Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

बुखार में जल्दी रिकवरी के लिए क्या खाएं और क‍िन चीजों से परहेज करें? डायटीश‍ियन से जानें

बुखार में ऐसी डाइट लेनी चाह‍िए जो हल्की हो, आसानी से पच जाए और पौष्टिक हो। डायटीश‍ियन से जानें बुखार में क‍िन चीजों का सेवन करें और क‍िनसे परहेज करें?

मानसून में बुखार एक कॉमन समस्‍या है। बुखार में लोग दवाओं का सेवन, तो कर लेते हैं, लेक‍िन दवा खाने के बाद भी र‍िकवरी में कई द‍िन लग जाते हैं। इसका एक कारण खराब डाइट भी हो सकती है। बुखार में डाइट का खास ख्‍याल रखना चाह‍िए ताक‍ि र‍िकवरी तेजी से हो। डाइट में पर्याप्‍त एनर्जी स्राेत, व‍िटाम‍िन, म‍िनरल और तरल पदार्थ शाम‍िल होने चाह‍िए। साथ ही डाइट फ्रेश और स्‍वच्‍छ होनी चाह‍िए। बुखार के दौरान दूष‍ित भोजन से पेट में इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है और र‍िकवरी की रफ्तार धीमी हो जाती है। आइए जानते हैं बुखार में क‍िन चीजों का सेवन करें और क‍िससे परहेज करें? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

Harvard Health Medical School के मुताब‍िक, बुखार में ड‍िहाइड्रेशन से बचने के ल‍िए पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करते रहना चाह‍िए। साथ ही ऐसी तरल चीजों का सेवन करें ज‍िससे शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट्स की कमी से बचाव हो क्‍योंक‍ि अक्‍सर दस्‍त या उल्‍टी के दौरान शरीर में जरूरत सॉल्‍ट और म‍िनरल की कमी हो जाती है।

बुखार में फास्‍ट फूड से परहेज करें

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बुखार में घर का बना ताजा, हल्‍का और आसानी से पचने वाला भोजन करना ज्‍यादा सेहतमंद माना जाता है। ऐसी चीजों से परहेज करें ज‍िसमें नमक, फैट और कैलोरी की मात्रा ज्‍यादा होती है और फाइबर एवं अन्‍य जरूरी पोषक तत्‍व कम होते हैं। बुखार में पाचन संवेदनशील हो सकता है इसल‍िए प‍िज्‍जा, बर्गर, फ्राइज और तले स्नैक्स को सीमित करना बेहतर है।

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ज्यादा घी या मक्खन वाली चीजों से बचें

घी और मक्‍खन से पूरी तरह परहेज करने की जरूरत नहीं है, लेक‍िन बुखार में इनसे दूरी बनानी चाह‍िए। ज्‍यादा फैट वाली चीजों का सेवन करने से मतली, दस्‍त, अपच जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। इसल‍िए भोजन में फैट की मात्रा को सीमि‍त रखें और घी या मक्‍खन वाले पराठे या अन्‍य तली हुई चीजों के सेवन से बचें।

प्रोसेस्ड मीट से दूरी बनाएं

प्राेसेस्‍ड मीट को पचाना मुश्‍क‍िल होता है क्‍योंक‍ि इसमें मसाले, नमक और फैट की मात्रा ज्‍यादा होती है। बुखार में ऐसी चीजों का सेवन करना चाह‍िए जि‍नमें पोषक तत्‍वों की भरपूर मात्रा हो। नॉन-वेज खाते हैं, तो ताजा और अच्‍छी तरह से पका हुआ मीट या च‍िकन खा सकते हैं।

मिठाई

बुखार में मीठी चीजें या म‍िठाई खाने पर कोई रोक नहीं है, लेक‍िन ज्‍यादा चीनी वाली चीजों को खाने से पाचन खराब हो सकता है। बुखार के दौरान केक, पेस्‍ट्री, हलवा या अन्‍य मीठी चीजों का सेवन करने से बचें। ज्‍यादा मीठी चीजों के सेवन से पाचन पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा ज्‍यादा नमकीन चीजों के सेवन से भी बचना चाह‍िए, खासकर पैक्‍ड स्‍नैक्‍स क्‍योंक‍ि उनमें नमक की मात्रा ज्‍यादा होती है।

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बुखार में क्‍या खाएं?

