शरीर में थायराइड हार्मोन के असंतुलित होने के कारण लोगों को 2 तरह की समस्याएं होती हैं- हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइडिज्म। हाइपोथायराइडिज्म में लोगों को थकान होने, वजन बढ़ने, बालों के झड़ने और मांसपेशियों के कमजोर होने जैसी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अक्सर लोगों को अपने खानपान का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। आइए Dr. Mahesh D M, Senior Consultant – Endocrinology, Aster CMI Hospital, Bangalore और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से जानें हाइपोथायराइडिज्म में कैसी डाइट फॉलो करें, क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?
हाइपोथायराइडिज्म क्या है?
हाइपोथायराइडिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन्स नहीं बनाती है। बता दें, थायराइड हार्मोन शरीर में मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। जब यह शरीर में ठीक से नहीं बनता है, तो मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और वजन बढ़ने, स्किन के ड्राई होने, कमजोरी, थकान, ज्यादा ठंड लगने और बालों के झड़ने जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यह समस्या आज के समय में आम हो गई है। हालांकि, सही खानपान को अपनाने से इसके लक्षणों को नियंत्रित करने और स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
हाइपोथायराइडिज्म में क्या खाना चाहिए?
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, “हाइपोथायराइडिज्म की समस्या से परेशान लोग डाइट में दाल, पनीर, साबुत अनाज, ड्राई फ्रूट्स, फल, सब्जियां, ब्राजील नट और सीफूड फूड्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इन फूड्स में प्रोटीन, फाइबर, सेलेनियम, जिंक और आयोडीन जैसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।”
डॉ. महेश डी एम कहते हैं कि, “हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति में सही डाइट लेना जरूरी होता है। ऐसा करने से इसके लक्षणों को कम करने, शरीर को पोषण देने, एनर्जी देने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में मदद मिलती है।”
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आयोडीन युक्त फूड्स खाएं
हाइपोथायराइडिज्म की समस्या से राहत के लिए आयोडीन युक्त फूड्स खाना फायदेमंद माना जाता है। यह थायराइड हार्मोन के निर्माण के लिए जरूरी होता है। इसके लिए डाइट में आयोडीन युक्त नमक, सीफूड और दूध से बने उत्पाद (डेयरी प्रोडक्ट्स) को डाइट में शामिल करें।
National Institutes of Health के अनुसार, आयोडीन के लिए समुद्री घास (Seaweed), अंडे और मछली एक बेहतरीन स्रोत होता है। डेयरी प्रोडक्ट्स में भी आयोडीन होता है, लेकिन यह गाय के चारे पर भी निर्भर करता है, जबकि सोया या बादाम के दूध में यह कम होता है।
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सेलेनियम युक्त फूड्स खाएं
सेलेनियम शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इससे युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करने से शरीर में थायराइड हार्मोन को एक्टिव करने और शरीर के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद मिलती है। इसके लिए सीड्स, नट्स खासकर ब्राजील नट्स और अंडे को डाइट में शामिल करें। लेकिन ध्यान रहे, इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
2022 के Frontiers in Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, ज्यादा सेलेनियम से 'हाइपोथायरायड' और कम सेलेनियम से 'हाइपरथायरायड' की समस्या हो सकती है। ऐसे में इसके खतरे से बचने के लिए सेलेनियम वाले फूड्स का सेवन अपनी जरूरत के अनुसार और सावधानी के साथ करना चाहिए। अपनी डाइट को बैलेंस रखना स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है।
जिंक युक्त फूड्स खाएं
जिंक शरीर में थायराइड हार्मोन के कार्यों को सही तरीके से करने के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी के कारण व्यक्ति के शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने की समस्या होती है। ऐसे में जिंक की कमी को दूर करने, शरीर को एनर्जी देने और थायराइड को बैलेंस करने के लिए डाइट में साबुत अनाज, दालें और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करें।
