Thu Oct 8, 2026 | 07:35 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar Prabhu , Consultant – Dermatology, Venereology & Aesthetic Medicine

मौसम बदलते ही स्किन ड्राई क्यों होने लगती है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

मौसम बदलने पर ठंडी हवा, कम नमी और गलत स्किनकेयर की आदतें स्किन के ड्राई होने के कारण हैं, साथ ही इससे बचने के लिए कुछ अच्छी आदतों को भी अपनाया जा सकता है।
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मौसम में बदलाव होने पर कई लोगों की त्वचा पर भी इसका असर दिखने लगता है। इसके कारण कई बार लोगों को त्वचा में खिंचाव महसूस होने, स्किन में ड्राईनेस, खुजली और परत निकलने जैसी त्वचा से जुड़ी परेशानियां महसूस हो सकती हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि मौसम बदलने पर स्किन ड्राई क्यों होने लगती है, स्किन पर बुरा असर क्यों होता है और इससे बचने के लिए स्किनकेयर कैसे करें? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

मौसम बदलने पर स्किन ड्राई क्यों होती है?

डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, मौसम में बदलाव त्वचा में नमी बनाए रखने की क्षमता पर असर डाल सकते हैं। जब हवा ठंडी, ड्राई या कम नमी वाली होती है, तो स्किन की सबसे बाहरी लेयर से पानी आसानी से निकल सकता है। इस प्रक्रिया को ट्रांस-एपिडर्मल वॉटर लॉस (transepidermal water loss) कहते हैं। ऐसे में त्वचा में नमी की कमी के कारण स्किन खिंची-खिंची, खुरदरी, पपड़ीदार या उसमें खुजली महसूस हो सकती है।

डॉ. सुनील कुमार आगे बताते हैं, स्किन में एक प्रोटेक्टिव लेयर (बैरियर) होती है, जो लिपिड, नेचुरल मॉइस्चराइजिंग तत्वों और स्किन के सेल्स से बनी होती है। यह स्किन बैरियर पानी को त्वचा में बनाए रखने और बाहरी नुकसान पहुंचाने वाली चीजों से त्वचा का बचाव करने में मदद करती है। पर्यावरण में अचानक बदलाव इस बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं।

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साल 2016 में Journal of the European Academy of Dermatology and Venereology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, कम नमी, कम तापमान और अलग-अलग मौसम हमारी त्वचा के स्किन बैरियर (skin barrier) और डर्मेटाइटिस (त्वचा की सूजन) के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, स्किन बैरियर के कमजोर होने पर स्किन बाहरी दबावों या चोट के प्रति जल्दी सेंसिटिव हो जाती है। ठंडे मौसम में स्किन के ड्राई होने और खुजली होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, पहले से मौजूद बीमारी जैसे एक्जिमा इसके कारण और बढ़ सकती है।

ठंडी और शुष्क हवा का असर 

ठंडी या सूखी हवा त्वचा की नमी कम कर सकती है, जबकि तेज हवाओं के संपर्क में आने से स्किन की ड्राईनेस और बढ़ सकती है। जिसके कारण लोगों को त्वचा में खिंचाव महसूस होने के साथ-साथ खुजली जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं, खासकर अगर किसी की स्किन पहले से सेंसिटिव है।

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घर के अंदर के वातावरण का प्रभाव

ड्राई स्किन की समस्या घर के अंदर के वातावरण के कारण भी हो सकती है। घर के अंदर एयर कंडीशनिंग और हीटिंग सिस्टम नमी कम कर सकते हैं, जिससे पहले से ड्राई स्किन और भी खिंची-खिंची महसूस हो सकती है। इसके अलावा, गर्म पानी से नहाने से भी त्वचा का रूखापन बढ़ सकता है, क्योंकि बहुत गर्म पानी स्किन के कुछ नेचुरल ऑयल्स को हटा सकता है।

मौसम बदलने पर किन लोगों को हो सकती है ज्यादा परेशानी?

डॉ. सुनील बताते हैं, मौसम बदलने पर कुछ लोगों को ड्राई स्किन होने की समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। कई बार ये पहले से मौजूद स्किन की समस्याओं या कुछ आदतों के कारण हो सकता है। जैसे -

  • जिन लोगों की स्किन पहले से सेंसिटिव है।
  • जिनका स्किन बैरियर (प्रोटैक्टिव लेयर) पहले से कमजोर है, उन्हें मौसम में बदलाव का असर ज्यादा महसूस हो सकता है।
  • एक्जिमा जैसी स्किन कंडीशन वाले लोगों में भी ड्राई स्किन और खुजली जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  • बार-बार चेहरा या शरीर धोना।
  • हार्ड केमिकल वाले साबुन का इस्तेमाल करना।
  • जरूरत से ज्यादा स्क्रब या हार्ड केमिकल वाले एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट्स और अल्कोहल वाले कुछ प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से स्किन ज्यादा ड्राई हो सकती है और इससे स्किन में जलन भी बढ़ सकती है।

ऐसे में इन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतते हुए मौसम बदलने पर त्वचा का खास ध्यान रखना चाहिए, जिससे स्किन को हेल्दी रखने में मदद मिल सके।

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त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए क्या करें?

डॉ. सुनील कहते हैं, मौसम से जुड़े रूखेपन को कम करने या इससे बचने का सबसे आसान तरीका स्किन की प्रोटेक्टिव लेयर को प्रोटेक्ट करना और उसे ठीक करना है। इसके लिए स्किनकेयर की अच्छी आदतों को अपनाना जरूरी है। जैसे-

  • नहाने के तुरंत बाद, जब स्किन में थोड़ी नमी हो, तब मॉइस्चराइजर लगाएं।
  • हार्ड केमिकल वाले साबुन के बजाय हल्के और बिना खुशबू वाले क्लींजर का इस्तेमाल करें।
  • बहुत गर्म पानी से न नहाएं।
  • नहाने के बाद त्वचा को जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से सुखाएं।
  • नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लगाएं।
  • सेरामाइड, ग्लिसरीन, हायलूरोनिक एसिड या पेट्रोलाटम जैसे कंपाउड वाले मॉइस्चराइजर या अन्य प्रोडक्ट त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
  • ड्राई स्किन पर बार-बार स्क्रब या एक्सफोलिएशन करने से बचें।

ध्यान रहे, अगर किसी व्यक्ति की स्किन पहले से ड्राई हो तो स्किन को बहुत ज्यादा एक्सफोलिएट न करें। स्क्रब करने या कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल करने से त्वचा की बनावट में सुधार होने के बजाय जलन बढ़ सकती है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. सुनील के अनुसार, हर बार स्किन ड्राई होने की समस्या मौसम में बदलाव के कारण नहीं होती है। ऐसे में अगर स्किन की ड्राईनेस लगातार बनी हुई है, बहुत ज्यादा खुजली हो रही है, स्किन के फटने, दर्द होने, रेडनेस और रैशेज जैसी समस्याएं हों या मौसम से जुड़ी नॉर्मल ड्राईनेस से ज्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। स्किन ड्राईनेस की यह समस्या एक्जिमा, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस या सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों के कारण भी हो सकती है।

निष्कर्ष

बदलते मौसम में स्किन का ड्राई होना एक आम समस्या हो सकती है, लेकिन सही देखभाल से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। ड्राई स्किन से बचने के लिए ज्यादा गर्म पानी, हार्ड केमिकल वाले साबुन और जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन से बचना और नहाने के बाद नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लगाना फायदेमंद हो सकता है। अगर रूखापन लगातार बना रहे या उसके साथ खुजली, दर्द, दरारें और रेडनेस जैसी समस्या हो, तो इसे सिर्फ मौसम का असर मानकर नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि समय रहते स्किन की समस्या का इलाज किया जा सके।

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FAQ

  • ड्राई स्किन की पहचान कैसे करें?

    ड्राई स्किन की समस्या होने पर त्वचा में खिंचाव आने, खुरदरापन, तेज खुजली, त्वचा में दरार दिखने, जलन, दर्द और पपड़ी निकलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • ड्राई स्किन किसकी कमी के कारण होती है?

    ड्राई स्किन की समस्या शरीर में पानी की कमी, स्किन में नेचुरल ऑयल की कमी और शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण हो सकती है।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Priyanka Sharma
  • Aug 23, 2026 13:17 IST

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