तरह-तरह के डाइट प्लान होते हैं जिनमें से एक है इंटरमिटेंट फास्टिंग। यह वेट लॉस करने वाले लोगों के बीच बहुत पॉपुलर है। इंटरमिटेंट फास्टिंग में दिन के कुछ घंटे भोजन किया जाता है और कुछ घंटे फास्टिंग की जाती है। केवल फास्ट करना या तय समय पर खाना ही काफी नहीं है। इंटरमिटेंट फास्टिंग तभी असरदार होगी जब आप उसमें खाई जाने वाले चीजों पर गौर करेंगे। मान लें कि आप रोज 16 घंटे फास्ट करते हैं और 8 घंटे खाते हैं, लेकिन डाइट में अनहेल्दी चीजें, फास्ट फूड्स, स्ट्रीट फूड्स वगैरह शामिल है, तो इससे फास्टिंग करने के बाद भी शरीर में कोई पॉजिटिव बदलाव नजर नहीं आएगा। इंटरमिटेंट फास्टिंग में किन चीजों को शामिल करें और किन्हें नहीं, यह जानकारी लेने के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
इंटरमिटेंट फास्टिंग में क्या खाएं?
इंटरमिटेंट फास्टिंग में किसी फैंसी चीज को शामिल न करें क्योंकि ऐसी डाइट को ज्यादा समय के लिए फॉलो करना मुश्किल हो सकता है। डाइट में ऐसी चीजों को शामिल करें जिसे आप रोज खाना पसंद करते हैं और जो आपके क्षेत्र में आसानी से मिल जाती है।
1. फाइबर रिच फूड्स
Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग में फाइबर रिच फूड्स का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, ओवरईटिंग से बचाव होता है और पाचन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। एक बाउल सलाद सुबह नाश्ते में या अपनी ईटिंग विंडो के मुताबिक दोपहर से पहले खा सकते हैं। फाइबर रिच फूड्स में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं-
- सेब, नाशपाती, पपीता
- गाजर, खीरा
- चना, ओट्स
- चिया सीड्स
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2. कैल्शियम और आयरन रिच फूड्स
कैल्शियम केवल हड्डियों ही नहीं, बल्कि ये मांसपेशियों के काम करने की क्षमता पर भी असर डालता है। कैल्शियम रिच फूड्स में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं-
- दूध
- दही
- पनीर
- रागी
- टोफू
- बादाम
इंटरमिटेंट फास्टिंग में अगर आयरन की कमी होगी, तो शरीर में थकान, कमजोरी और एनर्जी की कमी महसूस होगी। इससे बचने के लिए कुछ हेल्दी आयरन रिच विकल्पों को डाइट में शामिल करें जैसे-
- चना
- राजमा
- मसूर दाल
- सोयाबीन
- पालक
- तिल
- कद्दू के बीज
- अंडा
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3. प्रोटीन और हेल्दी फैट्स
इंटरमिटेंट फास्टिंग में प्रोटीन रिच फूड्स खाएंगे, तो लंबे समय तक भूख नहीं लगेगी और फास्टिंग विंडो में कमजोरी से भी बचाव होगा। प्रोटीन रिच फूड्स में इन चीजों को शामिल करें-
- पनीर
- दही
- दूध
- मूंग दाल
- मछली या चिकन
प्रोटीन के अलावा डाइट में हेल्दी फैट्स को भी प्राथमिकता दें। हेल्दी फैट्स शरीर को एनर्जी देते हैं। इससे फास्टिंग के दौरान एनर्जी रहती है और कमजोरी से बचाव हो सकता है। इन हेल्दी विकल्पों को डाइट में शामिल कर सकते हैं-
- बादाम और अखरोट
- मूंगफली
- पिस्ता
- चिया सीड्स
- अलसी के बीज
- कद्दू के बीज
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4. इंटरमिटेंट फास्टिंग में क्या पिएं?
Nutritionist Neha Sinha ने बताया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ लेमन वॉटर, दालचीनी का पानी, जीरा वॉटर, सौंफ का पानी चुन सकते हैं। हालांकि, इनमें चीनी या नमक को शामिल न करें। ये ड्रिंक्स मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाने में मदद करेंगी और फैट बर्न करने की प्रक्रिया को सपोर्ट मिलेगा।
इंटरमिटेंट फास्टिंग में किन चीजों का सेवन सीमित करें?

मैदा से बनी चीजें और बेकरी प्रोडक्ट्स
इंटरमिटेंट फास्टिंग में मैदा से बनी चीजें और बेकरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से बचना चाहिए। इनमें रिफाइंड कार्ब्स मौजूद होता है। रिफाइंड कार्ब्स जल्दी पच जाता है और फास्टिंग विंडो के दौरान भूख लग सकती है।
ज्यादा नमक और चीनी
इंटरमिटेंट फास्टिंग में नमक और चीनी की मात्रा को सीमित रखना एक अच्छा विकल्प है। जिन चीजों में शुगर ज्यादा होता है जैसे मिठाई, मीठी ड्रिंक्स वगैरह से परहेज करें। इससे वजन और ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। इसके अलावा पैकेज्ड स्नैक्स या ज्यादा नमकीन चीजों के सेवन से बचना चाहिढ। ज्यादा सोडियम से बीपी संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
दूध वाली चाय या कॉफी
इंटरमिटेंट फास्टिंग में दूध वाली चाय या कॉफी के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि दूध खुद में एक कंप्लीट पेय माना जाता है। इसके बजाय आप हर्बल टी ले सकते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद मिल सकती है।
Mayo Clinic में प्रकाशित एक लेख के मुताबिक, इंटरमिटेंट फास्टिंग में दिन के कुछ ही घंटों में खाना खाने का मतलब अक्सर नाश्ता या रात का खाना छोड़ना होता है। हालांकि, इसके लिए किसी मील को स्किप करना जरूरी नहीं है। हेल्दी और सीमित मात्रा में खाना जरूरी है। इंटरमिटेंट फास्टिंग कुछ लोगों के लिए हानिकारक भी साबित हो सकती है जैसे-
- जिन्हें ईटिंग डिसऑर्डर हो।
- जो महिलाएं गर्भवती हैं या शिशु को स्तनपान कराती हैं।
- जिनकी हड्डियां कमजोर होने और गिरने का ज्यादा खतरा होता है जैसे बुजुर्ग और गंभीर अर्थराइटिस के मरीज।
हेल्दी डाइट के साथ-साथ कम से कम 60 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। शारीरिक रूप से एक्टिव रहेंगे, तो वजन घटाने में मदद मिलेगी और सेहत अच्छी रहेगी।
निष्कर्ष:
इंटरमिटेंट फास्टिंग में फाइबर, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, हर्बल ड्रिंक्स वगैरह को शामिल कर सकते हैं। इंटरमिटेंट फास्टिंग में दूध वाली चाय, कॉफी, मैदा से बनी चीजें, बेकरी प्रोडक्ट्स, ज्यादा नमक या चीनी वाली चीजों से परहेज करना चाहिए। हेल्दी फूड्स के साथ फिजिकल एक्टिविटी को भी प्राथमिकता दें।
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FAQ
क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग में कार्ब्स खा सकते हैं?
हां, इंटरमिटेंट फास्टिंग में सिंपल कार्ब्स के बजाय कॉम्प्लेक्स कार्ब्स जैसे दलिया, ज्वार, बाजरा, रागी और साबुत अनाज जैसे बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।क्या डायबिटीज में इंटरमिटेंट फास्टिंग कर सकते हैं?
डायबिटिक मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बगैर इंटरमिटेंट फास्टिंग को शुरू नहीं करना चाहिए क्योंकि फास्टिंग और दवाओं के कारण ब्लड शुगर बहुत कम या ज्यादा हो सकता है।
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Aug 12, 2026 18:46 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha