Thu Oct 15, 2026 | 10:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

थायराइड डाइट में शामिल करें ज्वार का आटा, मिल सकते हैं कई लाभ

ज्वार में आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे फायदेमंद मिनरल्स पाए जाते हैं। ये थायराइड फंंक्‍शन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। जानें थायराइड में ज्‍वार का आटा खाने के फायदे।
थायराइड डाइट में शामिल करें ज्वार का आटा, मिल सकते हैं कई लाभथायराइड डाइट में शामिल करें ज्वार का आटा, मिल सकते हैं कई लाभ

जब थायराइड ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं। खासतौर पर हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड हार्मोन की कमी) से पीड़ित लोगों को थकान, वजन बढ़ना, कब्ज, बाल झड़ना और सुस्ती जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ सही खानपान भी अहम भूमिका निभाता है। इसी संदर्भ में थायराइड मरीजों के ल‍िए ज्वार का आटा एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। ज्वार एक ग्लूटेन-फ्री अनाज है, जिसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह न केवल पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि वजन को कंंट्रोल करने में मदद करता है। थायराइड डाइट में ज्वार का आटा शामिल करने के फायदे जानने के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

1. वजन कंट्रोल होता है

jowar-atta-for-thyroidjowar-atta-for-thyroid

हाइपोथायरायडिज्म से जूझ रहे लोगों में वजन बढ़ने की समस्या आम होती है। ज्वार के आटे में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इससे बार-बार भूख लगने की संभावना कम होती है और कैलोरी का सेवन कंंट्रोल हो सकता है।

यह भी पढ़ें- गर्मियों में गेहूं की जगह खाएं ये मिलेट्स, शरीर रहेगा ठंडा

2. पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है

थायराइड की समस्या के कारण कई लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है। ज्वार में मौजूद डाइटरी फाइबर मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकता है।

यह भी पढ़ें- फैटी लिवर में कौन-सी रोटी खानी चाहिए और कौन-सी नहीं? डाइटिशियन से जानें सही डाइट

3. ग्लूटेन-फ्री विकल्प है

ज्वार प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री होता है। कुछ थायराइड रोगियों, विशेषकर ऑटोइम्यून थायराइड रोग से जुड़े लोगों को ग्लूटेन के प्रति सेंस‍िट‍िव‍िटी हो सकती है। ऐसे लोगों के लिए ज्वार का आटा, गेहूं के आटे का एक अच्छा विकल्प बन सकता है।

यह भी पढ़ें- पेट के लिए सबसे हल्का आटा कौन-सा होता है? एक्सपर्ट से जानें गैस और कब्ज में क्या खाएं

4. हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है

थायराइड असंतुलन का असर हृदय स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ज्वार में मौजूद फाइबर और अन्‍य पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इससे हृदय को स्वस्थ रखने में मदद म‍िलती है।

यह भी पढ़ें- क्या प्रेग्नेंसी में ज्वार का आटा खाना सेफ होता है? एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे-नुकसान

ज्वार के आटे को डाइट में शाम‍िल कैसे करें?

  • ज्वार की रोटी बनाकर खा सकते हैं।
  • ज्वार के आटे का चीला तैयार किया जा सकता है।
  • मल्टीग्रेन आटे में ज्वार मिलाकर इस्‍तेमाल किया जा सकता है।
  • ज्वार के आटे से हेल्दी पराठे बनाए जा सकते हैं।
  • नाश्ते में ज्वार वाले व्यंजन शामिल किए जा सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

थायराइड में ज्‍वार का सेवन फायदेमंंद होता है। थायराइड में ज्‍वार खाने से वजन कंट्रोल होता है, पाचन तंंत्र बेहतर बनता है। इससे हार्ट हेल्‍थ को सपोर्ट म‍िलता है और यह ग्लूटेन-फ्री होता है।

FAQ

  • क्या ज्वार का आटा रोज खाया जा सकता है?

    संतुलित मात्रा में ज्वार के आटे का सेवन रोज किया जा सकता है। इसे रोटी, चीला या अन्य व्यंजनों के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।
  • क्या ज्वार का आटा डायबिटि‍क मरीजों के लिए अच्छा है?

    ज्वार में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो भोजन के बाद ब्लड शुगर लेवल को कंंट्रोल करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसकी मात्रा और सेवन का तरीका व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होना चाहिए।

Read Next

→ सिर्फ ब्लूबेरी ही नहीं, ये फल भी हैं एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस, जानें फायदे

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    May 31, 2026 13:51 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 31, 2026 13:51 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh