आज के समय में ज्यादातर लोग ब्लड शुगर यानी डायबिटीज की समस्या से परेशान रहते हैं। इसके कारण आंखों, किडनी, हार्ट और शरीर के कई अन्य अंगों पर बुरा असर होता है। इसके अलावा, कई परेशानियां होती हैं, जो ब्लड शुगर के लक्षण हैं, लेकिन इस दौरान अक्सर लोग स्किन को नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार लोग त्वचा के रूखेपन, खुजली, खुरदरी या खुजली होने जैसी समस्या को आम समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru बताती हैं कि, हां, ब्लड शुगर के कारण स्किन के ड्राई होने की समस्या हो सकती है। स्किन की समस्या ब्लड शुगर से पीड़ित लोगों में देखी जाने वाली सबसे आम समस्याओं में से एक है।
डायबिटीज से स्किन ड्राई क्यों हो जाती है?
डॉ. शिरीन के अनुसार, जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर ज्यादा रहता है, तो शरीर बार-बार पेशाब के जरिए एक्स्ट्रा शुगर को बाहर निकालने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया के कारण शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी भी निकल जाता है, जिससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है। जब शरीर में पानी कम होता है, तो स्किन अपनी नेचुरल नमी खोने लगती है और रूखी, खुरदरी, कभी-कभी पपड़ीदार और बेजान दिखने लगती है।
इसके अलावा, डायबिटीज छोटी ब्लड वेसल्स को भी प्रभावित कर सकती है। जब स्किन तक पर्याप्त मात्रा में ब्लड, ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंचते, तो त्वचा का स्वास्थ्य कमजोर होने लगता है और उसकी नमी बनाए रखना मुश्किल हो जाता है।
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साल 2023 में Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित ओवरव्यू के अनुसार, डायबिटीज के साथ कई छोटी-बड़ी शारीरिक समस्याएं देखने को मिलती हैं। इनमें स्किन से जुड़ी समस्याएं डायबिटीज के मरीजों में बहुत आम हैं, जैसे स्किन का ड्राई होना, खुजली होना, रेड रैशेज होना, दाग-धब्बे बनना और शरीर में सूजन आना।
CDC के अनुसार, ड्राई स्किन की समस्या आम है और यह उन लोगों को भी हो सकती है, जिन्हें डायबिटीज नहीं है। लेकिन, ड्राई और खुजली वाली स्किन में ब्लड सर्कुलेशन सही न होने की वजह से भी हो सकती है, जिसका खतरा डायबिटीज के मरीजों में काफी ज्यादा रहती है।
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नसों की कमजोरी से भी होती है ड्राई स्किन की समस्या
डॉ. शिरीन बताती हैं, समय के साथ डायबिटीज नसों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। खासकर पैरों, टांगों और तलवों में। नसों के प्रभावित होने पर पसीना बनने की प्रक्रिया कम हो सकती है। नॉर्मली पसीना स्किन को नेचुरल नमी देने में मदद करता है, लेकिन जब पसीना कम बनने लगता है, तो त्वचा पहले से ज्यादा ड्राई महसूस होने लगती है।
शरीर के किन हिस्सों में ज्यादा होती है ड्राई स्किन?
डॉ. शिरीन के अनुसार, त्वचा का रूखापन शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन डायबिटीज में कुछ जगह ज्यादा प्रभावित होते हैं। इनमें मुख्य रूप से पैरों, टांगों का निचला हिस्से, हाथों और कोहनियां शामिल हैं।
अगर समय रहते त्वचा की देखभाल नहीं की जाए, तो ज्यादा रूखापन के कारण त्वचा में दरारें पड़ सकती हैं और इन दरारों से बैक्टीरिया और फंगस अंदर जा सकते हैं। जिससे स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ये इंफेक्शन धीरे-धीरे ठीक हो सकते हैं, क्योंकि डायबिटीज में घाव नॉर्मल लोगों की तुलना में धीरे-धीरे भरते हैं, इसलिए इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।
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डायबिटीज में त्वचा पर ध्यान देना क्यों है जरूरी?
