Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Archana Singhal , Counsellor & Family Therapist

कहीं आपका चिड़चिड़ापन डिप्रेशन का छिपा हुआ संकेत तो नहीं? जानें एक्सपर्ट से

क्या आप अक्सर चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं? बार-बार मूड स्विंग होता है? अगर ऐसा है, तो यह डिप्रेशन का संकेत हो सकता है। आखिर इनका आपस में क्या कनेक्शन है, समझें इस लेख में।

कई बार आपने महसूस किया होगा कि बिना किसी वजह के मूड खराब हो रहा है, चिड़चिड़ापन महसूस हो रहा है और बात-बात पर गुस्सा आ रहा है। ऐसा हो क्यों रहा है, इसकी वजह से समझ नहीं आती है। ऐसे में किसी से बात करने का मन नहीं करता है और लगता है कि खुद को पूरी तरह अलग-थलग कर लें। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? माना जाता है कि चिड़चिड़ापन या मूड खराब होना डिप्रेशन का छिपा हुआ संकेत भी हो सकता है। तो आइए, जानते हैं कि इनका आपस में क्या कनेक्शन है? इस संबंध में जानने के लिए हमने माइंडवेल काउंसिल की संस्थापक, काउंसलर और फैमिली थेरेपिस्ट अर्चना सिंघल (Archana Singhal, Counsellor & Family Therapist and Founder of Mindwell Counsel) से बात की।

क्या लगातार चिड़चिड़ापन कभी-कभी डिप्रेशन का संकेत हो सकता है?

can constant irritability and mood swings be hidden signs of depression 1 (13)

मूड बदलना या किसी चीज में मन न लगना, जैसी स्थितियों को हम कभी भी डिप्रेशन से जोड़कर नहीं देखते हैं। हालांकि, इनका डिप्रेशन से गहरा संबंध है। वैसे भी जब हम जब हम डिप्रेशन की बात करते हैं, तो अक्सर हमारे मन में उदासी, रोना या निराशा जैसी तस्वीर आती है। लेकिन हर व्यक्ति में डिप्रेशन में एक जैसा दिखाई नहीं देता। कुछ लोगों में यह लगातार चिड़चिड़ापन, अधीरता, निराशा या छोटी-छोटी बातों पर तीखी प्रतिक्रिया के रूप में भी सामने आ सकता है। इस संबंध में साल 2012 में Frontiers in Psychiatry में प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि बार-बार मूड स्विंग होना और चिड़चिड़ापन महसूस करना, मेजर डिप्रेशन के केवल सामान्य नहीं, बल्कि बुनियादी लक्षण हैं। यही कारण है कि जब कोई डॉक्टर किसी मरीज में डिप्रेशन के लक्षणों पर चर्चा करता है, तो वह यह भी जानना चाहता है कि क्या मरीज के मूड में बार-बार उतार-चढ़ाव हो रहा है या बार-बार चिड़चिड़ापन महसूस कर रहा है। इससे स्पष्ट है कि चिड़चिड़ेपन को डिप्रेशन का संकेत माना जा सकता है। हालांकि, हर बार ऐसा हो यह जरूरी नहीं है। 

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कैसे जानें चिड़चिड़ापन सामान्य है या डिप्रेशन का संकेत?

हर बार चिड़चिड़ापन डिप्रेशन का संकेत नहीं हो सकता है। यह कभी-कभी सामान्य भी होता है। ऐसे में यह सवाल जरूर मन में उठता है कि कैसे जानें कि चिड़चिड़ापन डिप्रेशन का संकेत है या सामान्य है? इस बारे में अर्चना सिंघल बताती हैं कि सामान्य चिड़चिड़ापन अस्थायी होता है, जो किसी खास तनाव या परिस्थितियों के कारण उत्पन्न होता है। जैसे ही समस्या सुलझ जाती है, तो चिड़चिड़ापन भी कम हो जाता है। मूड में सुधार होने में बहुत ज्यादा समय नहीं लगता है। वहीं, अगर किसी का चिड़चिड़ापन डिप्रेशन का संकेत है, तो इसमें लक्षण बिल्कुल अलग नजर आते हैं। इस संबंध में एक्सपर्ट बताते हैं कि डिप्रेशन या अवसाद से जुड़ा चिड़चिड़ापन क्रॉनिक हो जाता है। इसमें व्यक्ति लगातार हफ्तों तक हर वक्त गुस्से या निराशा में डूबा रहता है, जिससे उसकी रोजमर्रा की जीवनशैली भी प्रभावित होती है और अक्सर इस चिड़चिड़ेपन के पीछे कोई एक ठोस वजह भी नहीं होती।

चिड़चिड़ापन कब सामान्य होता है?

बार चिड़चिड़ापन पूरी तरह सामान्य होता है। जैसे—

  • नींद पूरी न होना
  • लगातार तनाव
  • काम का दबाव
  • रिश्तों में तनाव
  • हार्मोनल बदलाव
  • चिंता (Anxiety)
  • बर्नआउट

ऐसी परिस्थितियों में समस्या कम होने पर चिड़चिड़ापन भी धीरे-धीरे कम हो जाता है।

बार-बार चिड़चिड़ापन होने पर कब जाएं डॉक्टर के पास?

कई लोगों के लिए यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि उनका चिड़चिड़ापन सामान्य है या नहीं? आप यह नोटिस करें कि क्या आप अपने चिड़चिड़ेपन को हैंडल कर पा रहे हैं, क्या बार-बार मूड स्विंग हो रहा है और इसका प्रभाव आपके प्रोफेशनल तथा पर्सनल लाइफ पर भी नजर आ रहा है? अगर इनमें से किसी भी सवाल का जवाब हां, तो अपनी स्थिति को इग्नोर न करें और तुरंत प्रोफेशनल के पास जाएं। इसके अलावा इन बातों का भी ध्यान रखें-

  • दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक बना रहे
  • लगभग हर दिन महसूस हो
  • काम, पढ़ाई या रिश्तों को प्रभावित करने लगे
  • पहले पसंद आने वाली चीज़ों में रुचि कम हो जाए
  • लगातार थकान, निराशा या खालीपन महसूस हो

निष्कर्ष

चिड़चिड़ापन महसूस होना पूरी तरह नाॅर्मल है। कई बार चिड़चिड़ेपन में हम अपने करीबियों से कुछ देर के लिए बातचीत करना बंद कर देते हैं। हालांकि, कुछ समय बाद हम खुद ब खुद ठीक भी हो जाते हैं। अगर आप महसूस करें कि आपका चिड़चिड़ापन सही नहीं हो रहा है और बार-बर मूड स्विंग्स हो रहे हैं तो बेहतर है कि आप इसे इग्नोर न करें और एक्सपर्ट की मदद लें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • डिप्रेशन के कारण व्यक्ति को बार-बार गुस्सा और चिड़चिड़ापन क्यों आता है?

    डिप्रेशन के कारण मस्तिष्क में सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर (हार्मोन) का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे इमोशंस पर कंट्रोल नहीं रहता है।
  • चिड़चिड़ापन डिप्रेशन में बदल जाए तो क्या करें?

    सबसे पहले अपनी नींद, तनाव और अपनी जीवनशैली पर ध्यान दें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, पर्याप्त आराम करें और करीबियों से बातचीत करें। इसके अलावा, माइंडफुलनेस जैसी आदतें मदद कर सकती हैं। यदि समस्या बनी रहे या बढ़ती जाए, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मूल्यांकन करवाना बेहतर रहेगा

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 30, 2026 16:07 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jun 30, 2026 16:07 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Archana Singhal

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