बारिश के मौसम में एक तरह मच्छरों की भरपार हो रही है, तो दूसरी तरफ दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू का रिस्क बढ़ता जा रहा है। मौसम में बदलाव के कारण लोगों को वायरल फीवर भी आ रहा है। ऐसे में बुखार तीनों ही बीमारियों में हो सकता है और इस वजह से लोगों को समझ ही नहीं आता कि उन्हें कौन-सी बीमारी हुई है। इसलिए स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया के लक्षणों में अंतर जानने के लिए हमने Dr. Vineeta Singh Tandon, Senior Consultant, Internal Medicine, ISIC Hospital, Delhi से बात की।
उन्होंने बताया कि इन तीनों ही बीमारियों की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सिर्फ लक्षण देखकर घर पर यह तय करना आसान नहीं होता कि बुखार किस वजह से हो रहा है। इसलिए लगातार या तेज बुखार होने पर सही जांच कराना जरूरी है।
स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया में अंतर
Dr. Vineeta Singh Tandon ने स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया के लक्षणों और पुष्टि करने के तरीके में ये अंतर सुझाए हैं।
बीमारी |
प्रमुख लक्षण |
गंभीर लक्षण |
पुष्टि का तरीका |
स्वाइन फ्लू |
बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द और शरीर में दर्द |
सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, निमोनिया |
स्वाब टेस्ट |
डेंगू |
तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द, मतली, स्किन पर रैशेज |
मसूड़ों या नाक से ब्लीडिंग, पेट दर्द, लगातार उल्टी, प्लेटलेट्स में भारी गिरावट |
ब्लड टेस्ट |
मलेरिया |
तेज बुखार के साथ तेज कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द, उल्टी |
एनेमिया, पीलिया, बेहोशी, दिमागी बुखार |
ब्लड स्मीयर टेस्ट, रैपिड एंटीजन टेस्ट |
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स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या है?
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “H1N1 इंफ्लुएंजा वायरस का एक प्रकार है, जिसे आम बोलचाल की भाषा में स्वाइन फ्लू कहा जाता है। आजकल दिल्ली-एनसीआर में इसके काफी मामले सामने आ रहे हैं। दरअसल, इसके लक्षण अचानक शुरू हो सकते हैं।”
Mayo Clinic और Dr. Vineeta Singh Tandon के अनुसार, स्वाइन फ्लू के लक्षणों में बुखार के साथ इन संकेतों पर गौर करना चाहिए।
- मांसपेशियों में दर्द
- कंपकंपी के साथ पसीने आना
- खांसी
- गले में खराश
- नाक बहना या बंद हो जाना
- आंखों से पानी बहना
- आंखें लाल होना और उनमें दर्द होना
- सिरदर्द
- दस्त लगना
डेंगू के लक्षण क्या है?
Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है कि डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षण आमतौर पर मच्छर काटने के 4 से 10 दिन बाद दिखाई दे सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि डेंगू में बुखार कम होने का मतलब यह कतई नहीं होता कि मरीज पूरी तरह से ठीक हो गया है। कुछ मामलों में गंभीर डेंगू के संकेत बुखार उतरने के आसपास दिखाई दे सकते हैं। इसलिए इसके लक्षणों पर नजर रखना बहुत जरूरी है।
- तेज बुखार जो करीब 104°F तक पहुंच सकता है
- तेज सिरदर्द
- आंखों के पीछे दर्द
- मतली
- उल्टी होना
- ग्लैंड में सूजन
- स्किन पर रैशेज
- गंभीर मामलों में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
- पेट में तेज दर्द
- तेज सांस चलना
- लगातार उल्टी होना
- उल्टी या मल में खून आना
- बहुत ज्यादा प्यास लगना

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मलेरिया के लक्षण क्या है?
Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि मलेरिया डेंगू से अलग है। यह वायरस से नहीं, बल्कि प्लासमोडियम परजीवी से होती है। यह संक्रमित मादा एनोफिलिस मच्छर के काटने से फैलती है। हालांकि, डेंगू और मलेरिया के शुरुआती लक्षण काफी हद तक एक जैसे होते हैं, इसलिए लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराना महत्वपूर्ण है। मलेरिया में एक पैटर्न कई मरीजों पर दिखाई देता है। इसमें सबसे पहले मरीज को कंपकंपाहट के साथ तेज ठंड लगती है। फिर तेज बुखार चढ़ता है और बाद में तेज पसीना आने के बाद शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है।
Mayo Clinic और Dr. Vineeta Singh Tandon ने मलेरिया के लक्षणों की पहचान के ये तरीके बताए हैं।
- बुखार
- कंपकंपी लगना
- सिरदर्द
- मतली और उल्टी होना
- दस्त होना
- पेट दर्द
- मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द
- बहुत ज्यादा थकान
- तेज सांस चलना
- हार्ट बीट तेज होना
- खांसी
बीमारी का कैसे पता चल सकता है?
Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “सबसे जरूरी है कि बुखार आने पर खुद से एंटीबायोटिक न लें। स्वाइन फ्लू वायरस के कारण होता है और डेंगू भी वायरल बीमारी है, इसलिए एंटीबायोटिक इन वायरस को खत्म नहीं करती, बल्कि इससे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। स्वाइन फ्लू, डेंगू या मलेरिया की पुष्टि टेस्ट से ही होती है। इसलिए बीमारी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर को दिखाएं और वह लक्षणों के आधार पर टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।”
स्वाइन फ्लू, मलेरिया और डेंगू से कैसे बचें?
Dr. Vineeta Singh Tandon ने कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है।
- स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए हाथों की सफाई, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना जरूरी है।
- स्वाइन फ्लू में बीमार व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें।
- फ्लू का वैक्सीन लगवाएं।
- डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए मच्छरों को आसपास न पनपे दें।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छर भगाने के उपाय इस्तेमाल करने चाहिए।
- सोने के बिस्तर पर मच्छरदानी लगा सकते हैं।
निष्कर्ष
Dr. Vineeta Singh Tandon सलाह देती है कि किसी भी बुखार को डेंगू, मलेरिया या स्वाइन फ्लू न मान लें। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लें और खुद से किसी भी तरह की एंटीबायोटिक दवाएं न लें। कुछ लोग डेंगू और मलेरिया को ठीक करने के लिए घरेलू उपाय अपनाने लगते हैं। इसके बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर सही जांच कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या स्वाइन फ्लू और डेंगू में शरीर का दर्द एक जैसा होता है?
दोनों में शरीर में दर्द हो सकता है। डेंगू में मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द काफी तेज हो सकता है, जबकि इंफ्लुएंजा में शरीर दर्द के साथ खांसी, गले में खराश और थकान आम हैं।डेंगू और मलेरिया में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
डेंगू में आंखों के पीछे दर्द, तेज बदन दर्द और रैश जैसे लक्षण हो सकते हैं। मलेरिया में बुखार, सिरदर्द और कंपकंपी प्रमुख शुरुआती लक्षण हैं, लेकिन पुष्टि जांच से ही होती है।क्या स्वाइन फ्लू में भी तेज बुखार हो सकता है?
इंफ्लुएंजा में अचानक बुखार आ सकता है और इसके साथ खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।
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Aug 13, 2026 19:43 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon