बुखार के साथ पूरे शरीर में दर्द, मसल्स में खिंचाव और कमजोरी महसूस होना एक आम समस्या है। कई बार वायरल इंफेक्शन या फ्लू के दौरान शरीर का इम्यून सिस्टम इंफेक्शन से लड़ता है, जिसकी वजह से बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं लेकिन हर बार बुखार और शरीर दर्द को सामान्य वायरल फीवर समझना सही नहीं होता। मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट, नोएडा के इंटरनल मेडिसिन और मेटाबोलिक डिसऑर्डर विभाग के डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, हर बार बुखार और बदन दर्द को हल्के में लेना सही नहीं है। मौसम बदलने, वायरल इंफेक्शन, फ्लू, डेंगू या अन्य इंफेक्शन के कारण भी शरीर में दर्द और बुखार हो सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि घर पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए और किन लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी हो जाता है।
बुखार के साथ शरीर में दर्द हो तो क्या करें?
डॉ. अक्षय चुघ बताते हैं, ''जब शरीर में किसी तरह का इंफेक्शन होता है तो इम्यून सिस्टम उससे लड़ने के लिए कई तरह के रसायन रिलीज करता है। इस प्रोसेस के दौरान शरीर में सूजन और मसल्स में दर्द महसूस हो सकता है। वायरल इंफेक्शन में बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, थकान, ठंड लगना और भूख कम लगना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।''
- ऐसी स्थिति में शरीर को पर्याप्त आराम देना जरूरी है। बुखार के दौरान शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य लिक्विड लेते रहें।
- अगर भूख कम है तो हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लिया जा सकता है।
- बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत या एक्सरसाइज करने से बचें। कमरे का तापमान आरामदायक रखें और पर्याप्त नींद लें।
- बुखार की दवा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें, खासकर तब जब बुखार लगातार बना हुआ हो या इसके साथ दूसरे लक्षण भी मौजूद हों।
- बुखार और शरीर में तेज दर्द डेंगू समेत कई वायरल इंफेक्शन में दिखाई दे सकता है।
- डेंगू में तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मसल्स और जोड़ों में दर्द, मतली या स्किन पर दाने जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- अगर बुखार के साथ तेज बदन दर्द हो और आस-पास डेंगू के मामले भी बढ़ रहे हों, तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसे सामान्य वायरल फीवर मानकर इलाज नहीं करना चाहिए।
साल 2012 में Infection and Drug Resistance में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, डेंगू के खतरे की चपेट में दुनिया की लगभग 2.5 अरब आबादी है। पिछले 50 वर्षों में इसके मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हालांकि यह बीमारी कम समय तक रहती है और आमतौर पर इसके कोई लंबे समय तक नुकसान नहीं होते, लेकिन गंभीर इंफेक्शन जानलेवा साबित हो सकता है।
इस बीमारी के गंभीर रूप लेने के पीछे मुख्य कारण वायरस और शरीर के इम्यून सिस्टम का ज्यादा रिएक्शन है। वर्तमान में डेंगू का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसका एकमात्र समाधान सही समय पर देखभाल, फ्लूइड मैनेजमेंट और मरीज की लगातार निगरानी करना है।
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बुखार में किन बातों का ध्यान रखें?
- डॉ. अक्षय चुघ के अनुसार, बुखार के दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन करने के बजाय हल्का भोजन लेना बेहतर हो सकता है।
- शराब और अन्य धूम्रपान से पूरी तरह बचें और बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न लें।
- दवा लेते समय उसकी सही खुराक और अंतर का ध्यान रखना भी जरूरी है।
किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
डॉ. अक्षय चुघ सलाह देते हैं कि अगर बुखार लगातार बढ़ रहा है, कई दिनों तक बना हुआ है या शरीर का दर्द बहुत ज्यादा है, तो डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, बेहोशी या बहुत ज्यादा कमजोरी, तेज सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, कंफ्यूजन की स्थिति, शरीर पर असामान्य निशान या ब्लीडिंग जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में बुखार को लेकर खास सावधानी बरतना जरूरी है।
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निष्कर्ष
बुखार के साथ शरीर में दर्द अक्सर इंफेक्शन के कारण हो सकता है और आराम, पर्याप्त लिक्विड तथा सही देखभाल से कई मामलों में राहत मिल सकती है लेकिन केवल लक्षण देखकर खुद बीमारी तय करना सही नहीं है। खासकर तेज या लगातार बुखार, बहुत ज्यादा बदन दर्द या अन्य गंभीर लक्षण होने पर समय पर जांच और इलाज कराना जरूरी है।
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FAQ
बुखार में ठंडे पानी से नहाना चाहिए या गर्म पानी से?
बुखार के दौरान बहुत ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए। नहाने को लेकर व्यक्ति की स्थिति और बुखार के अनुसार डॉक्टर की सलाह ली जा सकती है।बुखार में शरीर दर्द कितने दिन तक रह सकता है?
सामान्य वायरल इंफेक्शन में लक्षण कुछ दिनों में कम हो सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक बुखार या लगातार बढ़ता दर्द होने पर डॉक्टर से जांच जरूरी हो सकती है।क्या बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक ले सकते हैं?
बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक नहीं लेनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेने से शरीर पर गलत असर हो सकता है और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का जोखिम बढ़ सकता है।
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Sep 07, 2026 18:57 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh