बच्चे हमेशा से ही पौष्टिक चीजों को खाने के बजाय बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स जैसे प्रोसेस्ड फूड खाना ज्यादा पसंद करते हैं। असल में ये स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन इनमें पोषक तत्वों की भारी कमी होती है। यही कारण है कि जो बच्चे अधिक मात्रा में प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। यह भी माना जाता है कि प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन करने वाले बच्चे अधिक चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स झेलते हैं। सवाल यह है कि क्या वाकई इस बात में कोई सच्चाई है? आइए, जानते हैं Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी की राय।
प्रोसेस्ड फूड का बच्चों के मूड पर असर
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बढ़ता चिड़चिड़ापन
विशेषज्ञों की मानें, तो प्रोसेस्ड फूड में रिफाइंड शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। जब आप शुगर का सेवन करते हैं, तो इससे एनर्जी का स्तर तेजी से बढ़ता है। ऐसा ही बच्चों के साथ होता है। जब वे अधिक मात्रा में प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, तो उन्हें इंस्टेंट एनर्जी मिलती है। वहीं, कुछ देर बाद ही शुगर का स्तर गिरने की वजह से उनका एनर्जी लेवल भी गिर जाता है। इस उतार-चढ़ाव के कारण बच्चे अचानक थका हुआ, चिड़चिड़ा और गुस्सैल महसूस करने लगते हैं।
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एकाग्रता में कमी
आमतौर पर प्रोसेस्ड फूड में कई तरह की कृत्रिम चीजों का इस्तेमाल होता है और इसमें प्रिजर्वेटिव्स भी यूज किए जाते हैं। Harvard T.H. Chan School of Public Health की मानें, तो अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड और मस्तिष्क की खराब स्थिति का आपस में गहरा संबंध है। इसमें स्पष्ट बताया गया है कि अधिक मात्रा में प्रोसेस्ड फूड खाने वालों में अवसाद और तनाव प्रोसेस्ड फूड न खाने वालों की तुलना में अधिक देखने को मिलता है। इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड खाने की वजह से मस्तिष्क की कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है।
पोषक तत्वों की कमी
प्रोसेस्ड फूड में कैलोरी काफी मात्रा में होती है, लेकिन अन्य पोषक तत्व जैसे विटामिन, मिनरल्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड की काफी ज्यादा कमी होती है। बच्चों को सभी तरह के पोषक तत्व अधिक मात्रा में लेने चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो इसकी वजह से उन्हें हर समय थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस होती है।
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निष्कर्ष
भले ही बच्चे बहुत चाव से प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, लेकिन यह उनके मूड पर भी गहरा असर डालता है। इसकी वजह से बच्चों की एकाग्रता क्षमता कमजोर होती है और कॉग्निटिव बिहेवियर पर भी असर पड़ता है। इसलिए, पेरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चे को प्रोसेस्ड फूड खाने के लिए न दें। हां, अगर देना ही है, तो बहुत सीमित मात्रा में ही दें।
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FAQ
क्या प्रोसेस्ड फूड से बच्चों में डिप्रेशन का खतरा बढ़ता है?
हां, अगर बच्चा लगातार प्रोसेस्ड फूड खाता है, तो उसमें पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जो कि बच्चों में एंग्जायटी और डिप्रेशन के खतरे को बढ़ा सकती है।कौन से प्रोसेस्ड फूड बच्चों के व्यवहार को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं?
कोल्ड ड्रिंक्स, कैंडीज, चिप्स और फास्ट फूड बच्चों के मूड के लिए बिल्कुल सही नहीं है।बच्चे को प्रोसेस्ड फूड की लत से कैसे बचाएं?
बच्चों को प्रोसेस्ड फूड के बजाय हेल्दी चीजें जैसे नट्स आदि खाने के लिए दें।
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Jun 05, 2026 10:33 IST
Modified By : Meera Tagore Jun 05, 2026 10:33 IST
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Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dt Divya Gandhi