जब थायराइड ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं। खासतौर पर हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड हार्मोन की कमी) से पीड़ित लोगों को थकान, वजन बढ़ना, कब्ज, बाल झड़ना और सुस्ती जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ सही खानपान भी अहम भूमिका निभाता है। इसी संदर्भ में थायराइड मरीजों के लिए ज्वार का आटा एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। ज्वार एक ग्लूटेन-फ्री अनाज है, जिसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह न केवल पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि वजन को कंंट्रोल करने में मदद करता है। थायराइड डाइट में ज्वार का आटा शामिल करने के फायदे जानने के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
1. वजन कंट्रोल होता है

हाइपोथायरायडिज्म से जूझ रहे लोगों में वजन बढ़ने की समस्या आम होती है। ज्वार के आटे में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इससे बार-बार भूख लगने की संभावना कम होती है और कैलोरी का सेवन कंंट्रोल हो सकता है।
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2. पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है
थायराइड की समस्या के कारण कई लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है। ज्वार में मौजूद डाइटरी फाइबर मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकता है।
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3. ग्लूटेन-फ्री विकल्प है
ज्वार प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री होता है। कुछ थायराइड रोगियों, विशेषकर ऑटोइम्यून थायराइड रोग से जुड़े लोगों को ग्लूटेन के प्रति सेंसिटिविटी हो सकती है। ऐसे लोगों के लिए ज्वार का आटा, गेहूं के आटे का एक अच्छा विकल्प बन सकता है।
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4. हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है
थायराइड असंतुलन का असर हृदय स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ज्वार में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इससे हृदय को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
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ज्वार के आटे को डाइट में शामिल कैसे करें?
- ज्वार की रोटी बनाकर खा सकते हैं।
- ज्वार के आटे का चीला तैयार किया जा सकता है।
- मल्टीग्रेन आटे में ज्वार मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।
- ज्वार के आटे से हेल्दी पराठे बनाए जा सकते हैं।
- नाश्ते में ज्वार वाले व्यंजन शामिल किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष:
थायराइड में ज्वार का सेवन फायदेमंंद होता है। थायराइड में ज्वार खाने से वजन कंट्रोल होता है, पाचन तंंत्र बेहतर बनता है। इससे हार्ट हेल्थ को सपोर्ट मिलता है और यह ग्लूटेन-फ्री होता है।
FAQ
क्या ज्वार का आटा रोज खाया जा सकता है?
संतुलित मात्रा में ज्वार के आटे का सेवन रोज किया जा सकता है। इसे रोटी, चीला या अन्य व्यंजनों के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।क्या ज्वार का आटा डायबिटिक मरीजों के लिए अच्छा है?
ज्वार में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो भोजन के बाद ब्लड शुगर लेवल को कंंट्रोल करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसकी मात्रा और सेवन का तरीका व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होना चाहिए।
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May 31, 2026 13:51 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 31, 2026 13:51 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh