National Institutes of Health (NIH) की मेडिकल लाइब्रेरी MedlinePlus के अनुसार, कई बार यह सूजे हुए लिम्फ नोड्स के कारण होता है, जो बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन से जुड़े हो सकते हैं। वहीं कुछ मामलों में यह एलर्जी, थायराइड डिजीज या कैंसर जैसी गंभीर स्थितियों का संकेत भी हो सकता है। इसके अलावा, लार ग्रंथि के बढ़ने, संक्रमण, ट्यूमर या लार की नली में पथरी बनने से भी गले में गांठ महसूस हो सकती है। इसलिए किसी भी तरह की गांठ को नजरअंदाज करना सही नहीं है। अगर यह लंबे समय तक बनी रहे, बढ़ने लगे या दर्द, सूजन, बुखार जैसे लक्षणों के साथ हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर सही कारण का पता लगाना ही बेहतर इलाज और गंभीर समस्याओं से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
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गले में गांठ की जांच और इलाज कैसे होता है?
गले में गांठ यानी थायराइड नोड्यूल की जांच के लिए डॉक्टर कई तरह के टेस्ट की सलाह देते हैं। इनमें थायराइड फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और जरूरत पड़ने पर फाइन नीडल एस्पिरेशन बायोप्सी शामिल हैं। इलाज पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि गांठ किस प्रकार की है।
- अगर गांठ बेनाइन है और कोई लक्षण नहीं दे रही, तो डॉक्टर सिर्फ निगरानी (monitoring) की सलाह देते हैं
- अगर हार्मोनल असंतुलन है, तो दवाओं के जरिए इसे कंट्रोल किया जाता है
- अगर गांठ बड़ी है या कैंसर का शक है, तो सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है
डॉक्टर से कब मिलें?
गले में गांठ दिखने या महसूस होने पर कई लोग इसे हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार ऐसा करना गलत हो सकता है। अगर गले में कोई नई गांठ दिखाई दे या छूने पर महसूस हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, भले ही उसमें दर्द न हो। इसके अलावा, अगर गांठ के साथ कुछ खास लक्षण दिखाई देने लगें, तो स्थिति और गंभीर मानी जाती है। जैसे निगलने में परेशानी, सांस लेने में दिक्कत, गले में दबाव या कसाव महसूस होना, यह संकेत हो सकते हैं कि गांठ का आकार बढ़कर आसपास के अंगों पर असर डाल रहा है। इसी तरह, आवाज में बदलाव, लगातार खराश या आवाज बैठ जाना भी एक अहम संकेत है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अगर गांठ तेजी से बढ़ रही हो, सख्त हो या छूने पर हिलती न हो, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। इसके अलावा, अगर शरीर में हार्मोनल बदलाव जैसे अचानक वजन कम या ज्यादा होना, थकान या ठंड ज्यादा लगना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह थायराइड से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। डॉ. घोष यह भी सलाह देते हैं कि जिन लोगों के परिवार में थायराइड या कैंसर की हिस्ट्री है या जिनकी उम्र 40-45 साल से ज्यादा है, उन्हें नियमित जांच कराते रहना चाहिए।
निष्कर्ष
गले में गांठ होना एक सामान्य समस्या लग सकती है, लेकिन इसके पीछे छिपे कारण कई बार गंभीर भी हो सकते हैं इसलिए इसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, इस समस्या को समझने का सबसे अच्छा तरीका है कि अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान देना। अगर गले में गांठ के साथ कोई असामान्य लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर जांच और उपचार से न केवल बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ा जा सकता है, बल्कि
गंभीर समस्याओं से भी बचा जा सकता है। आजकल लोग छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को टाल देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए नियमित हेल्थ चेकअप, हेल्दी लाइफस्टाइल और जागरूकता बेहद जरूरी है।
FAQ
क्या थायराइड नोड्यूल हमेशा कैंसर होता है?
ज्यादातर थायराइड नोड्यूल सौम्य (बेनाइन) होते हैं। केवल 5-10% मामलों में ही कैंसर का खतरा होता है।गले में गांठ होने पर कौनसा टेस्ट किया जाता है?
आमतौर पर डॉक्टर थायराइड फंक्शन टेस्ट या अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं, जिससे गांठ की प्रकृति और हार्मोन पर उसके असर का पता चलता है।क्या थायराइड की गांठ दवा से ठीक हो सकती है?
अगर गांठ छोटी और सौम्य है, तो डॉक्टर केवल दवा की सलाह दे सकते हैं लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।क्या थायराइड नोड्यूल से वजन पर असर पड़ता है?
हां, अगर गांठ हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है, तो वजन बढ़ना या कम होना दोनों हो सकता है।
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Current Version
Apr 22, 2026 11:48 IST
Modified By : Akanksha Tiwari Apr 22, 2026 11:48 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Jayaditya Ghosh