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1. ताजा सब्‍ज‍ियों का सूप

बुखार में अच्‍छी तरह से पकी हुई सब्‍ज‍ियों से बने सूप का सेवन कर सकते हैं। इससे शरीर को बुखार के दौरान प्रोटीन म‍िलेगा। सूप में नमक और मसाले की मात्रा सीमि‍त रखें। इससे शरीर को हाइड्रेशन और पोषण दोनों म‍िलेगा। सब्‍ज‍ियों के अलावा दाल का सूप भी ले सकते हैं। मानसून में स्‍वीट कॉर्न सूप का सेवन भी कर सकते हैं।

2. सादे चावल और दाल

बुखार में सादे चावल और दाल का सेवन कर सकते हैं। दाल चावल खाने से शरीर को एनर्जी म‍िलेगी और दाल से शरीर में प्रोटीन की कमी दूर होगी। बुखार के दौरान दाल को हल्‍के मसालों के साथ म‍िलाकर बनाया जा सकता है।

3. दलिया

बुखार में शरीर को एनर्जी देने का एक और बेहतरीन व‍िकल्‍प है दल‍िया। इसे दूध या पानी में बनाकर खा सकते हैं। इसका सेवन करने से जल्‍दी भूख नहीं लगती और पेट में भारीपन महसूस नहीं होता। दल‍िया में सब्‍ज‍ियों को म‍िलाकर पोषक को बढ़ाने सकते हैं। हालांक‍ि, मानसून में केवल ताजी और सीजनल सब्‍ज‍ियों का सेवन करें, हरी पत्तेदार सब्जियों के इस्‍तेमाल से बचें।

4. उबला अंडा

बुखार में उबला हुआ अंडा खा सकते हैं। यह प्रोटीन का स्रोत है और शरीर को एनर्जी देता है। अंडे का सेवन खाकर शरीर को गर्माहट म‍िलती है ज‍िससे बॉडी जल्‍दी हील होती है। ध्‍यान रखें क‍ि मानसून सीजन में अंडे को अच्‍छी तरह से पकाकर ही खाएं।

5. खिचड़ी

बुखार में ख‍िचड़ी का सेवन भी कर सकते हैं। इसमें कार्ब्स और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। ख‍िचड़ी पेट के ल‍िए हल्‍का भोजन है जो आसानी से पच जाता है और शरीर को ताकत देता है।

6. हल्की पकी सब्जियां

बुखार में लौकी, कद्दू, तोरई और अन्‍य सब्‍ज‍ियों को हल्‍के मसाले में पकाकर खा सकते हैं। इससे शरीर को व‍िटाम‍िन और फाइबर म‍िलेगा। कच्‍ची सब्‍ज‍ियों को खाने के बजाय नरम पकी हुई सब्‍ज‍ियों को खाना ज्‍यादा हेल्‍दी व‍िकल्‍प है।

न‍िष्‍कर्ष:

बुखार में ताजा सब्‍ज‍ियों का सूप, मूंग दाल की ख‍िचड़ी, दल‍िया, उबला अंडा, सादे चावल के साथ दाल और हल्‍की पकी हुई सब्‍ज‍ियों का सेवन कर सकते हैं। बुखार में म‍िठाई, प्रोसेस्‍ड मीट, ज्‍यादा घी या बटर, फास्‍ट फूड वगैरह से परहेज करना चाह‍िए।

image source: magnific

FAQ

  • क्या बुखार में चाय-कॉफी पी सकते हैं?

    चाय-कॉफी में कैफीन होता है, बुखार में इसे ज्‍यादा लेने से पाचन खराब हो सकता है और ड‍िहाइड्रेशन की समस्‍या हो सकती है। ग्रीन टी या ब्‍लैक टी ले सकते हैं। दूध वाली चाय से परहेज करें। 
  • क्या बुखार में नींबू पानी पी सकते हैं?

    हां, ले सकते हैं, लेक‍िन अगर बुखार के साथ गले में खराश है, तो नींबू पानी लेने से बचें। ज‍िन लोगों को नींबू से एस‍िड‍िटी होती है उन्‍हें नींबू का सेवन नहीं करना चाह‍िए।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 26, 2026 18:39 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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