Fri Sep 11, 2026 | 06:50 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar Prabhu , Consultant – Dermatology, Venereology & Aesthetic Medicine

ड्राई स्किन और एक्जिमा, दोनों एक-दूसरे से अलग कैसे हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें अंतर

ड्राई स्किन और एक्जिमा दोनों स्किन से जुड़ी समस्याएं हैं, लेकिन इनके कारण, लक्षण और इलाज अलग-अलग होते हैं। जहां ड्राई स्किन नमी की कमी से होती है, वहीं एक्जिमा एक पुरानी सूजन संबंधी स्थिति है, जिसके लिए डॉक्टरी सलाह जरूरी है।

कई लोगों को त्वचा में खुजली, स्किन ड्राई होने और परत निकलने जैसी समस्याएं होती हैं। मौसम में बदलाव, अधिक गर्म पानी में नहाने और त्वचा की सही देखभाल न करने जैसे कई कारणों से ये समस्याएं होती हैं। वहीं, इसी तरह के लक्षण स्किन से जुड़ी किसी मेडिकल कंडीशन के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में सिर्फ स्किन की ड्राइनेस या खुजली को देखकर ये नहीं कहा जा सकता है कि यह ड्राई स्किन की समस्या है या एक्जिमा जैसी स्किन कंडीशन। ऐसे में इनके अंतर को समझना जरूरी है। ऐसे में आइए Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bangalore से जानें इनके अंतर के बारे में।

ड्राई स्किन और एक्जिमा में अंतर

डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, ड्राई स्किन और एक्जिमा दोनों समस्याओं में स्किन ड्राई और परतदार दिखाई दे सकती है। इन स्थिति में कई परेशानियां एक जैसी दिखती हैं, लेकिन कुछ लक्षण इन दोनों में अंतर समझने में मदद कर सकते हैं।

  ड्राई स्किन (xerosis) एक्जिमा (त्वचा की सूजन की समस्या)
कारण त्वचा में नमी (Moisture) और नेचुरल ऑयल की नेचुरल कमी होना। त्वचा का स्किन बैरियर कमजोर होना और अंदरूनी सूजन (Inflammation) होना।
खुजली त्वचा में हल्की या मध्यम स्तर की खुजली महसूस होती है। अक्सर बहुत तेज और परेशान करने वाली गंभीर खुजली होती है।
रेडनेस त्वचा में लालिमा या रेडनेस हमेशा नहीं होती है। त्वचा पर साफ लाल और सूजे हुए पैच दिखाई देते हैं।
त्वचा की बनावट त्वचा रूखी, खुरदरी या हल्की परतदार नजर आती है। त्वचा सूखी, लाल, सूजी हुई और कई बार पपड़ीदार या फटी हुई दिखती है।
लिक्विड निकलना त्वचा से किसी तरह लिक्विड नहीं निकलता है। गंभीर मामलों में फफोले फूटने से लिक्विड या पानी जैसा रिसाव हो सकता है।
देखभाल और सुधार अच्छे मॉइस्चराइजर और क्रीम के इस्तेमाल से अक्सर जल्दी सुधार हो जाता है। सिर्फ मॉइस्चराइजर काफी नहीं होता, नियमित देखभाल के साथ डॉक्टरी इलाज की जरूरत पड़ती है।
समस्या की अवधि यह आमतौर पर एक अस्थायी (Temporary) समस्या है जो मौसम बदलने पर ठीक हो जाती है। यह लंबे समय तक बनी रहने वाली और बार-बार दोबारा उभरने (Chronic) वाली समस्या है।

ड्राई स्किन क्या है?

डॉ. सुनील कुमार बताते हैं, ड्राई स्किन को मेडिकल भाषा में जेरोसिस (Xerosis) कहा जाता है। इसमें स्थिति में त्वचा में पर्याप्त नमी और नेचुरल ऑयल की कमी हो जाती है। इसके कारण त्वचा खिंची हुई, खुरदरी या परतदार महसूस हो सकती है।

ठंडा मौसम, हवा में कम नमी, बार-बार गर्म पानी से नहाना और तेज या हार्ड साबुन का इस्तेमाल स्किन की ड्राइनेस को बढ़ा सकता है। उम्र बढ़ने के साथ भी स्किन में नेचुरल ऑयल कम हो सकते हैं, जिससे स्किन की ड्राइनेस ज्यादा महसूस हो सकता है। इससे राहत के लिए नियमित मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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एक्जिमा क्या होता है?

डॉ. सुनील कुमार के अनुसार, एक्जिमा, जिसे एटॉपिक डर्मेटाइटिस (Atopic Dermatitis) भी कहा जाता है, त्वचा की एक लंबे समय तक रहने वाली सूजन संबंधी समस्या है। इसमें स्किन की नेचुरल प्रोटेक्टिव बैरियर कमजोर हो सकती है। इसके अलावा, यह समस्या जेनेटिक, एलर्जी और शरीर की इम्यून सिस्टम से जुड़ी हो सकती है।

StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, एक्जिमा की समस्या जेनेटिक फैक्टर्स, स्किन बैरियर को नुकसान होने, इम्यून सिस्टम के कमजोर होने और पर्यावरण फैक्टर्स के कारण हो सकती है।

एक्जिमा की समस्या होने पर व्यक्ति को खुजली, रेडनेस, सूजन वाले पैच, पपड़ी जमने और लिक्विड निरकलने की समस्या हो सकती है। खुजली करने से एक्जिमा और बिगड़ सकता है, जिससे स्किन में इंफेक्शन और बीमारी के अचानक से बढ़ने (फ्लेयर-अप) का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से एक्जिमा में त्वचा की नियमित देखभाल के साथ डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी होता है।

एक्जिमा में किन बातों का ध्यान रखें?

डॉ. सुनील कुमार के अनुसार, एक्जिमा में खुजली के कारण बार-बार खुजलाने की इच्छा हो सकती है, लेकिन लगातार खुजलाने से स्किन बैरियर को नुकसान पहुंच सकता है और समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में इससे जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

  • त्वचा को साफ रखने के लिए बहुत तेज साबुन या अधिक गर्म पानी से बचना बेहतर होता है।
  • नियमित रूप से सही मॉइस्चराइजर लगाना स्किन की नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है।
  • त्वचा में बार-बार सूजन, तेज खुजली, रिसाव, पपड़ी या लगातार बढ़ती समस्या दिखाई दे, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

डॉक्टर इसके लक्षणों को देखकर यह तय कर सकते हैं कि समस्या किस टाइप की है और किस इलाज की जरूरत है।

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कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

डॉ. सुनील कुमार के अनुसार, अगर स्किन की देखभाल के बाद भी स्किन में रूखापन लगातार बना रहे, खुजली बहुत ज्यादा हो, त्वचा में बार-बार सूजन आए या प्रभावित हिस्सा फैलता जाए, तो इसे सिर्फ आम ड्राई स्किन मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

त्वचा में घाव, रिसाव, अधिक दर्द या संक्रमण जैसे बदलाव दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर जांच कराने से समस्या के कारण समझने और सही इलाज शुरू करने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष

ड्राई स्किन और एक्जिमा देखने में कुछ हद तक एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग समस्या हैं। स्किन में नमी की कमी के कारण ड्राई स्किन की समस्या होती है, जबकि एक्जिमा स्किन की सूजन और कमजोर स्किन बैरियर से जुड़ी स्थिति है। हल्का रूखापन अक्सर नियमित मॉइस्चराइजिंग से कम किया जा सकता है, जबकि एक्जिमा में बार-बार होने वाली खुजली, रेडनेस और सूजन के कारण डॉक्टर की सलाह की जरूरत पड़ सकती है।

शुरुआत में ही सही पहचान होने से स्किन ड्राइनेस और एक्जिमा के बीच अंतर समझा जा सकता है और सही इलाज सुनिश्चित किया जा सकता है, जिससे बीमारी को बार-बार बढ़ने से रोका जा सकता है और स्किन को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखा जा सकता है। ध्यान रहे कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • एक्जिमा की शुरुआत कैसे होती है?

    एक्जिमा की समस्या होने पर लोगों को त्वचा में अधिक सूखापन होने, तेज खुजली होने, हल्के लाल रैशेज होने, त्वचा के बेजान होने, त्वचा के मोटे होने और सूजन आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
  • ड्राई स्किन की पहचान कैसे करें?

    ड्राई स्किन की समस्या होने पर व्यक्ति को त्वचा में खिंचाव, खुजली, खुरदुरापन महसूस और जलन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 13, 2026 14:48 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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