अक्सर लोग मार्केट से रंग-बिरंगी पॉलिथीन में सब्जी या फल लाकर सीधे ही फ्रिज में रख देते हैं। लोगों की यह छोटी सी लापरवाही सेहत के लिए नुकसानदायक बन सकती है। खासतौर पर सिंगल यूज प्लास्टिक या पतली रंग-बिरंगी पॉलिथीन में लंबे समय तक सब्जियां रखना सुरक्षित नहीं माना जाता। इससे सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं? यह जानने के लिए हमने Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि इस तरह की पॉलिथीन न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि शरीर के हार्मोन, फर्टिलिटी और सेक्शुअल हेल्थ पर भी असर डाल सकती है।
पॉलिथीन क्यों सेफ नहीं है?
Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “पतले और रंग-बिरंगे पॉलिथीन फूड ग्रेड प्लास्टिक से नहीं बनती। इनमें कई बार रिसाइकिल प्लास्टिक और कम क्वालिटी वाले केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। जब सब्जियां, खासकर गीली या कटी हुई सब्जियां, घंटों या कई दिनों तक इन्हीं प्लास्टिक बैग में बंद रहती हैं, तो प्लास्टिक में मौजूद कुछ केमिकल्स धीरे-धीरे खाने तक पहुंच सकते हैं। ये केमिकल्स बिस्फेनॉल-ए (BPA) और फ्थैलेट्स होते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, कुछ लोगों को लगता है कि फ्रिज में रखने के बाद सब्जियां पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं, लेकिन अगर वे पॉलिथीन में बंद हैं, तो प्लास्टिक बैग के अंदर हवा नहीं जा पाती और नमी के कारण फंगस और बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे सब्जियां जल्दी खराब हो सकती है और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।”

पुरुषों पर असर
Dr. Vineet Malhotra के मुताबिक, “ प्लास्टिक में पाए जाने वाले BPA और फ्थैलेट्स को एंडोक्राइन डिसरप्टर्स माना जाता है। इससे हार्मोन बैलेंस बिगड़ सकता है और इससे पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पर असर पड़ सकता है। इस वजह से पुरुषों में सेक्स ड्राइव में कमी, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, स्पर्म काउंट कम होना और फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है।”
MDPI में प्रकाशित स्टडी को चूहों पर किया गई। इसमें पाया गया कि माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में आने के बाद चूहों में स्पर्म की संख्या काफी कम हो गई और शारीरिक रूप से विकृत जैसे दो पूंछ वाले या सूजी हुई गर्दन वाले स्पर्म बनने लगते हैं। इससे टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बनना भी धीमा हो जाता है। प्लास्टिक सीधे कोशिकाओं के अंदर जाकर DNA को डैमेज कर देता है।
महिलाओं की सेहत पर असर
Dr. Vineet Malhotra, “पॉलिथीन के ज्यादा इस्तेमाल से महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की संभावना बढ़ सकती है। अगर महिलाएं लंबे समय तक पॉलिथीन के संपर्क में रहती है, तो महिलाओं का एस्ट्रोजन हार्मोन प्रभावित हो सकता है, पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, PMOS जैसी समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है और प्रेग्नेंसी में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, ये बीमारियां किसी एक कारण से नहीं होतीं। इनमें जेनेटिक, हार्मोनल और लाइफस्टाइल से जुड़े कई अन्य कारण भी भूमिका निभाते हैं।”
पॉलिथीन के नुकसान से कैसे बचें?
Dr. Vineet Malhotra ने लोगों को कुछ ऐसे सुझाव दिए है, जिसे अपनाकर पॉलिथीन के साइडइफैक्ट्स से बचा जा सकता है।
- मार्केट जाते समय कपड़े का बैग साथ लेकर जाएं।
- बाजार से आते ही सब्जियों को प्लास्टिक बैग से बाहर निकाल दें।
- सब्जियां धोने के बाद अच्छी तरह सुखा लें।
- सब्जियों को सूती कपड़े के बैग, मलमल के कपड़े या फूड ग्रेड कंटेनर में रखें।
- पालक, मेथी, धनिया जैसी पत्तेदार सब्जियों को हल्के सूती कपड़े या पेपर टॉवल में लपेटकर रखने से अतिरिक्त नमी सोख ली जाती है और वे ज्यादा समय तक ताजा रहती हैं।
निष्कर्ष
पतली पॉलिथीन में सब्जियां लंबे समय तक फ्रिज में रखने की आदत पर अक्सर लोग ध्यान नहीं देते, लेकिन प्लास्टिक के केमिकल्स और नमी के कारण फल और सब्जियों में माइक्रोप्लास्टिक जा सकते हैं। इसलिए एक्सपर्ट्स घर पहुंचते ही सब्जियों को पॉलिथीन से निकालने की सलाह देते हैं।
FAQ
क्या पॉलिथीन में सब्जियां रखने से थायराइड की समस्या भी हो सकती है?
प्लास्टिक के ये केमिकल्स गर्दन में मौजूद थायराइड ग्रंथि के कामकाज को धीमा कर देते हैं। इसके कारण थायराइड हार्मोन का स्राव अनियंत्रित हो जाता है, जिससे लोगों में हाइपोथायरायडिज्म और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी बीमारियां तेजी से पनपने लगती हैं।क्या फ्रिज की ठंडक प्लास्टिक से केमिकल्स निकलने की प्रक्रिया को धीमा नहीं करती?
नहीं, यह एक गलत धारणा है। फ्रिज के अंदर बंद पॉलिथीन में सब्जियों की नमी के कारण भाप बनने लगती है। यह नमी और प्लास्टिक के लगातार संपर्क केमिकल्स के सब्जियों में मिलने की प्रक्रिया को और आसान बना देता है।
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Jul 02, 2026 20:06 IST
Modified By : Aneesh Rawat Jul 02, 2026 20:06 IST
Modified By : Aneesh RawatJul 02, 2026 20:06 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra