Thu Oct 8, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shireen Furtado , Sr. Consultant – Medical & Cosmetic Dermatology

उमस वाले मौसम में भी त्वचा ड्राई क्यों हो जाती है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

उमस भरे मौसम में स्किन का ड्राई होना आम है। इस मौसम में बार-बार नहाना, एसी में रहना, कभी-कभी धूप होने और डिहाइड्रेशन हो सकते हैं, जिससे स्किन के ड्राई होने की समस्या हो सकती है।    
उमस वाले मौसम में भी त्वचा ड्राई क्यों हो जाती है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानेंउमस वाले मौसम में भी त्वचा ड्राई क्यों हो जाती है? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें

गर्मियों या उमस भरे मौसम में ज्यादातर लोगों को पसीना और ऑयली स्किन जैसी त्वचा से जुड़ी समस्याएं होती हैं, लेकिन कई लोगों को इस दौरान स्किन के ड्राई होने जैसी समस्याएं भी हो सकती है। कई लोग सोचते हैं कि ड्राई स्किन की समस्या सिर्फ सर्दियों में होती है, लेकिन गर्मियों या उमस में ऐसा होना एक आम समस्या है। स्किन के ड्राई होने के कारण लोगों को सफेद पपड़ी होने, त्वचा में खिंचाव होने, खुजली होने और त्वचा के बेजान होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में कई लोग यह समझ नहीं पाते कि जब मौसम में नमी और गर्मी है, तब भी त्वचा ड्राई क्यों हो रही है। ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।

उमस भरे मौसम में स्किन ड्राई क्यों होती है?

डॉ. शिरीन के अनुसार, उमस में स्किन के ड्राई होने की समस्या आम है, क्योंकि तेज धूप, रोज की आदतों, बार-बार नहाने और एसी में लंबे समय तक रहने जैसे कारणों से ज्यादा पसीना आता है, जिससे स्किन के नेचुरल ऑयल्स और मॉइस्चर कम हो जाते हैं। भले ही पसीना शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, लेकिन यह स्किन को हाइड्रेटेड नहीं रखता है। ज्यादा पसीना निकलने के कारण स्किन की नेचुरल नमी कम हो जाती है, जिससे स्किन के ड्राई होने, खुरदरी, खिंची-खिंची, पपड़ीदार, बेजान होने और खुजली होने जैसी समस्याएं होती हैं।

बता दें, नेचुरल ऑयल्स स्किन पर प्रोटेक्टिव बैरियर बनाते हैं, जो मॉइस्चर को बनाए रखते हैं। जिससे स्किन सॉफ्ट और हेल्दी रहती है।

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साल 2019 में Journal Of The European Academy of Dermatology and Venereology के अनुसार, गर्म मौसम और तापमान की वजह से शरीर में ज्यादा पसीना आता है, जिससे त्वचा में नमी, सीबम (तेल) का निकलना, त्वचा से पानी उड़ने की स्पीड और चिपचिपाहट बढ़ जाती है, जबकि त्वचा का पीएच स्तर कम हो जाता है। जब शरीर इस गर्म माहौल के आदि हो जाता है, तो पसीना सूखने की वजह से गालों की त्वचा की नमी कम होने लगती है।

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तेज धूप या उमस के कारण

उमस में या गर्मियों में तेज धूप और अधिक तापमान के कारण धूप स्किन बैरियर को कमजोर कर देती है, जिससे नमी तेजी से कम होने लगती है। अगर स्किन का धूप से बचाव न किया जाए तो स्किन को नुकसान हो सकता है।

बार-बार नहाना भी बन सकता है कारण

कई लोग गर्मियों में ताजगी के लिए और उमस भरे मौसम में चिपचिपेपन से राहत के लिए बार-बार नहाते हैं, लेकिन ऐसा करने के कारण स्किन के नेचुरल ऑयल्स कम हट जाते हैं। इसके अलावा, क्लोरीन वाले स्विमिंग पूल में तैरने, खारे पानी के संपर्क में आने और हार्ड साबुन या तेज क्लींजर का इस्तेमाल करने से स्किन के ऑयल्स कम हो जाते हैं और स्किन बैरियर कमजोर हो सकता है, जिससे स्किन ड्राई होने लगती है।

एयर कंडीशनर के कारण

गर्मी या उमस से बचने के लिए लोग लंबे समय के लिए एयर कंडीशनर (एसी) वाले कमरों में रहते हैं। एसी कमरे की नमी को कम कर देता है। जब आसपास की हवा में नमी कम होती है, तो स्किन में भी धीरे-धीरे नमी कम होने लगती है। ऐसे में लंबे समय तक एसी में रहने वाले लोगों की स्किन ड्राई होने लगती है। ऐसे में त्वचा की देखभाल पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

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शरीर में पानी की कमी के कारण

गर्मियों या उमस भरे मौसम में डिहाइड्रेशन भी एक आम वजह है, क्योंकि पसीने के जरिए शरीर से ज्यादा पानी निकल जाता है और अगर लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो स्किन अंदर से ड्राई हो सकती है। ऐसे में स्किन को हाइड्रेट करने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं।

उमस में ड्राई स्किन से राहत के उपाय

डॉ. शिरीन के अनुसार, उमस भरे मौसम में स्किन को ड्राई होने से बचाने के लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी स्किन केयर की आसान आदतों को अपनाना जरूरी है। इनसे त्वचा की नमी को बनाए रखा जा सकता है। इसके लिए हल्के क्लींजर का इस्तेमाल करें, गुनगुने पानी से नहाएं, नहाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं, रोज सनस्क्रीन लगाएं, एसी में नियमित मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें, पर्याप्त पानी पिएं और विटामिन्स, मिनरल्स एंव हेल्दी फैट्स से युक्त डाइट लें।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. शिरीन का कहना है, अगर स्किन के अधिक ड्राई होने, त्वचा में दर्दनाक दरारें पड़ने, स्किन की सही देखभाल करने के बाद भी सुधार न होने, स्किन इंफेक्शन और लगातार खुजली होने जैसी समस्याएं होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ताकि समय रहते किसी भी मेडिकल कंडीशन का समय रहते पता लगाया जा सके।

निष्कर्ष

उमस भरे मौसम में या गर्मियों में धूप में रहने, बार-बार नहाने, शरीर में पानी की कमी होने और लंबे समय तक एसी में बैठे रहने के कारण व्यक्ति को स्किन के ड्राई होने की समस्या हो सकती है। ऐसे में स्किन को हेल्दी रखने, सॉफ्ट और स्किन बैरियर को नुकसान से बचाने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखें, रोज स्किन को मॉइस्चराइज करें, धूप से बचें और हेल्दी डाइट लें। ध्यान रहे, स्किन में खुजली, जलन, इंफेक्शन और स्किन से जुड़ी कोई अन्य परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • उमस भरे मौसम में स्किन इंफेक्शन क्यों होता है?

    उमस भरे मौसम में अधिक पसीना आने, बैक्टीरिया के पनपने, पोर्स के बंद होने, स्किन बैरियर के कमजोर होने और त्वचा के ज्यादा रगड़ने के कारण लोगों में स्किन इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • उमस भरे मौसम में हेल्दी स्किन के लिए क्या करें?

    उमस भरे मौसम में स्किन को हेल्दी रखने के लिए दिन में 2 बार चेहरा धोएं, हल्के मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें, शरीर को हाइड्रेट रखें, सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और हैवी मेकअप का इस्तेमाल करने से बचें।  

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 29, 2026 21:05 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Shireen Furtado