आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, ज्यादा स्क्रीन टाइम, खराब डाइट और मानसिक तनाव ने लोगों के स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया है। रोजाना 7 से 8 घंटे सोने के बाद भी कई लोगों में थकान और नींद न पूरी होने की समस्या बनी रहती है। नींद पूरी न होने की समस्या वर्तमान के लोगों में काफी आम बनती जा रही है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि सिर्फ घंटे गिनकर सोना सेहत के लिए काफी नहीं होता है। मानसिक और शारीरिक रूप से हेल्दी रहने के लिए गहरी और अच्छी नींद लेना जरूरी है। यह दिल, दिमाग, इम्यूनिटी और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए, रात में अच्छी और गहरी नींद के लिए आइए जानते हैं क्या करना चाहिए
नींद की गुणवत्ता में सुधार कैसे करें?
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि नींद पूरी न होने पर लोगों में सिरदर्द, चिड़चिड़ापन या काम में फोकस न कर पाने की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में अच्छी नींद लेने के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं-
1. अपनी सर्केडियन रिदम को समझें
शरीर के अंदर एक नेचुरल घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम के रूप में जाना जाता है। यह घड़ी तय करती है कि हमें कब सोना और कब जागना है। अच्छी नींद लेने के लिए कोशिश करें कि आप रोज रात को एक ही तय समय पर सोएं और सुबह एक ही समय पर उठें। सुबह उठने के बाद 15 से 20 मिनट नेचुरल धूप में समय बिताएं। ऐसा करने से आपके शरीर को संकेत मिलता है कि दिन शुरू हो गया है और रात में मेलाटोनिन का प्रोडक्शन सही समय पर शुरू होता है।
साल 2024 में Cureus Journal में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, नींद के अलग-अलग साइकिल और REM नींद शरीर को अंदर से रिपेयर करने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने और मेटाबॉलिज्म संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। जब हम अपनी नींद की आदतों को सर्केडियन रिदम के साथ जोड़ते हैं तो यह न सिर्फ पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करता है, बल्कि हमारी संज्ञानात्मक और भावनात्मक कार्यप्रणाली को भी सही करता है। यह तालमेल संपूर्ण स्वास्थ्य और लाइफ क्वालिटी को बेहतर बनाते हैं।
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2. स्क्रीन टाइम और डिजिटल लाइट से दूरी बनाएं
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि रात में नींद न आने या बार-बार टूटने का सबसे बड़ा कारण डिजिटल लाइट और स्क्रीन टाइम हैं। स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी से निकलने वाली ब्लू लाइट हमारे दिमाग को एक्टिव रखती है। यह दिमाग को संकेत देती है कि अभी भी दिन है, जिससे नींद लेने वाले हार्मोन मेलाटोनिन का डिस्चार्ज रुक जाता है। इसलिए, सोने से कम से कम 60 मिनट पहले अपने सभी गैजेट्स का इस्तेमाल करना बंद कर दें। सोने से ठीक पहले रील्स देखना या सोशल मीडिया स्क्रॉल करना आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है।
साल 2025 में JAMA Network Open में प्रकाशित रिसर्च स्टडी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन का इस्तेमाल नींद की क्वालिटी और समय को प्रभावित करती है। यह असर लेट क्रोनोटाइप यानी देर से एक्टिव होने वाले व्यक्तियों में ज्यादा होता है, जिसके कारण लोग देर से सोते हैं। यह असंतुलन सर्केडियन लय को बिगाड़कर नींद की कमी के जोखिम को बढ़ाता है।
3. शाम के समय कैफीन और भारी भोजन से बचें
हम जो भी खाना खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी स्लीप साइकिल पर पड़ता है। चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स या डार्क चॉकलेट में मौजूद कैफीन हमारे शरीर को लगभग 6 से 8 घंटे तक एक्टिव रखता है। अगर आप शाम 5 बजे के बाद चाय या कॉफी पीते हैं तो यह आपकी नींद में रुकावट का कारण बन सकती है।
इसके अलावा, देर रात खाना खाने से बचें, ज्यादा ऑयली, मसालेदार या हैवी खाने से परहेज करें। ऐसे फूड्स पचने में समय लेते हैं। इसके कारण एसिडिटी, ब्लोटिंग और बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो रात में बार-बार नींद टूटने का कारण बनती है।