डॉ. शिरीन कहना है कि, डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपनी स्किन पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि स्किन की छोटी-छोटी समस्याएं भी गंभीर रूप ले सकती है। कई बार ब्लड शुगर की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को पैरों में चोट या दरार होने पर इसका पता नहीं चलता क्योंकि नसों को होने वाले नुकासान के कारण पैरों में महसूस करने की क्षमता कम हो सकती है। अगर ऐसी स्थिति में इंफेक्शन हो जाए और टाइम से उसका इलाज न किया जाए, तो समस्या बढ़ सकती है। इसलिए स्किन में किसी भी तरह का बदलाव होने, लगातार खुजली, ज्यादा ड्राइनेस रूखापन या घाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
डायबिटीज में स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
डॉ. शिरीन बताती हैं, डायबिटीज में स्किन की देखभाल करने या इसको हेल्दी रखने के लिए सबसे जरूरी स्टेप है, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना। जब ब्लड शुगर बैलेंस रहता है, तो स्किन से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है। इसके अलावा, स्किन की ड्राइनेस को कम करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। जैसे -
- हर दिन पर्याप्त पानी पीना।
- हार्ड साबुन के इस्तेमाल से बचें।
- नहाने के लिए गर्म पानी के बजाए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।
- रोजाना बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइजर लगाएं। ये स्किन को हेल्दी रखने और रूखापन कम करने में मदद कर सकता है।
- ब्लड शुगर की नियमित जांच करें।
डॉ. शिरीन आगे कहती हैं, डायबिटीज में पैरों की खास देखभाल करनी चाहिए। हर दिन पैरों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए ताकि पैरों में कट, छाले, रेडनेस, सूजन या त्वचा में दरार जैसी किसी भी समस्या का समय पर पता चल सके। अक्सर कमजोर नसों के कारण पैरों की चोट का पता नहीं चलता है।
डॉ. शिरीन कहती हैं, डायबिटीज में पैरों की किसी भी समस्य से बचाने के लिए आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें, बिना चप्पल या जूते के नंगे पैर चलने से बचें। अगर पैरों में कोई घाव बन जाए और वो जल्दी ठीक न हो रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर स्किन की ड्राइनेस रूखापन बहुत ज्यादा बढ़ जाए और इसके साथ तेज खुजली, रेडनेस, सूजन, दर्द या किसी तरह का डिस्चार्ज हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि ये इंफेक्शन के लक्षण हो सकते हैं, जिसके लिए इलाज की जरूरत होती है।
ध्यान रहे, डायबिटीज में ड्राई स्किन को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह ब्लड शुगर के अनियंत्रित होने या आगे होने वाली परेशानी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
निष्कर्ष
डायबिटीज के कारण स्किन ड्राई हो सकती है। ब्लड शुगर के कारण बार-बार यूरिन जाने के कारण इन लोगों के शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जो ड्राइनेस का कारण बन सकती है। यह शरीर में ब्लड शुगर के अनियंत्रित होने का संकेत भी हो सकती है। ऐसे में इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में हेल्दी स्किन के लिए शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने, रोजाना स्किन को मॉइस्चराइज करने, स्किन की देखभाल सावधानी से करने और नियमित रूप से त्वचा की जांच करवाने के साथ-साथ ब्लड ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखने से परेशानी काफी कम हो सकती है, इंफेक्शन का खतरा कम हो सकता है और स्किन को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है। ध्यान रहे, स्किन से जुड़ी या ब्लड शुगर के कारण कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
डायबिटीज में त्वचा के कौन-से हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं?
डायबिटीज की स्थिति में ड्राइनेस वैसे तो पूरे शरीर पर हो सकता है, लेकिन यह ज्यादातर पैरों, टांगों के निचले हिस्से, हाथों और कोहनियों पर देखी जाती है।डायबिटीज में ड्राई स्किन को नजरअंदाज क्यों नहीं करना चाहिए?
ज्यादा ड्राइनेस के कारण त्वचा में दरारें पड़ सकती हैं, जिनसे बैक्टीरिया और फंगस अंदर जाकर इंफेक्शन फैला सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों में घाव और इंफेक्शन बहुत धीरे-धीरे ठीक होते हैं, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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Jul 24, 2026 13:21 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Shireen Furtado