Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

ग्लूटेन-फ्री डाइट में क्या खाएं? एक्सपर्ट से जानें 10 बेहतरीन फूड्स

ग्लूटेन-फ्री डाइट अपनाने का मतलब सिर्फ गेहूं छोड़ना नहीं है। इसके लिए ऐसी चीजोंं का चुनाव करना जरूरी है जो नेचुरल रूप से ग्लूटेन-फ्री हों और शरीर को पोषण भी दें। आइए जानते हैं ऐसे 10 फूड्स की ल‍िस्‍ट।

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सोशल मीड‍िया के जमाने में ग्लूटेन-फ्री डाइट काफी लोकप्रिय हो रही है। कई लोग इसे वजन घटाने, बेहतर पाचन और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़कर देखते हैं। ग्लूटेन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो गेहूं, जौ जैसे अनाजों में पाया जाता है। कई लोग ग्लूटेन छोड़ने के बाद पोषण की कमी का शिकार हो जाते हैं क्योंकि वे सही विकल्प नहीं चुनते। अगर ग्लूटेन-फ्री डाइट को सही तरीके से प्लान किया जाए, तो यह शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और प्रोटीन दे सकती है। आइए जानते हैं ऐसे 10 बेहतरीन फूड्स के बारे में जिन्हें ग्लूटेन-फ्री डाइट में शामिल किया जा सकता है। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

Mayo Clinic के मुताब‍िक, कई ऐसे नेचुरल फूड्स हैं, जो ग्‍लूटेन फ्री हैं और इनका सेवन सेहत के ल‍िए फायदेमंद होता है। जैसे- ताजे फल और सब्‍ज‍ियां, बीन्‍स, सीड्स, नट्स, अंंडे, सादा दूध, प्‍लेन दही वगैरह।

1. क्विनोआ जरूरी अमीनो एस‍िड देता है

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क्विनोआ को सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन भरपूर होता है। यह शरीर को सभी जरूरी अमीनो एसिड देता है। सलाद, पुलाव या नाश्ते में इसे शामिल किया जा सकता है।

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2. मेवे और बीज पोषण से भरपूर होते हैं

बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी के बीज पोषण से भरपूर होते हैं। ये हेल्दी फैट, प्रोटीन और फाइबर मौजूद होते हैं। इन्‍हें स्नैक के रूप में या भोजन में मिलाकर खा सकते हैं।

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3. दालें हेल्‍दी ग्‍लूटेन फ्री व‍िकल्‍प हैं

  • मूंग, मसूर, उड़द और अरहर जैसी दालें ग्लूटेन-फ्री होती हैं।
  • ये प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं।
  • नियमित सेवन से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।

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4. बोन्‍स को हेल्‍दी रखता है रागी

रागी कैल्शियम का अच्छा स्रोत मानी जाती है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर को एनर्जी देने में मदद कर सकती है। रागी से डोसा, रोटी और दलिया तैयार किया जा सकता है।

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5. बाजरा पेट को लंबे समय तक भरा रखता है

बाजरा पोषक तत्वों से भरपूर मोटा अनाज है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। बाजरे की रोटी एक लोकप्रिय और हेल्दी विकल्प है ज‍िसे ठंड के द‍िनों में खाया जाता है। बाजरा खाकर पेट लंबे समय तक भरा रहता है।

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6. ज्वार पाचन और वेट लॉस के ल‍िए फायदेमंंद है

  • ज्वार प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री अनाज है और फाइबर से भरपूर होता है।
  • यह पाचन को बेहतर बनाने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है।
  • ज्वार की रोटी, खिचड़ी या उपमा बनाकर खाया जा सकता है।

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7. अलसी के बीज ओमेगा का प्‍लांट बेस्‍ड स्रोत है

अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। यह प्‍लांट बेस्‍ड ओमेगा का स्रोत है। ये पाचन को बेहतर बनाने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं। अलसी को पीसकर स्मूदी, दही, सलाद या आटे में मिलाकर खाया जा सकता है।

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8. मक्का ग्‍लूटेन फ्री अनाज है

मक्का प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-फ्री अनाज है, जो एनर्जी देने वाले कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन बी और जरूरी एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं। ग्लूटेन-फ्री डाइट में इसे सूप या सलाद के रूप में शामिल किया जा सकता है।

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9. प्रोटीन का भंंडार है सोया

सोया प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ है जो शाकाहारी लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है। इसमें आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। ग्लूटेन-फ्री डाइट में सोया चंक्स, टोफू या उबले सोयाबीन को शामिल किया जा सकता है।

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10. ग्‍लूटेन फ्री डाइट में शाम‍िल करें अंडा

अंडे प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं। इनमें कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी पाए जाते हैं। ग्लूटेन-फ्री डाइट में इन्हें आसानी से शामिल किया जा सकता है। सुबह नाश्‍ते में उबले हुए अंडों का सेवन कर सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

ग्‍लूटेन फ्री डाइट का सेवन कर रहे हैं, तो डाइट में अंडा, सोया, मक्का, अलसी के बीज, ज्‍वार, बाजरा, रागी, दालें, मेवे और बीज और क्विनोआ जैसे हेल्‍दी व‍िकल्‍पों को शाम‍िल कर सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 09, 2026 17:59 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 09, 2026 17:59 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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