साल 2023 में Sleep Medicine Reviews में प्रकाशित सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस के अनुसार, कैफीन का सेवन नींद की शुरुआत और उसकी क्वालिटी को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। कैफीन कुल नींद के समय को लगभग 45 मिनट कर देता है और गहरी नींद की मात्रा को कम करके रात में बार-बार जागने की समस्या को बढ़ाता है।

4. स्लीप हाइजीन सुधारें
Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि आपका बेडरून सिर्फ सोने के लिए होना चाहिए, काम करने या टीवी देखने के लिए नहीं। एक शांत और आरामदायक माहौल आपके दिमाग को तुरंत आराम की मुद्रा में ले जाता है।
- कमरे का तापमान हल्का ठंडा रखें और कमरे में पूरी तरह अंधेरा या बहुत हल्की नाइट लाइट रखें।
- अगर बाहर का शोर ज्यादा है तो शांत संगीत या व्हाइट नॉइज का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- ध्यान रखें कि आपके सोने का गद्दा और तकिया आपकी रीड़ की हड्डी को सही सपोर्ट दें।
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5. मानसिक तनाव को शांत करें
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, तनाव और एंग्जायटी के कारण भी नींद पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए, सोने से पहले मानसिक तनाव को कम करना बहुत जरूरी है। इसके लिए-
- सोने से पहले 4-7-8 श्वास तकनीक या अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें। 4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड रोकें और 8 सेकंड में धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
- अगर आपके मन में कल के कामों या चिंता चल रही है तो सोने से पहले उन्हें एक डायरी में लिख लें। इससे दिमाग को राहत मिलती है।
6. शराब और स्मोकिंग से बचें
Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि कुछ लोगों का मानना है कि शराब पीने से नींद अच्छी आती है। डॉ. का कहना है कि शराब भले ही आपको शुरुआत में सुस्त कर दे, लेकिन यह आपकी नींद के सबसे जरूरी हिस्से REM (Rapid Eye Movement) Sleep को खत्म कर देती है। इसके कारण आप आधी रात के बाद बार-बार जागते हैं और डिहाइड्रेशन महसूस करते हैं।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
अगर आपने अपनी लाइफस्टाइल और आदतों में बदलाव किया है, लेकिन इसके बाद भी नींद में सुधार नहीं हो रहा है और-
- आपको नींद आने में 30 मिनट से ज्यादा समय लगता है।
- आपकी नींद रात में कई बार टूटती है।
- आप खर्राटे लेते हैं या सोते समय अचानक सांस रुकने या हांफने जैसी स्थिति बनती है।
- दिनभर ज्यादा थकान, सिरदर्द या फोकस की कमी महसूस होती है।
तो इन समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह अनिद्रा या किसी अन्य मेडिकल स्थिति का लक्षण हो सकता है। इस स्थिति में आप डॉक्टर से कंसल्ट करें।
निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि नींद हमारे शरीर की एक जरूरत है। अच्छी नींद लेने से शरीर और दिमाग को रिपेयर होने और सही तरह से काम करने में मदद मिलती है। इसलिए, अच्छी नींद पाने के लिए आप ऊपर बताए गए उपायों को आजमा सकते हैं। हालांकि, इसके बावजूद भी सोने में समस्या महसूस हो तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
नींद खराब होने का सबसे बड़ा कारण क्या है?
नींद खराब होने का सबसे बड़ा कारण मानसिक तनाव, चिंता और मोबाइल-लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग है। ये आदतें आपके दिमाग को शांत नहीं होने देतीं और शरीर की प्राकृतिक घड़ी को बिगाड़ देती हैं।कौन से विटामिन की कमी से नींद नहीं आती है?
विटामिन डी, विटामिन बी12 और विटामिन बी6 की कमी से नींद न आने या नींद की क्वालिटी खराब होने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, शरीर में मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स की कमी भी नींद में बाधा डाल सकती है।
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Jul 28, 2026 21:07 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh