Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Archana Singhal , Counsellor & Family Therapist

कुछ लोगों को वीकेंड पर क्यों होती है ज्यादा थकान? एक्सपर्ट से जानें कारण

क्या वीकेंड में लंबे समय तक आराम करने के बावजूद आपकी थकान बढ़ जाती है? अगर ऐसा है, तो समझ जाएं कि लाइफस्टाइल और डाइट के पैटर्न में आ रहा बदलाव ही आपकी समस्या का मुख्य कारण है।

हम अक्सर वीकेंड का इंतजार करते हैं ताकि सप्ताह भर की थकान मिटा सकें, भरपूर आराम कर सकें और वीकेंड को पूरी तरह एंजॉय कर सकें, लेकिन जैसे ही वीकेंड आता है, स्थिति बिल्कुल इसके उलट हो जाती है। हम अधिक थकान और कमजोरी महसूस करने लगते हैं, इतनी सुस्ती छा जाती है कि जरा भी बिस्तर से उठने का मन नहीं करता है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? अगर नहीं, तो इस लेख को ध्यान से पढ़िए, क्योंकि वीकेंड पर होने वाली थकान के पीछे शारीरिक और मानसिक कारण होते हैं। आइए, माइंडवेल काउंसल की संस्थापक, काउंसलर और फैमिली थेरेपिस्ट अर्चना सिंघल (Archana Singhal, Counsellor & Family Therapist and Founder of Mindwell Counsel) से जानते हैं इस बारे में सभी जरूरी बातें।

वीकेंड पर थकान होने के कारण

why do some people feel more tired on weekends 1 (13)

सप्ताहांत में हो रही थकान की अनदेखी करना सही नहीं है। इसके पीछे कुछ मजबूत कारण हो सकते हैं, जैसे-

स्लीप साइकिल में बदलाव

साल 2024 में जर्नल Sleep में प्रकाशित आर्टिकल के अनुसार, जब हम वीकेंड पर एक्स्ट्रा सोते हैं, तो हमारे सोने-जागने का प्राकृतिक चक्र (Body Clock/Circadian Rhythm) गड़बड़ हो जाता है। इसकी वजह से जो नुकसान होता है, वह देर तक सोने से मिलने वाले फायदों को कम कर देता है। ऐसा ही आपने अपने निजी जीवन में भी नोटिस किया होगा कि सप्ताह भर हम एक निश्चित समय पर सोते और सुबह नींद से उठते हैं। दिनभर का काम करने का पैटर्न फिक्स होता है। वहीं, वीकेंड की बात करें, तो लोग अक्सर इन दिनों देर रात तक जगते हैं। कुछ लोग शुक्रवार की शाम से ही पार्टी की शुरुआत करते हैं और पूरी रात जगकर बिता देते हैं। ऐसे में न सिर्फ स्लीप साइकिल बदल जाता है, बल्कि सर्कैडियन रिदम भी प्रभावित होता है। इस स्थिति को हम सोशल जेट लैग भी कहते हैं। स्लीप साइकिल बदलने के कारण शरीर गहरी नींद नहीं ले पाता है, जिससे सप्ताहांत की थकान बढ़ जाती है।

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मानसिक थकान

सप्ताह भर हम तरह-तरह के काम करते हैं। हम मेंटली खुद को तैयार रखते हैं कि वीकडेज में काम करना है और सप्ताह के आखिरी दिन में पूरा आराम करना है, लेकिन वीकडेज में ओवर वर्क करने के चलते हम बहुत ज्यादा मानसिक थकान से भर जाते हैं। ऐसे में शरीर में एड्रेनालिन का स्तर घट जाता है। यह एक ऐसा हार्मोन है, जो तनाव के प्रति तुरंत रिस्पॉन्ड करता है। बहरहाल, जब कोई वीकडेज में बहुत ज्यादा तनाव से घिरा रहता है, तो वीकेंड में उनमें मानसिक थकान का स्तर भी बढ़ जाता है।

खान-पान और कैफीन का असंतुलन

वीकेंड में हमारे खान-पान की आदतों में भी भारी बदलाव नजर आता है। असल में, वीकडेज में हम लंच ले जाते हैं, आमतौर पर जिसकी मात्रा सुनिश्चित होती है। वहीं, जब हम सप्ताहांत की बात करते हैं, तो उसमें खान-पान की आदतें बदल जाती हैं, पोर्शन साइज बदल जाता है और खाने के टाइम में बदलाव होता है। ज्यादातर लोग वीकेंड में अनहेल्दी चीजों जैसे जंक फूड का सेवन अधिक करते हैं। भारी भोजन को पचाने में लगने वाली ऊर्जा के कारण शरीर में सुस्ती छा जाती है।

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वीकेंड में मानसिक थकान को कैसे कम करें?

  • सप्ताह का कोई भी दिन हो, जरूरी है कि आप अपनी नींद के साथ समझौता न करें। पूरी नींद लें, ताकि सर्कैडियन रिदम पर बुरा प्रभाव न पड़े।
  • मानसिक थकान महसूस कर रहे हैं, तो अपने तनाव को मैनेज करने की कोशिश करें। मानसिक थकान दूर करने के लिए कुछ समय के लिए मोबाइल से भी अलग हो जाएं।
  • वीकेंड पर घर के कामकाज अकेले न करें। बेहतर होगा कि घर के अन्य सदस्यों के साथ घर के काम बांट लें।
  • वीकेंड में अक्सर लोग सुबह नहीं उठते हैं। जब आप लंबे समय तक लेटे रहते हैं, तो सुस्ती अधिक छाने लगती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सुबह के समय उठकर कुछ देर के लिए पार्क में टहल आएं।

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कब लें डॉक्टर की मदद?

  • अगर हर वीकेंड पर बहुत ज्यादा थकान महसूस हो।
  • पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान और ऊर्जा की कमी महसूस हो।
  • रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी आने लगे।
  • थकान के साथ-साथ उदासी, निराशा, चिड़चिड़ापन महसूस हो।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहने का मतलब यह है कि अगर आप वीकेंड में थकान को कम करना चाहते हैं, तो अपनी जीवनशैली में हेल्दी आदतों को अपनाएं, जैसे तय समय पर सोने जाएं, खाने का समय फिक्स रखें, अनहेल्दी चीजों से दूर रहें और पूरा दिन बिस्तर पर न पड़े रहें। इसके बजाय सुबह-सुबह उठें, वाॅक या योग करें। यकीन मानिए, जीवनशैली की अच्छी आदतें अपनाकर वीकेंड में अपनी थकान दूर करना जरा भी मुश्किल नहीं है।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • वीकेंड पर दिन में लंबी नींद लेने से भी थकान दूर क्यों नहीं होती?

    थकान दूर करने के लिए सर्कैडियन रिदम का सही होना जरूरी है। दिन में बहुत देर तक सोने से हमारे शरीर की बायोलाॅजिकल क्लाॅक बाधित हो जाती है, जो कि सुस्ती को बढ़ा देती है।
  • वीकेंड की थकान से बचने का सबसे आसान तरीका क्या है?

    वीकेंड की थकान से बचना है, तो अपने सोने और जागने के समय को वर्किंग डेज के आसपास ही रखें और पूरे दिन शरीर को हाइड्रेटेड रखें।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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