30 जुलाई 2026 से सावन का महीना (Sawan Month) शुरू हो रहा है जिसमें 4 सोमवार आएंगे। 3 अगस्त 2026 को सावन का पहला सोमवार होगा और 28 अगस्त को सावन महीने का समापन होगा। सावन के सोमवार में लोग भगवान शिव की अराधना करते हैं और व्रत रखते हैं। सावन के महीने का धार्मिक महत्व, तो है ही साथ ही इस महीने में गर्मी से राहत मिलती है और हल्की बारिश से मौसम अक्सर सुहावना नजर आता है। जहां एक तरफ सावन का महीना गर्मी से राहत देता है वहीं दूसरी तरफ बैक्टीरिया और वायरस का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में व्रत रखने लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वे व्रत में जो भी खाएं उससे सेहत पर सीधा असर पड़ता है और बारिश के मौसम में कमजोर डाइट से इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और तबीयत बिगड़ सकती है। परंपरा अधूरी न छूटे और सेहत भी बनी रहे, इसके लिए हेल्दी विकल्पों का सेवन जरूरी है। इसलिए हम आपको एक्सपर्ट के साथ मिलकर बताएंगे कि सावन व्रत 2026 (Sawan Vrat) के दौरान क्या खाएं और क्या न खाएं? बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
व्रत रखने के कई फायदे हैं
व्रत रखने से शरीर डिटॉक्स होता है और मेटाबोलिक हेल्थ में सुधार होता है। साल 2021 में Nutrients में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया है कि व्रत रखने से इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है, शुगर लेवल कंट्रोल होता है और वजन घटाने में मदद मिलती है। स्टडी में बताया गया है कि फास्टिंग के दौरान शरीर में मेटाबोलिक स्विच होता है, जिसमें ग्लूकोज की जगह फैट एनर्जी का मुख्य स्राेत बन जाता है। हालांकि, स्टडी में बताया गया है कि व्रत रखना हर किसी के लिए सही नहीं है। गर्भवती महिलाएं, ब्रेस्टफीडिंग मदर्स, बच्चे, कुपोषित लोगों को डॉक्टर की सलाह के बगैर व्रत नहीं रखना चाहिए।
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साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े का आटा सीमित मात्रा में खाएं
Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि व्रत में ज्यादातर लोग साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन खाते हैं, लेकिन ये उतने सेहतमंद नहीं हैं जितने लगते हैं। 100 ग्राम साबूदाना में करीब 350 कैलोरी होती हैं। साबूदाना कार्ब्स से भरपूर होता है और यह व्रत में आपको एनर्जी से भरपूर रहने में मदद करता है। डायबिटिक मरीजों को इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए क्योंकि कार्ब्स होने के कारण इससे वजन और शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसी तरह कुट्टू के आटे में करीब 340 कैलोरी और सिंघाड़े के आटे में करीब 350 कैलोरी होती हैं इसलिए इन्हें भी सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। कुट्टू और सिंघाड़े के आटे का ज्यादा सेवन करने से कुछ लोगों में पाचन समस्याएं भी हो सकती हैं। इसी तरह समा के चावल और राजगिरा को भी सीमित मात्रा में लेना चाहिए, इनसे भी वजन बढ़ सकता है।
सावन व्रत में क्या खाएं?
मखाना

सावन व्रत में मखाना खा सकते हैं। 50 ग्राम मखाना में करीब 170 कैलोरी होती हैं। इसमें फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ज्यादा घी या तेल में भूनकर इसे खाने से कैलोरी बढ़ सकती है। साल 2026 में IP Journal Of Nutrition, Metabolism And Health Science में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, भुना हुआ मखाना एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला स्नैक है और भूनने से इसमें फिनॉलिक यौगिकों और एंटीऑक्सीडेंट क्षमता में ग्रोथ देखी गई है।
आलू

सावन व्रत में आलू या शकरकंद का सेवन भी कर सकते हैं। 100 ग्राम में करीब 87 कैलोरी होती हैं। आलू का सेवन करने से व्रत में थकान और कमजोरी दूर होती है।
पनीर
व्रत में पनीर को शामिल कर सकते हैं। 100 ग्राम पनीर में करीब 250 कैलोरी होती हैं। यह हाई प्रोटीन फूड है जिसे खाकर व्रत में लंबे समय तक पेट भरा रहेगा। बाजार में मिलने वाले पनीर का सेवन करने बचें, उसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा हो सकती है। पनीर को ताजे दूध से घर पर ही तैयार कर सकते हैं।
सावन महीने में गॉर्ड फैमिली की सब्जियां खा सकते हैं
सावन के महीने में गॉर्ड फैमिली (Gourd family) की सब्जियां खाना फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया और फंगस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। करेला, लौकी, कद्दू, खीरा, ककड़ी, टिंडा वगैरह का सेवन कर सकते हैं।
सावन के व्रत में किन चीजों का सेवन न करें?
- सावन में ज्यादा मीठी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
- व्रत के दौरान ढेर सारे पकवान और व्यंजन बनते हैं जिनमें घी, तेल, नमक और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है और पाचन खराब हो सकता है इसलिए भोजन को कम मसालों में पकाएं और ताजे फल और सब्जियों का इस्तेमाल ज्यादा करें।
- सावन व्रत के दौरान बासी या लंबे समय तक बाहर रखा भोजन न खाएं, क्योंकि माॅनसून में फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
सावन महीने में हरी पत्तेदार सब्जियों से बचें
हरी पत्तेदार सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन सावन के महीने में इसे खाने से बचना चाहिए। मॉनसून के टाइम वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे हरी पत्तेदार सब्जियों पर बैक्टीरिया, कीड़े और सूक्ष्मजीवों के बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है। इस मौसम में पालक, मेथी के पत्ते, सरसों का साग, मूली के पत्ते, पुदीना या धनिया पत्ती वगैरह का सेवन नहीं करना चाहिए।
सावन व्रत में अपनाएं ये डाइट टिप्स
- व्रत वाले दिन सुबह उठकर एक से दो गिलास पानी पिएं। इससे डिहाइड्रेशन नहीं होगा और व्रत रखने के कारण होने वाले सिर दर्द से भी बचाव होगा।
- नाश्ते में फल खा सकते हैं। दो केले या तरबूज, खरबूजा, पपीता जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं।
- कुछ लोग सुबह चाय के बगैर दिन की शुरुआत नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोग चाय के साथ थोड़े भुने मखाने या मूंगफली ले सकते हैं।
- लंच में एक प्लेट सलाद खा सकते हैं और उसके बाद दो उबले हुए आलू का सेवन कर सकते हैं।
- शाम को नट्स या लस्सी का सेवन कर सकते हैं। शाम को खजूर का सेवन भी कर सकते हैं। इसमें आयरन होता है जिससे शरीर को एनर्जी मिलती है।
- साथ ही व्रत के दौरान पर्याप्त पानी, नारियल पानी या नींबू पानी लें, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।
निष्कर्ष:
सावन व्रत में अक्सर लोग साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़े का आटा या राजगिरा ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं जिससे वजन और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। खासकर डायबिटिक मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सावन व्रत में पनीर, आलू, मखाना, करेला, लौकी, कद्दू जैसी गॉर्ड फैमिली वेजिटेबल का सेवन कर सकते हैं। सावन के महीने में बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है इसलिए हरी पत्तेदार सब्जियों से बचना चाहिए इनमें सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं। साथ ही व्रत में ज्यादा मीठा, नमकीन, ज्यादा तला हुआ भोजन खाने से भी बचना चाहिए। व्रत में हाइड्रेशन का खास ख्याल रखें।
FAQ
व्रत में खाली पेट रहने के नुकसान क्या हैं?
व्रत में खाली पेट रहने से कमजोरी, चक्कर आना, लो ब्लड शुगर लेवल जैसी समस्याएं हो सकती हैं।क्या डायबिटिक मरीज सावन व्रत रख सकते हैं?
डायबिटिक मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के व्रत नहीं रखना चाहिए। ऐसे मरीजों को भोजन और दवाओं का समय तय रखना जरूरी होता है इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें।
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Jul 29, 2026 18:52 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha