Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

चेहरे पर बार-बार पिंपल्स का कारण कहीं तनाव और नींद की कमी तो नहीं? डॉक्टर से समझें कनेक्शन

Acne Breakouts: चेहरे पर बार-बार पिंपल्स का बहुत बड़ा कारण तनाव और नींद की कमी को माना जाता है। असल में, इसकी वजह से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे स्किन के ऑयल ग्लैंड्स एक्टिव हो जाते हैं और पिंपल होने लगते हैं।

जैसे ही चेहरे पर पिंपल होते हैं, हम उसे हार्मोनल बदलाव से जोड़कर देखने लगते हैं। इसलिए, यही माना जाता है कि किशोरावस्था में पिंपल अधिक होते हैं, क्योंकि वे प्यूबर्टी से गुजर रहे होते हैं। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि कई बार चेहरे पर बार-बार हो रहे पिंपल तनाव और नींद की कमी से भी हो सकते हैं। असल में, इनका आपस में गहरा संबंध है। इस लेख में हम इनके आपस के कनेक्शन को बेहतर तरीके से समझेंगे। इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की।

क्या तनाव और नींद की कमी के कारण चेहरे पर पिंपल हो सकते हैं?

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साल 2025 में जर्नल Dermatology Practical & Conceptual में प्रकाशित कई अध्ययनों के निष्कर्ष से इस बात का पता चलता है कि खराब नींद, अनिद्रा और नींद की कमी से शरीर में हार्मोनल असंतुलन, तनाव, सूजन और इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी पैदा होती है। ऐसे में चेहरे पर मुंहासे हो सकते हैं और यह समस्या बार-बार हो सकती है।

डॉ. करुणा मल्होत्रा समझाती हैं, "नींद की कमी और तनाव, दोनों ही हमारे सेहत के लिए सही नहीं है। इसका नेगेटिव असर हमारी त्वचा पर भी पड़ता है। दरअसल, नींद की कमी हो या अधिक तनाव हो, दोनों ही स्थिति में हमारे शरीर में हार्मोनल बदलव होने लगते हैं। ऐसे में हमारी त्वचा की तेल उत्पन्न करने की वाली ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं, जिसकी वजह से त्वचा ऑयली हो जाती है।" डॉ. करुणा मल्होत्रा आगे कहती हैं, "ऑयली स्किन में बार-बार पिंपल होने का रिस्क हमेशा बना रहता है, क्योंकि ऐसी त्वचा पर गंदगी आसानी से चिपक जाती है। अगर समय-समय पर त्वचा को साफ न किया जाए, तो स्किन पोर्स बंद हो जाते हैं और पिंपल होने लगते हैं।"

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तनाव और नींद की कमी के कारण बार-बार पिंपल क्यों होते हैं?

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हार्मोन का पिंपल पर असर

1. कोर्टिसोल का बढ़नाः डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "रोजाना 7-8 घंटे की पूरी नींद लेना जरूरी है। अक्सर तनाव के कारण लोग पूरी नींद नहीं ले पाते हैं। ऐसे में शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। यह स्किन में पिंपल और डलनेस का कारण बनता है।"

2. ग्रंथी का सक्रिय होनाः जब शरीर में तनाव का स्तर बढ़ जाता है, तो इसकी वजह से ऑयल ग्लैंड अधिक एक्टिव हो जाते हें। दरअसल, जब शरीर तनाव में होता है, जिसकी वजह से शरीर में सूजन बढ़ जाती है। इस स्थिति में हमारे ऑयल ग्लैंड अतिरिक्त मात्रा में ऑयल प्रोड्यूस करने लगते हैं।

3. स्किन पोर्स का बंद होनाः जब स्किन में अतिरिक्त मात्रा में ऑयल प्रोड्यूस होता है, तो इसकी वजह से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। स्किन पोर्स का बंद होना सही नहीं है। यही कारण है कि डाॅक्टर सलाह देते हैं कि ऑयली स्किन होने पर चेहरे को दिनभर में दो बार जरूर धोना चाहिए। असल में, ऑयली स्किन पर गंदगी आसानी से चिपक जाती है, जिससे त्वचा में पिंपल होने लगते हैं।

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शरीर में बढ़ी सूजन

जब कोई पर्याप्त नींद नहीं लेता है और अक्सर तनाव में रहता है, तो इस स्थिति में शरीर में सूजन बढ़ जाती है, जिससे शरीर का इम्यूनिटी अपने आप कमजोर हो जाती है। इससे त्वचा संबंधी कुछ नुकसान होने लगते हैं, जैसे-

1. त्वचा में रेडनेस होनाः जब कोई पर्याप्त नींद नहीं लेता है, जिसकी वजह से तनाव का स्तर अपने आप बढ़ जाता है। वहीं, नींद के कमी के कारण इम्यून प्रोटीन जैसे IL-6 आदि की मात्रा शरीर में बढ़ जाती है। ये ऐसे तत्व हैं, जो त्वचा की रेडनेस और सूजन को बढ़ाते हैं, जिससे पिंपल के बार-बार होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

2. धीमी रिकवरीः गहरी नींद में शरीर अपने आप रिपेयर मोड में चला जाता है। इस दौरान मसल्स रिपेयर, स्किन रिपेयर और कोलेजन का निर्माण भी होता है। इसके विपरीत, अगर कोई पूरी नींद नहीं लेता है, तो इसकी वजह से स्किन रिपेयर नहीं होती है या रिपेयर होने में अधिक समय लगता है। यह स्थिति स्किन के लिए सही नहीं होती है।

3. सुरक्षात्मक लेयर में कमजोरीः अच्छी और गहरी नींद नहीं लेने के कारण और लंबे समय से तनाव में रहने के कारण कोलेजन का निर्माण बाधित होता है। इसका बुरा प्रभाव हमारी त्वचा की सुरक्षात्मक लेयर पर पड़ता है। ऐसे में त्वचा का मॉइश्चर कम हो जाता है और स्किन में जलन या अन्य समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं। 

Dermis नाम के मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर से भी यह स्पष्ट होता है कि त्वचा रिपेयर होने के लिए स्किन के लिए जरूरी मेडिसिन के साथ-साथ अच्छी और गहरी नींद लेना भी जरूरी है।

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निष्कर्ष

नींद और तनाव, दोनों के कारण स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसमें पिंपल होना भी शामिल है। अगर किसी महिला को बार-बार पिंपल हो रहे हैं, तो उन्हें इसके कारण पर ध्यान देना चाहिए। अगर आप किसी बात को लेकर तनाव में हैं, तो बेहतर है कि उसे मैनेज करने की कोशिश करें। इसके साथ-साथ गहरी नींद पर जोर दें। अगर रात को नींद नहीं ले पाते हैं, तो स्लीप हाइजीन पर ध्यान दें। इसका मतलब है कि सोने से पहले मोबाइल को खुद से दूर कर लें, कमरे की बत्ती बुझा दें और सोने के लिए रोजाना किसी एक निश्चित समय पर ही जाएं।

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FAQ

  • क्या रात में अचानक पिंपल आने पर बर्फ लगा सकते हैं?

    हां, पिंपल पर सूती कपड़े में बर्फ लपेट लगाना अच्छा होता है। इससे प्रभावित हिस्से का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, सूजन कम होती है, रेडनेस और दर्द में भी तुरंत कमी आती है। हालांकि, बर्फ को सीधे पिंपल पर लगाने से बचें और न बर्फ को त्वचा पर तेज-तेज रगड़ें।
  • ऑयली स्किन वाले लोगों को पिंपल से बचने के लिए दिन में कितनी बार मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए?

    ऑयली स्किन पर मॉइश्चराइजर लगाने से बचना चाहिए। अगर आप मॉइश्चराइजर लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए दिन में 2 बार (सुबह-रात) ऑयल-फ्री, नॉन-कॉमेडोजेनिक और जेल-बेस्ड मॉइश्चराइजर का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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  • Current Version

    Aug 19, 2026 14:10 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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