Mon Oct 12, 2026 | 09:05 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kapil Sharma , Group Director - Gastroenterology & Advanced Endoscopy

सावन व्रत में खाली पेट रहने से बढ़ सकती है गैस और एसिडिटी, डॉक्‍टर से जानें बचाव के उपाय

सावन व्रत में खाली पेट रहने से गैस और एसि‍ड‍िटी के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे पानी न पीना, द‍िनभर बैठे रहना, फाइबर को नजरअंदाज करना वगैरह। डॉक्‍टर से जानें इससे बचाव के उपाय।
सावन व्रत में खाली पेट रहने से बढ़ सकती है गैस और एसिडिटी, डॉक्‍टर से जानें बचाव के उपायसावन व्रत में खाली पेट रहने से बढ़ सकती है गैस और एसिडिटी, डॉक्‍टर से जानें बचाव के उपाय

इस साल सावन का महीना 30 जुलाई 2026 यानी गुरुवार से शुरू हो रहा है। सावन में कई लोग पूजा-अराधना करते हैं और व्रत रखते हैं। व्रत में खाली पेट रहने के कारण कई बार गैस या एस‍िड‍िटी हो जाती है। लंबे समय तक खाली पेट रहने के कारण पेट में गैस्‍ट्र‍िक एस‍िड बनने लगता है। इस वजह से एस‍िड‍िटी और जलन हो सकती है। व्रत के दौरान लोग भोजन से परहेज जरूर करते हैं, लेक‍िन व्रत में कई ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं ज‍िसके कारण भी गैस, ब्‍लोट‍ि‍ंग या एस‍िड‍िटी हो सकती है। इस लेख में हम जानेंगे सावन व्रत के दौरान गैस और एस‍िड‍िटी से कैसे बच सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Kapil Sharma, Gastroenterologist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।

व्रत में कौन सी पाचन समस्‍याएं हो सकती हैं?

Gastroenterologist Dr. Kapil Sharma ने बताया क‍ि व्रत में साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा जैसी स्टार्च वाली चीजें ज्यादा खाने से कुछ लोगों में गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक खाली पेट रहने से खट्टी डकार, सीने में जलन और पेट में जलन हो सकती है।

  • व्रत खोलने के बाद अचानक ज्यादा भोजन करना या तली हुई चीजें खाने से खाना ठीक से नहीं पच पाता और पेट में भारीपन महसूस हो सकता है।
  • व्रत में अधिक फल, कच्चा भोजन, साफ-सफाई की कमी या खराब गुणवत्ता वाली चीजें खाने से दस्त की समस्या हो सकती है।
  • व्रत में ज्यादा तला हुआ भोजन, ज्यादा घी या देर रात खाना खाने से पेट का एसिड ऊपर आ सकता है, जिससे गले में जलन और खट्टी डकार हो सकती है।

व्रत में गैस और एस‍िड‍िटी से कैसे बचें?

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1. लंबे गैप के बाद एक साथ ज्‍यादा न खाएं

अगर आप लंबे गैप के बाद एक साथ ज्‍यादा खाना खा लेंगे, तो एस‍िड‍िटी हो सकती है। व्रत में अक्‍सर लोग फास्‍ट‍िंग खोलकर हैवी मील्‍स खा लेते हैं। इससे पाचन तंत्र पर जोर पड़ता है और अपच, ब्‍लोट‍िंग जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। साल 2009 में The Journal Of Clinical Endocrinology & Metabolism में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, लंबे समय तक भोजन न करने या लंबा गैप रखने से शरीर में भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन (Ghrelin) बढ़ सकता है, जिससे तेज भूख लग सकती है और बाद में ज्यादा खाने की संभावना रहती है। इससे वजन भी बढ़ सकता है।

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2. व्रत में फाइबर को नजरअंदाज न करें

कई लोग व्रत के दौरान साबूदाना, कुट्टू का आटा वगैरह, तो खाते हैं लेक‍िन ताजे फल और सब्‍ज‍ियों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे भी पेट में गैस, कब्‍ज और अपच की समस्‍या हो सकती है। साल 2023 में American Journal Of Lifestyle Medicine में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, पर्याप्त फाइबर का सेवन इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और मेटाबोलिक सिंड्रोम के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।

3. न‍िर्जला उपवास से बचें

अगर आपको डायब‍िटीज है या थायराइड है, तो लंबे समय तक खाली पेट रहने या न‍िर्जला उपवास रखने से सेहत खराब हो सकती है। लंबे समय तक व्रत रखने के बजाय थोड़ी-थोड़ी देर में व्रत का भोजन या फल लेते रहें। साथ ही ड‍िहाइड्रेशन के कारण एनर्जी लेवल ग‍िर सकता है और एस‍िड‍िटी की समस्‍या हो सकती है।

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4. ज्‍यादा तली-भुनी और मसालेदार चीजों से बचें

व्रत में साबूदाना के वड़ा, कुट्टू की पूरी, आलू के च‍िप्‍स और डीप फ्राइड स्‍नैक्‍स खाए जाते हैं। साथ ही कई व्‍यंजन बनते हैं ज‍िनमें मसाले की मात्रा ज्‍यादा होती है जैसे आलू की सब्‍जी और कचौड़ी। व्रत में इन चीजों का सेवन करने से एस‍िड‍िटी, गैस और अपच की समस्‍या हो सकती है इसल‍िए सीमि‍त मात्रा में सेवन करें।

5. कैफीन का अध‍िक सेवन करने से बचें

व्रत के दौरान कई लोग चाय या कॉफी जैसी कैफीन युक्‍त ड्र‍िंक्‍स का सेवन ज्‍यादा करते हैं। खाली पेट कैफीन युक्‍त ड्र‍िंक्‍स का अध‍िक सेवन करने से गैस और एस‍िड‍िटी बढ़ सकती है। Mayo Clinic के मुताब‍िक, अगर आपको डायबिटीज है, तो कैफीन शरीर के इंसुलिन इस्तेमाल करने के तरीके पर असर डाल सकता है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ या घट सकता है। कुछ स्‍टडीज में डायब‍िट‍िक लोगों में लगभग 200 मिलीग्राम कैफीन से भी बदलाव देखा गया है इसल‍िए कैफीन इंटेक को सीम‍ित रखें।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • लगातार पेट दर्द हो।
  • बार-बार उल्‍टी हो।
  • खाना न‍िगलने में परेशानी हो।
  • चेस्‍ट पेन हो।
  • अचानक वजन कम हो जाए।

न‍िष्‍कर्ष:

सावन व्रत के दौरान लंबे गैप के बाद एक साथ ज्‍यादा न खाएं, व्रत में फाइबर को नजरअंदाज न करें, न‍िर्जला उपवास से बचें, ज्‍यादा तली-भुनी और मसालेदार चीजों से बचें और कैफीन का अध‍िक सेवन करने से बचें। लगातार पेट दर्द या उल्‍टी होने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें।

FAQ

  • व्रत में साबूदाना खाने से गैस क्यों होती है?

    साबूदाना कार्ब्स से भरपूर होता है और इसमें फाइबर कम होता है। ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों में पाचन धीमा हो सकता है और गैस एवं अपच हो सकती है।
  • व्रत में पेट फूलने का कारण क्या है?

    बहुत ज्यादा आलू, साबूदाना, ज्‍यादा तली चीजें, पानी का कम सेवन या धीरे पचने वाले भोजन के सेवन से पेट फूल सकता है। इन चीजों की मात्रा सीम‍ित रखनी चाह‍िए।

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  • Current Version

    Jul 29, 2026 19:52 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Kapil Sharma