Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

शेफ विकास खन्ना ने डाइट में ये छोटे बदलाव करके सुधारी सेहत, जानें कैसे बने फ‍िट?

शेफ व‍िकास खन्ना एक सेल‍िब्र‍िटी शेफ हैं और हाल ही में इन्‍होंने अपने फैन्‍स के साथ अपने फ‍िटनेस सीक्रेट शेयर क‍िए हैं और उसमें बताया गया है क‍ि कैसे छोटे-छोटे बदलाव करके सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है?

कोवि‍ड के बाद से फ‍िटनेस को लेकर लोग पहले से ज्‍यादा जागरूक हो गए हैं। हेल्‍दी खाना और फ‍िट रहने का ट्रेंड ज्‍यादातर लोग फॉलो कर रहे हैं। कई लोग फ‍िट रहने के ल‍िए काफी कुछ करते हैं, लेक‍िन इसके बाद भी फ‍िट नहींं रह पाते, वहीं कुछ लोग कम मेहनत के साथ भी फ‍िटनेस हास‍िल कर लेते हैं। इसके पीछे कारण है तकनीक। अगर आप हेल्‍दी खाएं, समय पर सो जाएं और समय पर उठें साथ ही हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल फॉलो करें, तो फ‍िटनेस आसानी से म‍िल जाएगा। इसके ल‍िए न ज‍िम में पसीना बहाने की जरूरत है और न ही अपनी पसंदीदा चीज को खाने से बचना है। हाल ही में शेफ व‍िकास खन्ना ने इंस्‍टाग्राम पर अपने फैन्‍स के साथ कुछ आसान ट‍िप्‍स शेयर क‍िए ज‍िनकी मदद से उन्‍होंने फ‍िटनेस हास‍िल की है। इस लेख में हम एक्‍सपर्ट की मदद से समझेंगे क‍ि शेफ व‍िकास के बताए उपाय फ‍िट रहने के ल‍िए कैसे कारगर हैं? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी देने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

 

 

 

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1. बायोलॉज‍िकल क्‍लॉक ठीक करें- Correct Your Biological Clock

शेफ व‍िकास ने अपनी पोस्‍ट में बताया है क‍ि कैसे सुबह जल्‍दी शूटि‍ंग, देर तक शूटि‍ंग, लंबी हवाई यात्रा, अलग-अलग टाइम जोन में यात्रा के कारण उनकी बायोलॉज‍िकल क्‍लॉक खराब हो जाती थी, इससे उन्‍हें फोकस करने में भी परेशानी होती थी। हर समय थकान (Fatigue) महसूस होती थी, लेक‍िन जब से उन्‍होंने घड़ी देखकर काम करने के बजाय सूरज को देखकर काम करना शुरू कि‍या है, उनकी बायोलॉज‍िकल क्‍लॉक सुधर गई है और सेहत भी बेहतर हुई है।

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2. सूर्योदय से पहले गुनगुना पानी प‍िएं- Drink Lukewarm Water Before Sunrise

सुबह उठकर शेफ व‍िकास गुनगुने पानी का सेवन करते हैं। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि सुबह उठकर गुनगुने पानी का एक ग‍िलास पीने से शरीर के व‍िषाक्‍त पदार्थों को बाहर न‍िकालने में मदद म‍िलती है और शरीर ड‍िटॉक्‍स होता है। नेहा ने बताया क‍ि जो लोग वेट लॉस डाइट फॉलो करते हैं, उन्‍हें भी सुबह उठकर हम गुनगुना पानी पीने की सलाह देते हैं।

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3. ग्‍लूटेन फ्री मील्‍स खाएं- Eat Gluten Free Meals

गेहूं, सूजी, मैदा में ग्‍लूटेन पाया जाता है। इनके बजाय ग्‍लूटेन फ्री व‍िकल्‍प जैसे ज्‍वार, मक्‍का, क्विनोआ वगैरह का सेवन करें। ग्‍लूटेन फ्री मील्‍स का सेवन करने से पाचन बेहतर होता है, शरीर में एनर्जी बनी रहती है। शेफ व‍िकास ने शेयर क‍िया है क‍ि इन आदतों को अपनाने से पहले उन्‍हें हमेशा थकान महसूस होती थी। अब वह बेहतर महसूस करते हैं।

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4. चीनी का सेवन कम करें- Reduce Sugar Intake

शेफ व‍िकास ने शेयर क‍िया क‍ि उन्‍होंने खुद को फ‍िट रखने के ल‍िए चीनी का सेवन भी कम क‍िया है। ज्‍यादा चीनी खाने से मोटापा या डायब‍िटीज का खतरा बढ़ जाता है। शेफ व‍िकास ने बताया क‍ि हमारे गट में मेमोरी और मूड और एनर्जी होती है। अगर पाचन अच्‍छा नहीं होगा, तो दि‍माग भी ठीक नहीं रहेगा, इसल‍िए अच्‍छी मानस‍िक सेहत के ल‍िए अच्‍छी डाइट जरूरी है।

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5. जल्‍दी ड‍िनर करें- Opt For Early Dinner

शेफ व‍िकास ने अपनी पोस्‍ट में बताया क‍ि वह जल्‍दी ड‍िनर कर लेते हैं। Nutritionist Neha Sinha ने बताया क‍ि जल्‍दी डि‍नर कर लेने से पाचन प्रक्र‍िया रातभर चलती नहीं रहती बल्‍क‍ि समय पर खत्‍म हो जाती है ज‍िससे पेट को भी रातभर आराम म‍िलता है। अगर आप देर से खाएंगे, तो रातभर पाचन प्रक्र‍िया एक्‍ट‍िव रहेगी और पेट को आराम नहीं म‍िलेगा ज‍िससे बीमारियां होती हैं। इसल‍िए जल्‍दी ड‍िनर करना सेहत के ल‍िए अच्‍छा होता है।

न‍िष्‍कर्ष:

शेफ व‍िकास ने बताया क‍ि ये छोटे-छोटे बदलाव करके न स‍िर्फ उनकी सेहत बल्‍क‍ि व‍िचार भी बेहतर हुए हैं। शेफ ने बताया क‍ि हम मानस‍िक और शारीर‍िक सेहत को अलग-अलग समझते हैं, लेक‍िन दोनों का एक-दूसरे के साथ गहरा नाता है। इन छोटे-छोटे बदलावों से आप सेहत को बेहतर बना सकते हैं।

अगर आपको यह जानकारी अच्‍छी लगी, तो इसे ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों के साथ शेयर करें। सेहत से जुड़ी अन्‍य जानकारी के ल‍िए पढ़ें ओनलीमायहेल्‍थ।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 18, 2026 19:51 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 18, 2026 19:51 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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