फाइबर युक्त फूड्स खाएं
हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति में पाचन तंत्र स्लो हो जाता है, जिसके कारण लोगों को कब्ज और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में पाचन को बेहतर करने के लिए डाइट में फल, सब्जियों और साबुत अनाज जैसे हाई फाइबर युक्त फूड्स को शामिल करें। इससे पाचन प्रक्रिया में सुधार आता है।
2025 के Clinical Nutrition Open Science में प्रकाशित Journal के अनुसार, हाशिमोटो थायराइड (HT) के मरीजों के गट के माइक्रोबायोटा में समानताएं होती हैं। डायटरी फाइबर और थायराइड हार्मोन इन बैक्टीरिया को बदल सकता है। इन बदलावों को समझकर स्वास्थ्य स्थिति को बेहतर तरीके से सुधारा जा सकता है।
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प्रोटीन युक्त फूड्स खाएं
अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन से भरपूर फूड्स का सेवन करना फायदेमंद होता है, खासकर हाइपोथायराइडिज्म की समस्या में। पनीर, दाल, चिकन और मछली जैसे प्रोटीन युक्त फूड्स से शरीर में एनर्जी बनाए रखने और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलती है।
2017 के Nutrients में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, डाइट में प्रोटीन की कमी इंसानों और जानवरों, खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदायक है। इससे बच्चों के विकास और हार्मोन पर बुरा असर पड़ता है। सोया प्रोटीन थायराइड को तभी नुकसान पहुंचता है, जब शरीर में आयोडीन की कमी होती है। ऐसे में अच्छे स्वास्थ्य के लिए बैलेंस प्रोटीन और आयोडीन बहुत जरूरी है।
पानी भी है जरूरी
हाइपोथायराइडिज्म की समस्या में पर्याप्त पानी पीना भी बहुत जरूरी है। ऐसा करने से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर शरीर को डिटॉक्स करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में मदद मिलती है, जिससे शरीर हाइड्रेटेड और एनर्जेटिक भी रहता है।
हाइपोथायराइडिज्म में क्या नहीं खाना चाहिए?
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, “हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति में व्यक्ति को प्रोसेस्ड फूड्स, ज्यादा तले-भुने फूड्स, शुगरी ड्रिंक्स और जंक फूड्स को खाने से बचना चाहिए। इनके कारण इससे जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।”
डॉ. महेश डी एम के अनुसार, "हाइपोथायराइडिज्म की समस्या में लोगों को अनहेल्दी फूड्स को खाने से बचना चाहिए। कुछ अनहेल्दी फूड्स ऐसे होते हैं, जो हाइपोथायराइडिज्म के लक्षणों को बढ़ावा दे सकते हैं।
- प्रोसेस्ड फूड
- ज्यादा मीठे स्नैक्स न खाएं
- तली हुई चीजें से बचें”
डॉ. महेश डी एम कहते हैं कि, “इन फूड्स का अधिक सेवन करने से शरीर में एनर्जी की कमी होने और वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।”
Cleveland Clinic के अनुसार, थायराइड की दोनों ही स्थिति में सोया, जड़ों वाली सब्जियों, क्रूसिफेरस सब्जियों और आयोडीन सप्लीमेंट्स का सीमित सेवन करें। इनका अधिक सेवन करने से स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। लेकिन ध्यान रहे, इन फूड्स को जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह के साथ और दवाइयों के समय में अंतर रखते हुए सीमित मात्रा में लिया जा सकता है।
सोया प्रोडक्ट्स और कच्ची सब्जियों से सेवन से बचें
ज्यादा मात्रा में सोया प्रोडक्ट्स और पत्ता गोभी, फूलगोभी और ब्रोकली जैसी कच्ची क्रूसिफेरस सब्जियों का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन फूड्स का अधिक सेवन करने से यह थायराइड के कार्यों में रुकावट डाल सकती हैं। ऐसे में इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इनका अधिक सेवन करने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।
कैफीन और पैकेज्ड फूड से बचें
हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति में लोगों को चाय और कॉफी जैसे कैफीन युक्त और पैकेज्ड फूड का सेवन सीमित मात्रा में करें। इनका जरूरत से ज्यादा सेवन करने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।
दवाइयों के साथ रहें सावधान
डॉ. महेश डी एम के अनुसार, अगर आप थायराइड की दवा ले रहे हैं, तो ध्यान रखें कि कैल्शियम या आयरन किसी भी सप्लीमेंट्स को इनके साथ एक ही समय पर न लें, क्योंकि ऐसा करने से दवाई का असर कम हो सकता है। दवा और सप्लीमेंट्स के बीच अंतर रखें।
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हाइपोथायराइडिज्म से राहत के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल है जरूरी
डॉ. महेश डी एम कहते हैं कि, हाइपोथायराइडिज्म की समस्या से राहत और थायराइड हार्मोन को शरीर में नियंत्रित करने के लिए सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना भी जरूरी होता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
- नियमित एक्सरसाइज करें
- पर्याप्त नींद लें
- स्ट्रेस कम करें
- बैलेंस डाइट लें
इसके अलावा, सही दवा के साथ हाइपोथायराइडिज्म को अच्छे से नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
अगर किसी व्यक्ति का बिना किसी कारण वजन बढ़ने, लगातार थकान बनी रहने, बालों के अधिक झड़ने, अधिक ठंड लगने, स्किन के ड्राई होने और मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा, कोई परेशानी महसूस न होने पर भी ब्लड शुगर और आयोडीन की कमी होने पर नियमित रूप से डॉक्टर से जांच कराएं, ताकि समय रहते किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
निष्कर्ष
हाइपोथायराइडिज्म की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को आयोडीन, सेलेनियम, जिंक, प्रोटीन और फाइबर युक्त नमक, सीफूड, ब्राजील नट्स, अंडे, साबुत अनाज, ड्राई फ्रूट्स, दालें, फल, सब्जियां, पनीर और चिकन जैसे फूड्स को डाइट में शामिल करें, साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें। वहीं, प्रोसेस्ड फूड्स, ज्यादा मीठे स्नैक्स, तले-भुने फूड्स और कैफीन युक्त फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए। ध्यान रहे, हाइपोथायराइडिज्म की समस्या से राहत के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करें और कोई भी स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखते हैं, तो हाइपोथायराइडिज्म के लक्षणों को सही तरीके से मैनेज किया जा सकता है।
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FAQ
हाइपोथायराइडिज्म बढ़ने से क्या होता है?
हाइपोथायराइडिज्म का स्तर बढ़ने पर व्यक्ति को मेटाबॉलिज्म के स्लो होने, थकान होने, वजन के अनियंत्रित होने, कब्ज होने, स्किन के ड्राई होने, बालों के झड़ने, ज्यादा ठंड लगने और थकान महसूस होने की समस्या हो सकती है।हाइपोथायराइडिज्म होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?
हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति होने पर व्यक्ति को पत्तागोभी, ब्रोकली, फूलगोभी, प्रोसेस्ड फूड्स, कॉफी, पैकेज्ड फूड्स, स्नैक्स और चिप्स जैसे फूड्स के सेवन करने से बचने चाहिए।हाइपोथायराइडिज्म में कौन से फल खाने चाहिए?
हाइपोथायराइडिज्म की समस्या में नाशपाती, संतरे, सेब, अमरूद, कीवी, एवोकाडो और जामुन जैसे पोषक तत्वों से युक्त फल फायदेमंद होते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व थायराइड के कार्यों को बेहतर करने में मदद कर सकते हैं।हाइपोथायराइडिज्म में कौन सी दाल खानी चाहिए?
हाइपोथायराइड की स्थिति में मूंग दाल में बहुत से पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा, डाइट में चने की दाल और मसूर की दाल को भी सीमित मात्रा में लिया जा सकता है।नींबू खाने से थायराइड बढ़ता है क्या?
थायराइड की स्थिति में नींबू का सेवन किया जा सकता है, लेकिन सीमित मात्रा में। नींबू से कोई भी परेशानी होने पर इसका सेवन करने से बचें।
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Apr 21, 2026 16:09 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 21, 2026 16:09 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain