Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

दिन चढ़ते ही चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है? गलत खानपान हो सकता है कारण, एक्‍सपर्ट से जानें दोनों का संबंध

दिन चढ़ते ही चिड़चिड़ापन बढ़ना सिर्फ स्‍ट्रेस नहीं, गलत खानपान का संकेत हो सकता है। नाश्ता स्‍क‍िप करना, ज्यादा शुगर, कम प्रोटीन, ड‍िहाइड्रेशन और प्रोसेस्‍ड फूड्स का मूड पर बुरा असर होता है।

सुबह उठते समय सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, बिना किसी बड़ी वजह के चिड़चिड़ापन, गुस्सा या बेचैनी महसूस होने लगती है? छोटी-छोटी बातों पर इर‍िटेट होना, काम में मन न लगना या लोगों से बात करने का मन न करना, ये सभी इस बात का संकेत हैं कि कहीं न कहीं शरीर और दिमाग का संतुलन बिगड़ रहा है। अक्सर लोग इसे स्‍ट्रेस, वर्कलोड या नींद की कमी से जोड़ देते हैं, लेकिन एक अहम वजह जिस पर कम ध्यान दिया जाता है, वह है गलत खानपान (Wrong Eating Habits)।
हम जो खाते हैं, वही हमारा मूड और एनर्जी लेवल को तय करता है। खानपान की गलत आदतों का असर मूड पर होता है। इस लेख में जानेंगे क‍ि आख‍िर कैसे खानपान की गलत आदतों से मूड प्रभाव‍ित हो सकता है और इर‍िटेशन महसूस हो सकता है? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietician At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

1. नाश्ता स्‍क‍िप करना- Skipping Breakfast

  • सुबह नाश्ता न करने से ब्‍लड शुगर लेवल तेजी से गिरता है, जिससे इर‍िटेशन और थकान बढ़ती है।
  • ब्रेन को लगातार ग्‍लूकोज चाहिए और ब्रेकफास्‍ट स्‍क‍िप करने पर उसका सप्‍लाई रुक जाता है।
  • इससे दिन की शुरुआत में ही मूड स्‍व‍िंग्‍स और गुस्सा महसूस हो सकता है।

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2. ज्‍यादा मीठा खाना- Excess Sugar Foods

  • हाई शुगर फूड्स तुरंत एनर्जी, तो देते हैं, लेकिन थोड़ी देर में शुगर क्रैश हो जाता है।
  • इस क्रैश की वजह से बेचैनी, घबराहट और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।

3. कम प्रोटीन वाला आहार- Low Protein Diet

  • प्रोटीन ब्रेन के केम‍िकल्‍स बनाने में मदद करता है जो मूड को बेहतर रखते हैं।
  • प्रोटीन की कमी से कमजोरी, इर‍िटेशन और ध्‍यान केंद्र‍ित करने की दिक्कत होती है।
  • इससे दिन बढ़ने के साथ इमोशनल असंतुलन महसूस होने लगता है।

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4. पानी की कमी- Dehydration

  • कम पानी पीने से बॉडी और ब्रेन दोनों पर स्‍ट्रेस पड़ता है।
  • ड‍िहाइड्रेशन से स‍िर दर्द, थकान और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
  • हल्का ड‍िहाइड्रेशन भी मूड को बुरी तरह प्रभाव‍ित करता है।

5. प्रोसेस्ड और अल्ट्रा-रिफाइंड फूड्स का सेवन करना- Processed & Ultra-Refined Foods

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  • जंक फूड्स में न्‍यूट्र‍िएंट्स कम और केम‍िकल्‍स ज्यादा होते हैं।
  • ये फूड्स शरीर में सूजन को बढ़ाकर मूड ड‍िसआर्डर को ट्र‍िगर करते हैं।
  • नियमित सेवन से इर‍िटेशन और एंग्‍जाइटी बढ़ सकती है।

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6. खाने का अनियमित समय- Irregular Eating Pattern

  • तय समय पर रोज न खाने से ब्‍लड शुगर बार-बार ऊपर-नीचे होता है।
  • इससे शरीर को स्‍ट्रेस सिग्नल मिलता है, जो मूड को बिगाड़ता है।
  • अन‍ियम‍ित मील्‍स से चिड़चिड़ापन ज्यादा महसूस होता है।

निष्कर्ष:

अगर दिन चढ़ते ही चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप इमाेशनल रूप से कमजोर हैं। कई बार यह शरीर का संकेत होता है कि उसे सही न्‍यूट्र‍िशन नहीं मिल रहा है। बैलेंस्‍ड डाइट, टाइम पर खाना, पर्याप्त पानी और नेचुरल फूड्स न सिर्फ शरीर बल्कि मूड को भी अच्‍छा रख सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 01, 2026 18:07 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 01, 2026 18:07 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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