Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

क्या एक्जिमा एक से दूसरे में फैलता है? जानें इस त्वचा रोग से जुड़े मिथक और सच्चाई

एक्जिमा एक से दूसरे व्यक्ति को नहीं फैलता है। इसलिए, अगर किसी को एक्जिमा हो गया है, तो वे परेशान न हों। हालांकि, इसका सही ट्रीटमेंट किया जाना जरूरी है। इस संबंध में हम दे रहे हैं कुछ जरूरी इंफॉर्मेशन।

त्वचा पर लाल चकत्ते, सूखापन, खुजली और जलन दिखे तो कई बार लोग उससे दूरी बनाने लगते हैं। खासकर एक्जिमा को लेकर यह गलतफहमी आम है कि यह किसी दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। यही डर कई मरीजों को परेशान करता है और उन्हें अपने दोस्तों-परिचितों से दूर कर देता है। क्या आप जानते हैं कि एक्जिमा एक से दूसरे व्यक्ति को नहीं फैलता है? जी, हां! यह सच है। आइए, राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से जानते हैं एक्जिमा से जुड़े इस मिथ की सच्चाई और कुछ अन्य जानकारियां।

क्या एक्जिमा एक से दूसरे व्यक्ति तक फैल सकता है?

Is eczema contagious  1 (13)

डॉ. करुणा मल्होत्रा के मुताबिक' "एक्जिमा एक ऐसी त्वचा संबंधी स्थिति है जो व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण की तरह नहीं फैलती। वास्तव में, यह एक्जिमा से जुड़ी सबसे आम गलतफहमियों में से एक है। अगर किसी को एक्जिमा है, तो उसे छूने, साथ बैठने या साथ में खाना खाने तथा संपर्क में रहने से एक्जिमा नहीं फैलता है।"

StatPearls में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एक्जिमा, जिसे एटॉपिक डर्मेटाइटिस (Atopic dermatitis) भी कहा जाता है, अनुवांशिक बीमारी हो सकती है, लेकिन एक से दूसरे व्यक्ति को नहीं फैलती है। विशेषज्ञ बताते हैं एक्जिमा से जूझ रहे लोग पूरी तरह नॉर्मल जीवन जी सकते हैं। उन्हें दूसरों से अलग-थलग रहने की जरूरत नहीं है। वे किसी के साथ भी हाथ मिला सकते हैं। हां, कई बार एक्जिमा के लक्षण इतने ज्यादा बढ़ जाते हैं कि मरीज की रोजमर्रा की जिंदगी तक प्रभावित हो जाती है। ऐसे में उन्हें बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क कर अपना इलाज करवाना चाहिए और इसे अपने घर में मैनेज करने की कोशिश करनी चाहिए।

एक्जिमा से जुड़े अन्य मिथ-सच्चाई

क्रम मिथक सच्चाई
1. एक्जिमा सिर्फ खराब त्वचा की सफाई के कारण होता है? एक्जिमा को गंदगी या खराब हाइजीन से जोड़ना सही नहीं है। यह त्वचा के प्रोटेक्टिव लेयर, प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और व्यक्ति की संवेदनशीलता से जुड़ी जटिल स्थिति हो सकती है।
2. एक्जिमा सिर्फ बच्चों को होता है वैसे एक्जिमा बच्चों में होना आम बात है। हालांकि, कई लोगों में इसके लक्षण उम्र बढ़ने के साथ कम हो सकते हैं, जबकि कुछ वयस्कों में यह लंबे समय तक बना रह सकता है या दोबारा उभर सकता है।
3. एक्जिमा का मतलब हमेशा एलर्जी है हर एक्जिमा एलर्जी की वजह से नहीं होता। एक्जिमा के अलग-अलग प्रकार हो सकते हैं और इनके पीछे अलग-अलग कारण या ट्रिगर हो सकते हैं। किसी व्यक्ति में त्वचा का बैरियर कमजोर होना प्रमुख भूमिका निभा सकता है, जबकि किसी दूसरे में कोई खास पदार्थ या पर्यावरणीय कारक लक्षणों को भड़का सकता है।
4. एक्जिमा हो तो मॉइस्चराइजर नहीं लगाना चाहिए इसके उलट, त्वचा को पर्याप्त नमी देना एक्जिमा मैनेजमेंट का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। हालांकि, हर मॉइस्चराइजर हर व्यक्ति की त्वचा के लिए उपयुक्त नहीं होता। बहुत ज्यादा खुशबू या ऐसे घटक जिनसे व्यक्ति की त्वचा संवेदनशील हो, परेशानी बढ़ा सकते हैं।

एक्जिमा त्वचा को कैसे प्रभावित करता है?

एक्जिमा त्वचा की सबसे बाहरी परत यानी स्किन बैरियर को कमजोर कर देती है। इसकी वजह से हमारी सुरक्षात्मक लेयर कमजोर हो जाती है, जिससे स्किन अपनी नमी खोने लगती है। नतीजतन त्वचा पर खुजली होने लगती है। कई बार मरीज के लिए खुजली को रोकना मुश्किल होता है। लगातार खुजली करने या त्वचा के खुद-ब-खुद फटने से छोटे-छोटे घाव बन जाते हैं, जिससे कीटाणुओं को शरीर के अंदर घुसने का आसान रास्ता मिल जाता है।

डाॅ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "एक्जिमा में लगातार खुजली करने के कारण त्वचा पर प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला स्टैफिलोकोकस ऑरियस नाम का बैक्टीरिया इन दरारों के जरिए आसानी से संक्रमण फैलाता है। इसके अलावा हर्पीज जैसे वायरस, अन्य बैक्टीरिया (जैसे इमपेटिगो या सेलुलाइटिस), और फंगस (कैंडिडा) भी एक्जिमा से प्रभावित त्वचा को आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं।"

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि त्वचा पर लगातार खुजली, लालिमा, सूखापन या चकत्ते बने हुए हैं, बार-बार लौट रहे हैं, फैल रहे हैं या त्वचा से रिसाव, दर्द अथवा संक्रमण जैसे संकेत दिखाई दे रहे हैं, तो खुद से इलाज करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। हर खुजली या लाल चकत्ता एक्जिमा नहीं होता है। फंगल इंफेक्शन और दूसरी त्वचा संबंधी समस्याएं भी एक जैसी नर आ सकती हैं।

इस बारे में डॉ. करुणा मल्होत्रा का कहना है, "एक्जिमा को लेकर सबसे जरूरी बात यह समझना है कि यह संक्रामक नहीं है। मरीज को छूने या उसके साथ रहने से बीमारी नहीं फैलती। सही जानकारी न सिर्फ बीमारी को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करती है, बल्कि मरीज के प्रति अनावश्यक डर और सामाजिक दूरी को भी कम करती है।"

निष्कर्ष

एक्जिमा जैसी समस्या को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। अगर त्वचा पर सूखी पपड़ी बन रही है और खुजली तेज हो रही है, तो यह सही स्थिति नहीं है। ऐसे में बेहतर है कि आप डॉक्टर से मिलें और अपना इलाज करवाएं। हां, यह ध्यान रखें कि कई त्वचा संबंधी समस्याओं के लक्षण एक जैसे होते हैं। इसलिए, स्किन में एक्जिमा जैसे लक्षण नजर आएं, तो भी डॉक्टर के पास जाएं और जरूरी टेस्ट करवाएं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या एक्जिमा के मरीजों को नहाने के लिए साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए?

    नहीं, एक्जिमा के मरींजों को माइल्ड सोप का ही इस्तेमाल करना चाहिए। हार्ष साबुन से नहाने पर त्वचा की स्थिति बिगड़ सकती है।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 13, 2026 18:52 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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